
रिपोर्ट – ब्रजेश शर्मा
बाराबंकी: घूंघटेर थाना क्षेत्र से एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। खतौली ग्राम सभा के बोधिनी गांव में रहने वाले पति-पत्नी के बीच गैस सिलेंडर को लेकर हुए विवाद ने स्थानीय लोगों को चौकाया। इस विवाद में पत्नी घर छोड़कर चली गई और घर पर उनका 5 महीने का बच्चा अकेला रह गया।
विस्तार से पढ़िए पूरा मामला
अनिल कुमार और सुमन देवी की शादी लगभग दो साल पहले हुई थी। सोमवार सुबह अनिल कुमार नाइट ड्यूटी से लौटे और घर में खाना माँगा। हालांकि, उन्हें घर में खाना नहीं मिला। जब उन्होंने पत्नी से पूछा, तो सुमन देवी ने साफ कहा कि वह अब चूल्हे पर खाना नहीं बनाएंगी।

इसके पीछे कारण था कि गैस सिलेंडर भरवाया नहीं गया था। सुमन देवी ने कहा कि पहले गैस सिलेंडर भरवाया जाए, तभी खाना बनाया जाएगा। जब गैस सिलेंडर नहीं मिला, तो गुस्से में वह घर छोड़कर चली गई।
पत्नी अपने साथ ले गई यह
सूत्रों के अनुसार, सुमन देवी अपने साथ कुछ कपड़े और लगभग हजार रुपये भी लेकर गई हैं। इसके साथ ही घर पर उनका 5 महीने का बच्चा अकेला रह गया, जिससे परिवार और पड़ोसियों में चिंता की स्थिति बनी है।

पति ने थाने जाकर की शिकायत
घटना के तीन दिन बाद अनिल कुमार ने स्थानीय पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने मामला दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी है। फिलहाल, सुमन देवी का कोई पता नहीं चल पाया है। पुलिस ने आसपास के क्षेत्रों में तलाशी शुरू कर दी है।
पड़ोसियों और गांव वालों के बीच जमकर हो राइ चर्चा
गांव के लोग इस घटना से हैरान हैं और कह रहे हैं कि परिवार में इस तरह की घटना दुर्लभ है। वहीं, पड़ोसियों का कहना है कि यह केवल एक मामूली घरेलू विवाद था, लेकिन इसके कारण परिवार में तनाव और बच्चे की सुरक्षा पर चिंता उत्पन्न हुई।

जानिए सामाजिक और कानूनी पहलू
इस घटना से यह स्पष्ट होता है कि घरेलू विवाद भी कभी-कभी गंभीर रूप ले सकते हैं। ऐसे मामलों में पुलिस और समाज दोनों की भूमिका महत्वपूर्ण होती है। स्थानीय प्रशासन ने कहा कि बच्चा सुरक्षित है और परिवार के सदस्यों को समझाने का प्रयास किया जा रहा है।
इसके अलावा, पुलिस ने यह भी सलाह दी है कि घरेलू मामलों में विवाद को बातचीत और समझौते के जरिए हल करना चाहिए। साथ ही, यदि कोई सदस्य अचानक घर छोड़कर जाता है, तो इसे गंभीरता से लिया जाए और तुरंत संबंधित अधिकारियों को सूचित किया जाए।
सभी माता-पिता और बच्चों के लिए संदेश
इस घटना से यह भी संदेश मिलता है कि छोटे बच्चों की सुरक्षा और देखभाल हमेशा प्राथमिकता होनी चाहिए। बच्चों को अकेले घर पर नहीं छोड़ना चाहिए, भले ही कारण मामूली विवाद ही क्यों न हो।

इसके अलावा, पति-पत्नी के बीच किसी भी समस्या को हल करने के लिए परिवार और पड़ोसियों का सहयोग आवश्यक है। साथ ही, पुलिस या सामाजिक कार्यकर्ताओं से मदद लेना भी उचित रहता है।
है तो घरेलु मामला लेकिन सिलेंडर की किल्लत है दर्शाती
बाराबंकी के बोधिनी गांव की यह घटना यह याद दिलाती है कि घरेलू विवाद कभी-कभी अप्रत्याशित रूप ले सकते हैं। हालांकि, अब मामला पुलिस की निगरानी में है और बच्चे की सुरक्षा सुनिश्चित की गई है।
अनिल कुमार और सुमन देवी के बीच की यह घटना इस बात को भी उजागर करती है कि छोटे-छोटे घरेलू मुद्दों को समझदारी और संयम से हल करना कितना आवश्यक है। भविष्य में ऐसी परिस्थितियों से बचने के लिए संवाद और आपसी समझ पर जोर देना चाहिए।



