कुशीनगर: बोर्ड परीक्षा 2026 की तैयारियों को लेकर व्यापक समीक्षा बैठक, नकलविहीन परीक्षा के निर्देश

कुशीनगर: 2026 की बोर्ड परीक्षा की तैयारी को लेकर एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। यह बैठक प्रभारी जिलाधिकारी वंदिता श्रीवास्तव की अध्यक्षता में सम्पन्न हुई, जिसमें बोर्ड परीक्षा के संचालन से जुड़ी विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से चर्चा की गई। इस बैठक में परीक्षा की पारदर्शिता और नकलविहीन परीक्षा सुनिश्चित करने के लिए सख्त निर्देश जारी किए गए।
नकलविहीन परीक्षा के लिए सख्त निर्देश
बैठक में जिलाधिकारी ने बोर्ड परीक्षा को पूरी तरह से नकलविहीन बनाने के लिए कड़े कदम उठाने का आदेश दिया। उन्होंने सभी संबंधित अधिकारियों को इस ओर सख्त दिशा-निर्देश दिए। इसके तहत, सभी परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के साथ-साथ परीक्षा की पारदर्शिता को सुनिश्चित किया जाएगा। इसके अलावा, नकल रोकने के लिए सभी केंद्रों पर व्यापक निगरानी रखी जाएगी।
कक्ष निरीक्षकों की चयन प्रक्रिया
बैठक के दौरान यह भी निर्णय लिया गया कि हर परीक्षा केंद्र पर कक्ष निरीक्षक की नियुक्ति के दौरान यह सुनिश्चित किया जाएगा कि संबंधित विषय का शिक्षक उसी विषय की परीक्षा में कक्ष निरीक्षक के रूप में तैनात न हो। इसका उद्देश्य नकल और अनुशासनहीनता को रोकना है, ताकि परीक्षा में पूरी तरह से पारदर्शिता बनी रहे।
सुरक्षा और प्रबंधन की व्यवस्था
बैठक में यह भी निर्देश दिए गए कि सभी परीक्षा केंद्रों पर स्ट्रांग रूम और डबल लॉक व्यवस्था अनिवार्य होगी। प्रश्नपत्रों की सुरक्षा में किसी भी प्रकार की लापरवाही को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और इस पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। इसके साथ ही, सीसीटीवी कैमरे चालू रखने और उनके रिकॉर्डिंग मिलान की प्रक्रिया भी सुनिश्चित की जाएगी।
डीएम वंदिता श्रीवास्तव ने कहा, “हम प्रश्नपत्रों की सुरक्षा को लेकर किसी भी तरह की लापरवाही नहीं बरतेंगे। निर्धारित समय से पहले प्रश्नपत्र खोलने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।”
ओएमआर शीट और अन्य सुविधाएं
ओएमआर शीट भरने की प्रक्रिया के संबंध में भी अहम निर्देश दिए गए। सभी परीक्षार्थियों को पहले से ही ओएमआर शीट भरने की प्रक्रिया समझाई जाएगी, ताकि किसी प्रकार की कोई कठिनाई न हो। इसके अलावा, परीक्षा केंद्रों पर शौचालय, पेयजल, बिजली और पंखे की व्यवस्था भी अनिवार्य की गई है, ताकि सभी छात्रों को परीक्षा देने में कोई कठिनाई न हो।
दिव्यांग परीक्षार्थियों के लिए विशेष व्यवस्था
बैठक में दिव्यांग परीक्षार्थियों के लिए विशेष व्यवस्थाओं की भी चर्चा की गई। इस दौरान यह निर्णय लिया गया कि दिव्यांग छात्रों के लिए रैम्प, स्क्राइब और भूतल पर परीक्षा केंद्रों की व्यवस्था की जाएगी, ताकि वे बिना किसी रुकावट के अपनी परीक्षा दे सकें।
मोबाइल फोन पर पाबंदी
बैठक के दौरान यह भी स्पष्ट किया गया कि परीक्षा केंद्र परिसर में मोबाइल फोन का पूरी तरह से प्रतिबंध होगा। कोई भी परीक्षार्थी परीक्षा केंद्र में मोबाइल फोन लेकर नहीं आ सकेगा, ताकि नकल या अन्य अनुशासनहीनता की कोई संभावना न हो।
जिम्मेदारियों का निर्धारण
प्रभारी जिलाधिकारी ने इनविजीलेटर्स के साथ पूर्व बैठक आयोजित कर जिम्मेदारियों का निर्धारण करने के निर्देश दिए। यह सुनिश्चित किया जाएगा कि सभी अधिकारी और कर्मचारी अपनी जिम्मेदारियों के प्रति पूरी तरह से जागरूक और सजग रहें।
सुरक्षा इंतजामों पर भी जोर
बैठक में सुरक्षा के मुद्दे पर भी विस्तार से चर्चा की गई। एडीएम वैभव मिश्रा और एएसपी ने इस बात पर जोर दिया कि परीक्षा केंद्रों के आसपास सुरक्षा व्यवस्था सख्त होनी चाहिए, ताकि किसी भी प्रकार की अव्यवस्था या अप्रिय घटना से बचा जा सके।
परीक्षा की पारदर्शिता को सुनिश्चित करने के लिए कदम
इस बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि परीक्षा की पारदर्शिता और निष्पक्षता को सुनिश्चित करने के लिए अधिकारियों द्वारा नियमित निरीक्षण किया जाएगा। प्रत्येक परीक्षा केंद्र पर तैनात कर्मियों की जिम्मेदारी तय की जाएगी और सभी के कामकाज की समीक्षा की जाएगी।
शिक्षा विभाग के अधिकारियों की मौजूदगी
बैठक में शिक्षा विभाग के कई उच्च अधिकारी भी मौजूद थे, जिनमें डीआईओएस श्रवण कुमार, सभी प्रबंधक और प्रधानाचार्य शामिल थे। इन अधिकारियों ने भी परीक्षा को सफलतापूर्वक और शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न कराने के लिए अपने-अपने सुझाव दिए।



