कानपुर: गैस सिलेंडर कालाबाजारी और अवैध रिफिलिंग पर हुई कार्रवाई, जानिए कितनो पर हुई F.I.R.

रिपोर्ट – ब्रजेश शर्मा
कानपुर: जिले में एलपीजी सिलेंडरों की कालाबाजारी और अवैध रिफिलिंग के खिलाफ आपूर्ति विभाग ने दो महत्वपूर्ण कार्रवाई करते हुए ओवररेटिंग और अवैध रिफिलिंग के मामलों का भंडाफोड़ किया है। इन जांचों में पता चला कि कुछ कमर्शियल और घरेलू गैस सिलेंडरों की बिक्री पर निर्धारित मूल्य से अधिक वसूली की जा रही थी और गैरकानूनी रिफिलिंग की जा रही थी। दोनों ही मामलों में आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 की धारा 3/7 के तहत एफआईआर दर्ज कराने की संस्तुति की गई है।
जिला प्रशासन के अनुसार, एलपीजी सिलेंडर से जुड़े प्रकरणों में अब तक कुल 12 एफआईआर दर्ज किए जा चुके हैं। विभाग का कहना है कि ये कार्रवाई लगातार निगरानी और अभियान का हिस्सा है, ताकि आम जनता को न्यायसंगत मूल्य पर गैस उपलब्ध हो और कोई भी अवैध गतिविधि न चल सके।

पहली कार्रवाई: अशोक नगर में कमर्शियल सिलेंडर पर अधिक वसूली
25 मार्च 2026 को प्राप्त सूचना के आधार पर आपूर्ति विभाग की टीम ने अशोक नगर स्थित बाबा फास्ट फूड का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान पाया गया कि होटल संचालक अशरफ अली कमर्शियल गैस सिलेंडरों का उपयोग वेज बिरयानी और पराठा बनाने में कर रहे थे। मौके पर कुल तीन कमर्शियल सिलेंडर बरामद हुए।
पूछताछ में होटल संचालक ने बताया कि सिलेंडर एस.बी. एसोसिएट एजेंसी, अशोक नगर से खरीदे गए हैं। उनके अनुसार, 23 मार्च को एक और 25 मार्च को दो सिलेंडर लिए गए, जिनके लिए प्रति सिलेंडर 3500 रुपये का भुगतान किया गया।

जांच में यह सामने आया कि इन सिलेंडरों का वास्तविक मूल्य 2496.02 रुपये था, जिस पर 18 प्रतिशत जीएसटी जोड़ने के बाद वैध कीमत 2945.30 रुपये बनती थी। इसका मतलब है कि प्रति सिलेंडर लगभग 554.70 रुपये अतिरिक्त वसूले गए।
इस कार्रवाई में टीम ने तीनों सिलेंडरों को जब्त कर सुरक्षित सुपुर्दगी में दे दिया। रिपोर्ट में **एजेंसी संचालक सचिन मिश्रा और होटल संचालक अशरफ अली** के खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 की धारा 3/7 के तहत एफआईआर दर्ज कराने की सिफारिश की गई।

दूसरी कार्रवाई: काकादेव में घरेलू गैस की अवैध रिफिलिंग
दूसरी कार्रवाई 24 मार्च 2026 की सुबह लगभग 6:25 बजे हुई, जब मुखबिर की सूचना पर आपूर्ति विभाग की संयुक्त टीम ने काकादेव, तुलसी नगर रोड स्थित सड़क किनारे गुमटी पर छापा मारा।
पूर्ति निरीक्षक अभिषेक कुमार के अनुसार, मौके पर समर पुत्र स्वर्गीय मुश्ताक निवासी रोशन नगर, राम विहार, नॉन-आईएसआई मार्क वाले छोटे सिलेंडरों में घरेलू एलपीजी की अवैध रिफिलिंग करते हुए पाए गए।
जांच के दौरान मौके से निम्नलिखित सामग्री बरामद की गई:
* 30 किलो क्षमता वाला इलेक्ट्रॉनिक कांटा
* नौ पुराने नॉन-आईएसआई सिलेंडर
* एक आंशिक भरा सिलेंडर
* गैस रिफिलिंग में प्रयुक्त रेगुलेटर और पतली पाइप
आरोपी से संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर बरामद सामग्री को दीप गैस एजेंसी, कानपुर नगर को सुपुर्द कर दिया गया। इसके साथ ही आरोपी के खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 की धारा 3/7 के तहत एफआईआर दर्ज कराने की संस्तुति की गई।

विभाग की सतर्कता और भविष्य की कार्रवाई
जिला पूर्ति अधिकारी राकेश कुमार ने बताया कि जनपद में गैस सिलेंडरों की कालाबाजारी, ओवररेटिंग और अवैध रिफिलिंग के खिलाफ लगातार निगरानी और कार्रवाई जारी है। उन्होंने कहा कि निर्धारित मूल्य से अधिक कीमत वसूलने या गैस की अवैध रिफिलिंग करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि जनता को उचित दाम पर एलपीजी उपलब्ध कराने के लिए विभाग नियमित निरीक्षण और छापेमारी कर रहा है। इसके अलावा, आम नागरिकों से अपील की गई है कि वे किसी भी प्रकार की कालाबाजारी या अवैध रिफिलिंग की सूचना विभाग को दें।

पढ़िए विशेषज्ञों की राय
उपभोक्ता अधिकार विशेषज्ञों का कहना है कि कमर्शियल और घरेलू गैस के दामों में अनुचित बढ़ोतरी और अवैध रिफिलिंग न केवल कानून का उल्लंघन है, बल्कि इससे आम नागरिकों की सुरक्षा भी खतरे में पड़ती है। उन्होंने सुझाव दिया कि विभाग को डिजिटल निगरानी प्रणाली और नियमित ऑडिट के माध्यम से इन गतिविधियों पर कड़ी नजर रखनी चाहिए।
आगे पढ़िए क्या है आम जनता के लिए संदेश
1. गैस की खरीद के समय बिल और रसीद की जांच करें।
2. अवैध रिफिलिंग वाले सिलेंडरों से दूर रहें।
3. किसी भी अनियमितता की सूचना तुरंत आपूर्ति विभाग या नजदीकी पुलिस स्टेशन को दें।
इन उपायों से न केवल उपभोक्ता सुरक्षित रहेंगे, बल्कि कालाबाजारी और अवैध रिफिलिंग जैसी गतिविधियों पर भी अंकुश लगेगा।

कार्रवाई दे रही है यह सन्देश
कानपुर नगर में एलपीजी सिलेंडर कालाबाजारी और अवैध रिफिलिंग के खिलाफ विभाग की कार्रवाई यह स्पष्ट संदेश देती है कि कानून का उल्लंघन बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इन दो हाल की छापेमारी और 12 तक दर्ज एफआईआर यह दर्शाते हैं कि विभाग लगातार निगरानी और कड़ी कार्रवाई के लिए प्रतिबद्ध है।



