
“न्यूज़ डेस्क”
आगरा: उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व वाली सरकार के 9 वर्षों के सफल कार्यकाल पर महिला कल्याण, बाल विकास एवं पुष्टाहार मंत्री बेबी रानी मौर्य ने प्रेस वार्ता में प्रदेश में महिला सशक्तिकरण और बच्चों के कल्याण की व्यापक उपलब्धियों का विवरण प्रस्तुत किया। मंत्री ने बताया कि अब उत्तर प्रदेश में महिलाओं और बच्चों के लिए केवल योजनाएं नहीं हैं, बल्कि यह सुरक्षा, सम्मान, पोषण, शिक्षा, स्वावलंबन और सामाजिक न्याय का एक समग्र मॉडल बन गया है।
महिला सुरक्षा और अपराध नियंत्रण में सफलता
बेबी रानी मौर्य ने कहा कि योगी सरकार की ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति के परिणाम स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहे हैं। प्रदेश में महिला अपराधों में भारी कमी आई है। यूपी-112 का रिस्पांस टाइम 1 घंटे 5 मिनट से घटकर अब मात्र 6 मिनट 41 सेकंड रह गया है। बलात्कार की घटनाओं में 33.92%, अपहरण में 17.03% और घरेलू हिंसा में 9.54% की कमी दर्ज की गई है। प्रदेश के हर थाने में मिशन शक्ति केंद्र स्थापित किए गए हैं और महिलाओं के लिए यूपी पुलिस में 20% पद आरक्षित किए गए हैं, जिसके परिणामस्वरूप 44,000 से अधिक महिलाएं पुलिस बल का हिस्सा बन चुकी हैं।

इसके साथ ही, प्रदेश में 3 नई महिला पी.ए.सी. बटालियन का गठन और हर जिले में एंटी रोमियो स्क्वायड की तैनाती की गई है। इन पहलों से महिलाओं के लिए सुरक्षा का स्तर काफी ऊँचा हुआ है।
स्वास्थ्य, पोषण और मातृ-शिशु कल्याण में सुधार
मंत्री ने बताया कि प्रदेश में मातृ-शिशु स्वास्थ्य और पोषण के क्षेत्र में अभूतपूर्व सुधार हुआ है। प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना से 60 लाख माताओं को लाभ मिला है। ग्रामीण क्षेत्रों में प्रसव पर 1400 और शहरी क्षेत्रों में 1000 की सहायता प्रदान की जा रही है। संस्थागत प्रसव का आंकड़ा 84% के पार पहुंच गया है।

इसके अलावा, 0 से 5 वर्ष के बच्चों में स्टंटिंग की दर में 6.6% और अंडरवेट दर में 7.5% की कमी हुई है। आंगनबाड़ी केंद्रों में ‘संभव अभियान’ के तहत तकनीक का उपयोग कर पोषण ट्रैकर से कुपोषण के खिलाफ युद्ध स्तर पर काम किया जा रहा है।
कन्या सुमंगला और बाल कल्याण योजनाओं के लाभ
कन्या सुमंगला योजना के तहत अब तक 26.81 लाख बेटियों को लाभान्वित किया गया है। मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना (कोविड व सामान्य) के माध्यम से 1.05 लाख से अधिक बेसहारा बच्चों को संरक्षण मिला है। मिशन वात्सल्य के अंतर्गत 1 लाख से अधिक बच्चों को उनके परिवार से मिलाया गया।

इसके साथ ही, मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के अंतर्गत 5.20 लाख बेटियों के हाथ पीले कराए गए हैं। इन पहलों ने महिलाओं और बच्चों के जीवन को सुरक्षित और सम्मानजनक बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
आर्थिक सशक्तिकरण: लखपति दीदी और महिला उद्यमी
बेबी रानी मौर्य ने स्पष्ट किया कि महिलाओं का असली सशक्तिकरण आर्थिक स्वतंत्रता से आता है। प्रदेश में 1 करोड़ से अधिक महिलाएं स्वयं सहायता समूहों (एसएचजी) से जुड़ी हैं। ‘लखपति दीदी योजना’ के तहत 18.55 लाख से अधिक महिलाएं लखपति बन चुकी हैं।

39,885 बीसी सखियों ने 42,711 करोड़ का लेनदेन कर 116 करोड़ का लाभांश अर्जित किया। वहीं, 15,409 विद्युत सखियों ने करोड़ों का बिल कलेक्शन कर कमीशन कमाया। औद्योगिक क्षेत्रों में महिलाओं को नाइट शिफ्ट में काम करने की अनुमति दी गई, जिससे महिला श्रम भागीदारी 13% से बढ़कर 36% हो गई।
आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों और सहायिकाओं को मिला सम्मान
मंत्री ने बताया कि 1.90 लाख से अधिक आंगनबाड़ी केंद्रों को प्री-स्कूल के रूप में अपग्रेड किया जा रहा है। आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों व सहायिकाओं का मानदेय अप्रैल 2026 से बढ़ाया जाएगा। उन्हें जीवन ज्योति और सुरक्षा बीमा योजनाओं से जोड़ा गया है।

समग्र निष्कर्ष: सुरक्षित, सक्षम और स्वावलंबी नारी
बेबी रानी मौर्य ने कहा कि योगी सरकार की नीति और पारदर्शी कार्यान्वयन के कारण अब यूपी की महिलाएं केवल नौकरी ढूंढने तक सीमित नहीं हैं। वे नए अवसर सृजित कर रही हैं और समाज में सकारात्मक बदलाव ला रही हैं। “सुरक्षित नारी, सक्षम नारी, स्वावलंबी नारी” – यही आज के नए और समृद्ध उत्तर प्रदेश की मजबूत आधारशिला है।



