कानपुर में अवैध कोडीन कफ सिरप का भंडाफोड़, 25,000 के इनामिया तस्कर की गिरफ्तारी

कानपुर, उत्तर प्रदेश: कानपुर पुलिस ने नशीली दवाओं के अवैध कारोबार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस कमिश्नर के निर्देशों के तहत अपराधियों के खिलाफ चलाए गए विशेष अभियान के तहत, अवैध कोडीन कफ सिरप और Alprazolam टैबलेट्स के बड़े जखीरे का पर्दाफाश किया गया। इस कार्रवाई में पुलिस ने 25,000 के इनामिया तस्कर को गिरफ्तार कर लिया, जिससे नशीली दवाओं के खिलाफ एक और महत्वपूर्ण कदम उठाया गया।
कानपुर पुलिस की बड़ी कार्रवाई
कानपुर पुलिस ने देवनगर और अनवरगंज स्थित बालाजी मेडिकल स्टोर पर छापेमारी की, जिसमें 2100 बोतलें Phenycpik-T सिरप और 10,800 Alprazolam टैबलेट्स बरामद की गईं। ये सभी नशीली दवाएं अवैध रूप से व्यापार में इस्तेमाल हो रही थीं। इस छापेमारी में पुलिस ने अपराधियों के खिलाफ ठोस कार्रवाई करते हुए लाखों रुपये के अवैध कारोबार का खुलासा किया।
पुलिस द्वारा की गई जांच से यह भी पुष्टि हुई कि आरोपी ने डिजिटल साक्ष्य को मिटाने की कोशिश की थी। पुलिस के अधिकारियों ने यह भी बताया कि आरोपी के खिलाफ पहले से ही विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज था।
शातिर तस्कर की गिरफ्तारी
इस पूरे ऑपरेशन में सबसे महत्वपूर्ण गिरफ्तार आरोपी था, जो ₹25,000 का इनामिया तस्कर था। तस्कर का नाम सुमित केसरवानी था, और उसे गुप्त सूत्रों और तकनीकी साधनों की मदद से पकड़ लिया गया। आरोपी को रायपुरवा थाना क्षेत्र में गिरफ्तार किया गया। एनडीपीएस (नशीली दवाओं और साइकोट्रोपिक पदार्थ) अधिनियम के तहत आरोपी के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है।
कानपुर पुलिस की रणनीति
पुलिस ने इस कार्रवाई को सफल बनाने में विशेष रूप से अपराध शाखा के प्रभारी निरीक्षक सूर्यबली पांडेय, उप निरीक्षक अनुराग मिश्रा, उप निरीक्षक रोहित यादव और साइबर टीम के अरुण अत्रि तथा नितिन की अहम भूमिका बताई। इन अधिकारियों ने अपनी सूझबूझ और कड़ी मेहनत से न केवल तस्कर को पकड़ा, बल्कि अपराध के नेटवर्क को भी तोड़ा।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यह सिर्फ शुरुआत है, और नशीली दवाओं के अवैध कारोबार के खिलाफ उनकी कार्रवाई लगातार जारी रहेगी। कानपुर पुलिस का यह अभियान समाज में नशीली दवाओं के खिलाफ जागरूकता फैलाने और इसके अवैध व्यापार को खत्म करने के लिए बेहद महत्वपूर्ण है।
नशीली दवाओं का बढ़ता खतरा
नशीली दवाओं का कारोबार समाज के लिए एक गंभीर समस्या बन चुका है। खासकर कोडीन युक्त कफ सिरप और Alprazolam जैसी दवाओं का अवैध तरीके से उपयोग और व्यापार युवाओं को नशे की लत में डाल रहा है। ये दवाएं न केवल शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य को नुकसान पहुंचाती हैं, बल्कि समाज में अपराध और अव्यवस्था को भी बढ़ावा देती हैं।
इसी कारण से पुलिस द्वारा किए गए इस ऑपरेशन को एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इससे न केवल कानपुर शहर में नशीली दवाओं के अवैध कारोबार को कम करने में मदद मिलेगी, बल्कि अन्य शहरों में भी ऐसे मामलों की रोकथाम में मदद मिल सकती है।
सख्त अभियान जारी रहेगा
कानपुर पुलिस ने यह स्पष्ट किया है कि नशीली दवाओं के अवैध कारोबार के खिलाफ उनका अभियान सख्ती से जारी रहेगा। इसके साथ ही, पुलिस ने आम जनता से भी अपील की है कि वे इस तरह के अवैध कारोबार के खिलाफ जानकारी पुलिस को दें ताकि इस पर जल्द से जल्द काबू पाया जा सके।
पुलिस का कहना है कि इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए सामूहिक प्रयास जरूरी हैं। जनता की जागरूकता और पुलिस की सख्त कार्रवाई से ही नशीली दवाओं के अवैध व्यापार को समाप्त किया जा सकता है।
ये हो सकती है भविष्य की रणनीतियां
अभी तक की सफलता को देखते हुए पुलिस ने भविष्य में और भी सख्त कदम उठाने की योजना बनाई है। पुलिस कमिश्नर ने निर्देश दिए हैं कि न केवल कानपुर, बल्कि पूरे उत्तर प्रदेश में नशीली दवाओं के अवैध कारोबार को रोकने के लिए और अधिक कठोर कार्रवाई की जाए। इसके तहत मेडिकल स्टोर, फार्मेसी और अन्य ऐसे संस्थानों की नियमित निगरानी की जाएगी, जहां से नशीली दवाओं का अवैध कारोबार होता है।
इसके अलावा, पुलिस ने साइबर टीम की मदद से इंटरनेट पर नशीली दवाओं के व्यापार को ट्रैक करने की भी योजना बनाई है। इसके तहत सोशल मीडिया और अन्य डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर होने वाले इस तरह के अवैध कारोबार को रोका जाएगा।



