बिजनौर: व्रत में कुट्टू का आटा बना जहर, 10 श्रद्धालु हुए बीमार, अस्पताल में भर्ती, जांच जारी

रिपोर्ट – ताबिश मिर्जा
बिजनौर: नवरात्रि के पावन अवसर पर व्रत रखने वाले श्रद्धालुओं के लिए एक अप्रत्याशित घटना सामने आई है। मंडावली क्षेत्र में व्रत के लिए बनाए गए कुट्टू के आटे से तैयार भोजन खाने के बाद लगभग 10 श्रद्धालु बीमार हो गए। उन्हें उल्टी, चक्कर और घबराहट जैसी समस्याओं के चलते तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया।
इस घटना ने स्थानीय लोगों में चिंता और भय का माहौल बना दिया, जबकि अधिकारियों ने फौरन स्थिति को संभालने और जांच शुरू करने की जिम्मेदारी उठाई।

यह रहा घटना का क्रम
मंडावली क्षेत्र के निवासी अपनी पारंपरिक नवरात्रि व्रत के फलाहार के लिए कुट्टू का आटा इस्तेमाल करते हैं। इस बार, आटे के सेवन के तुरंत बाद ही कुछ श्रद्धालुओं की तबीयत बिगड़ने लगी।
श्रद्धालुओं में उल्टी, चक्कर और कमजोरी के लक्षण दिखाई दिए। कुछ लोगों की हालत इतनी गंभीर हो गई कि उन्हें तत्काल प्राइवेट अस्पताल में भर्ती कराया गया। डॉक्टरों ने प्राथमिक जाँच में फूड पॉइजनिंग की संभावना जताई।

अस्पताल में जारी है सभी का इलाज
अस्पताल में भर्ती श्रद्धालुओं को चिकित्सकों ने तुरंत आवश्यक उपचार दिया। चिकित्सकों ने बताया कि सभी मरीजों को हाइड्रेशन और एंटीऑक्सिडेंट दवाओं के साथ सुरक्षित रखा गया है। सौभाग्य से, किसी की हालत गंभीर नहीं है और सभी धीरे-धीरे सुधार की ओर हैं।
अस्पताल प्रशासन ने बताया कि जांच के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि कुट्टू के आटे में किस तरह की मिलावट या संक्रमण शामिल था।

स्थानीय लोगों और प्रशासन की प्रतिक्रिया
मंडावली के स्थानीय लोगों ने बताया कि व्रत के दौरान कुट्टू का आटा पारंपरिक रूप से बनाया और इस्तेमाल किया जाता है। इस बार आटे की गुणवत्ता में किसी प्रकार की कमी या मिलावट ने कई लोगों की तबीयत बिगाड़ दी।
इस घटना के बाद प्रशासन ने तुरंत एहतियात बरतते हुए सभी संबंधित खाद्य सामग्रियों की जाँच शुरू कर दी है। अधिकारियों ने यह भी कहा कि किसी भी प्रकार की लापरवाही पाए जाने पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

श्रद्धालुओं की सुरक्षा और जागरूकता की जरुरत
विशेषज्ञों का कहना है कि त्योहारों के दौरान विशेष रूप से व्रत के समय भोजन की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देना आवश्यक है। खाद्य सुरक्षा और साफ-सफाई का पालन करने से इस तरह की अप्रत्याशित घटनाओं को रोका जा सकता है।
इसके अलावा, लोगों को यह सलाह दी गई है कि यदि किसी को उल्टी, चक्कर या बेचैनी जैसे लक्षण दिखाई दें तो तुरंत डॉक्टर की सलाह लें और घर पर ही प्रतीक्षा न करें।
अधिकारियों ने शुरू की जांच
मंडावली क्षेत्र में फूड सेफ्टी और स्वास्थ्य विभाग ने तुरंत जाँच शुरू कर दी है। आटे के स्रोत, पैकेजिंग और वितरण प्रक्रिया की जांच की जा रही है। साथ ही, यह देखा जा रहा है कि कहीं आटे में कोई हानिकारक तत्व या बैक्टीरिया तो नहीं था। जाँच में किसी भी लापरवाही या नियमों के उल्लंघन पाए जाने पर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

त्योहार में रहती है सुरक्षा की आवश्यकता
नवरात्रि के दौरान व्रत का फलाहार विशेष रूप से श्रद्धालुओं के लिए महत्वपूर्ण होता है। इस प्रकार की घटनाओं ने यह संदेश दिया है कि त्योहारों में आहार की सुरक्षा और स्वच्छता पर कोई समझौता नहीं होना चाहिए। इस घटना के बावजूद, श्रद्धालुओं ने अपनी आस्था को बनाए रखा और अधिकारियों के निर्देशों के अनुसार सुरक्षित भोजन का सेवन करने का निर्णय लिया।
सावधानी की है बेहद जरुरी
कुल मिलाकर, बिजनौर की यह घटना खाद्य सुरक्षा और त्योहारों में सावधानी के महत्व को उजागर करती है। व्रत के दौरान कुट्टू के आटे से तैयार भोजन ने कई लोगों की तबीयत बिगाड़ दी, लेकिन समय पर चिकित्सा सहायता और प्रशासन की तत्परता ने स्थिति को नियंत्रित किया।

अधिकारियों ने भरोसा दिलाया है कि जांच पूरी निष्पक्ष होगी और दोषियों को सख्त सजा मिलेगी। इस घटना ने न केवल लोगों में जागरूकता बढ़ाई है, बल्कि यह भी स्पष्ट किया कि त्योहारों के दौरान भोजन की सुरक्षा और गुणवत्ता पर किसी प्रकार का समझौता नहीं किया जाना चाहिए।
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