Kanpur Dehat: अंधेरा होते ही इस गांव में दिखता है तेंदुए का आतंक, दहशत और फोटो से मचा हंगामा

रिपोर्ट – विवेक कृष्ण दीक्षित
कानपुर देहात: राजपुर और सट्टी क्षेत्र में तेंदुए का आतंक बढ़ता जा रहा है। तेंदुए की गतिविधियों के कारण इलाके के दर्जनों गांवों में दहशत फैल गई है। ग्रामीण रात भर अपने घरों में बंद रहने को मजबूर हैं। यह खबर वायरल हो रही तस्वीरों के माध्यम से और भी ज्यादा चर्चा में आई, जिसमें तेंदुआ गांव के पास के जंगलों में घूमता हुआ दिखाई दे रहा था।
वन विभाग की चुप्पी और प्रशासन की निष्क्रियता के चलते स्थानीय लोग खौफ में जी रहे हैं। गांवों के लोग इस संकट से उबरने के लिए प्रशासन से सहायता की उम्मीद लगाए हुए हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए हैं। कई लोग आरोप लगा रहे हैं कि वन विभाग पूरी तरह से सोया हुआ है, जबकि तेंदुआ गांवों के आसपास स्वच्छंद रूप से घूम रहा है और इसका कोई समाधान नहीं निकल रहा।
### तेंदुए का आतंक बढ़ा, गांवों में सन्नाटा
राजपुर पट्टी और सट्टी थाना क्षेत्र में तेंदुए के आतंक ने पूरे इलाके को हिलाकर रख दिया है। ग्रामीणों ने बताया कि तेंदुआ दिन के समय तो जंगल में रहता है, लेकिन रात होते ही वह गांवों की ओर बढ़ने लगता है। एक वायरल फोटो में तेंदुआ जंगल के नजदीक दिख रहा है, जो अब गांव वालों के लिए एक बड़ा खतरा बन गया है।
वायरल हुई तस्वीरों में तेंदुआ एक खेत के पास घूमते हुए नजर आ रहा है, जो कि इलाके में भय का कारण बन चुका है। इसके बाद से, इन गांवों में रात का वक्त काफी डरावना हो गया है। किसी भी गांव में शाम होते ही सन्नाटा पसर जाता है, और लोग अपने-अपने घरों में कैद हो जाते हैं।
वन विभाग और प्रशासन की है निष्क्रियता
ज्यादातर ग्रामीणों का कहना है कि वन विभाग इस मामले में कुछ भी ठोस कदम उठाने में विफल रहा है। हालांकि, वन विभाग ने इस बारे में जानकारी तो दी थी, लेकिन कार्रवाई करने में वे अब तक नाकाम रहे हैं। क्षेत्रीय लोगों का आरोप है कि वन विभाग के कर्मचारी और अधिकारी इस मामले को गंभीरता से नहीं ले रहे हैं, जिससे तेंदुआ और अधिक स्वच्छंद घूम रहा है।
सट्टी थाना के पुलिस अधिकारी ने इस संबंध में बताया कि यह घटना केवल कुछ गांवों तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे बीहड़ क्षेत्र में तेंदुए की मौजूदगी को लेकर चिंता जताई जा रही है। उन्होंने बताया कि तेंदुआ अपनी आदतों से बेज़ारी दिखा रहा है, और अब ग्रामीणों की सुरक्षा के लिए गश्त बढ़ाने के आदेश दिए गए हैं।
गांवों में है तनाव और भय की दहशत
राजपुर-सट्टी क्षेत्र में तेंदुए का खौफ इतना बढ़ चुका है कि लोग दिन में भी अपने कामकाज में पूरी सतर्कता बरतने लगे हैं। खेतों में काम करने वाले किसानों और ग्रामीणों को डर है कि तेंदुआ कहीं अचानक उनका शिकार न बना ले। तेंदुआ के आने से पूरा क्षेत्र रात के समय वीरान हो जाता है। बच्चों को स्कूल भेजने से पहले अभिभावक डरे हुए रहते हैं, और शाम होते ही सभी घरों में बंद हो जाते हैं।
ग्रामीणों के अनुसार, अब तक इस इलाके में तेंदुए के हमले की कई घटनाएं भी सामने आ चुकी हैं, जिसमें कई जानवरों की मौत हो चुकी है। इसके बावजूद वन विभाग की तरफ से कोई ठोस उपाय नहीं किए गए।
जानिए क्या है प्रशासन की योजना?
अब प्रशासन और वन विभाग दोनों की ओर से तेंदुए के आतंक को खत्म करने के लिए गश्त बढ़ाने और जंगलों में जाल बिछाने की योजना बनाई जा रही है। स्थानीय अधिकारियों ने कहा कि जल्द ही तेंदुए को पकड़ने के लिए विशेष टीम बनाई जाएगी।
हालांकि, कई ग्रामीणों का मानना है कि जब तक वन विभाग और प्रशासन एकजुट होकर सही कदम नहीं उठाते, तब तक तेंदुए का आतंक जारी रहेगा।
गांवों में है सुरक्षा की आवश्यकता – अब उठ रहे सवाल
इस बीच, कई गांवों के प्रधानों और समाजसेवियों ने प्रशासन से मांग की है कि तेंदुआ शिकार करने के बजाय आम आदमी पर हमला न करे, इसके लिए पूरी सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। गांवों में बाड़े और शिकार को रोकने के लिए जाल बिछाने के अलावा, जंगल में गश्त बढ़ाई जाने की आवश्यकता है।
निश्चित रूप से, यह पूरा मामला वन विभाग की नाकामी और प्रशासन की कमजोरी का प्रतीक बन चुका है। अब देखना यह है कि क्या प्रशासन और वन विभाग मिलकर तेंदुए के आतंक को खत्म करने में सफल होते हैं या फिर यह समस्या और भी बढ़ती जाएगी।



