
Kanpur : उत्तर प्रदेश पुलिस द्वारा एनकाउंटर किये कुख्यात अतीक अहमद व सजायाफ्ता मुजरिम पूर्व विधायक इरफ़ान सोलंकी के गुर्गे कानपुर के वीआईपी एरिया में मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश कार्यालय द्वारा पूर्व में आदेशित १६/१७ ” राजपूत आर्म्स कंपनी ” सिविल लाइन्स में सील्ड बिल्डिंग में कब्ज़ा कर बना रहा अवैध ईमारत।
लग गए बिजली के मीटर

“नजूल की जमीन का नहीं है किसी के पास मालिकाना हक़ ” , तो वही केस्को द्वारा ” सेवा शुल्क ” लेके लगा दिए गए सील ईमारत में मीटर
रातों रात खड़ी कर दी बिल्डिंग
उत्तर प्रदेश के यशस्वी मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ के आदेश को ताख में रखकर कानपुर डेवलपमेंट अथॉरिटी के अफसर से साथ गाठ कर कई सालों से मुख्यमंत्री कार्यालय द्वारा सील्ड अवैध १६/१७ ” राजपूत आर्म्स कंपनी ” सिविल लाइन्स प्लाट की ईमारत में रास्ता बना अब्दुल्लाह खान द्वारा १६/१७ -१ पार्ट प्लाट बना रातों रात गेट लगा डाली गयी ५ स्लैब , अतीक अहमद के कानपुर के रिश्तेदार अब्दुलाह खान द्वारा केडीए के बड़े अधिकारी की संरक्षण में खड़ी की गयी अरबों की अवैध ईमारत।
मुख्यमंत्री कार्यालय से सील हो चुकी है बिल्डिंग

मुख्यमंत्री कार्यालय से सील हुई इस अवैध बिल्डिंग में एक दम से कैसे इस सील बिल्डिंग का प्लाट भाग में बटा , अचानक से कैसे पार्ट प्लाट में गेट लग ५ स्लैब ढल गयी ? जिलाधिकारी कानपुर , एडीएम सिटी , सिटी मजिस्ट्रेट और मंडलायुक्त कानपुर के घर के सामने बन रही सील्ड अवैध बिल्डिंग मुख्यमंत्री के आदेश के बाद भी क्यों नहीं आरही नज़र।
सजायाफ्ता मुजरिम पूर्व विधायक इरफ़ान सोलंकी से रिश्तेदारी

प्रयागराज से जुड़े कुख्यात सजायाफ्ता हिस्ट्रीशीटर अतीक अहमद के इस गुर्गे ” अब्दुल्लाह खान ” और सजायाफ्ता मुजरिम पूर्व विधायक इरफ़ान सोलंकी के रिश्तेदार ” राजपूत आर्म्स कंपनी ” पर कानपुर के शासन प्रशासन के अधिकारीयों के बीच मौन पर उठ रहे कई सवाल। क्यों अचानक से यह कानपुर के अधिकारीयों की पैसे की भुकी महफिलों में ” करीबी ” बन गया।
जिलाधिकारी आवास के सामने का मामला

उत्तर प्रदेश पुलिस द्वारा एनकाउंटर किये गए कुख्यात अतीक अहमद के इस रिश्तेदार ने अचानक से कैसे जिलाधिकारी कानपुर, एडीएम सिटी कानपुर, सिटी मजिस्ट्रेट और मंडलायुक्त कानपुर, एनफोर्समेंट डायरेक्टरेट, रेवेनुए इंटेलिजेंस, विजिलेंस की नाक के नीचे कैसे अचानक से केडीए के अधिकारीयों से साथ गाठ कर सील्ड प्लाट में अवैध ईमारत खड़ा कर मीटर और गेट लगवा लिए।
भू माफियाओं को किसका संरक्षण?
सजायाफ्ता मुजरिमो , भू माफियाओं को सांठ गाँठ कर संरक्षण और कब्ज़ा कराके कानपुर डेवलपमेंट अथॉरिटी और शहर प्रशासन बीजेपी पार्टी का चाल चरित्र चेहरा बदल रही है और यही वजह हे इस समय पार्टी कानपुर में अपना चर्म खो रही है। एक अच्छी नीयत के ईमानदार व मेहनती प्रदेश के मुख्यमंत्री की छवि को उनके ही अधिकारी, इंटेलिजेंस और करीबी लोग तार तार कर रहे हैं ! सही भी है क्योंकि दिल्ली – लखनऊ के बीच चल रहा है मौन संघर्ष!