Mainpuri: पेट के कीड़े की दवा खाने से दो दर्जन बच्चे हुए बीमार, अस्पताल में भर्ती

मैनपुरी: उत्तर प्रदेश के मैनपुरी जिले में एक चिंताजनक घटना सामने आई है, जहाँ पेट के कीड़े की दवा खाने से दो दर्जन बच्चे बीमार हो गए। यह घटना विकास खंड मैनपुरी के प्राथमिक विद्यालय नगला कीरत में हुई, जहां बच्चों को राष्ट्रीय कृमि मुक्त दिवस के अवसर पर एलबेंडाजोल टेबलेट (पेट के कीड़े की दवा) दी गई थी। इस दवा के सेवन के बाद बच्चों में अचानक से उल्टी, चक्कर, और पेट में दर्द जैसे लक्षण दिखाई देने लगे, जिसके कारण उन्हें तत्काल जिला अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में भर्ती किया गया।
पढ़िए कैसे हुई घटना
राष्ट्रीय कृमि मुक्त दिवस के तहत, सरकार द्वारा बच्चों को पेट के कीड़े की दवा दी जाती है, ताकि उनके शरीर से कृमि (पेट के कीड़े) खत्म हो सकें। इस दिन विशेष रूप से विद्यालयों में बच्चों को यह दवा दी जाती है। लेकिन इस बार मैनपुरी के नगला कीरत प्राथमिक विद्यालय में जब बच्चों को एलबेंडाजोल टेबलेट दी गई, तो उसके बाद उनके स्वास्थ्य में अचानक गिरावट आई।
इसके बाद, 24 बच्चों को मैनपुरी जिला अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में भर्ती कराया गया। बच्चों को जैसे ही दवा का सेवन करने के बाद असहज महसूस होने लगा, तो स्कूल स्टाफ ने तुरंत संबंधित अधिकारियों को सूचित किया। सभी बच्चों को तुरंत अस्पताल भेजा गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें उपचार देना शुरू किया।
अस्पताल में अफरा-तफरी का बना है माहौल
जिला अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में बच्चों के अचानक भर्ती होने से अफरा-तफरी का माहौल बन गया। अस्पताल के डॉक्टरों ने बताया कि बच्चों को पेट में दर्द, उल्टी और चक्कर आने की शिकायत थी। उन्होंने कहा कि यह दवाएं सामान्यतः सुरक्षित होती हैं, लेकिन कुछ बच्चों में दवा के प्रति असंवेदनशीलता के कारण यह लक्षण देखने को मिले।
अस्पताल प्रशासन के अनुसार, सभी बच्चों की हालत अब स्थिर है और उनका इलाज जारी है। डॉक्टरों ने कहा कि यह दवा सामान्यतः बच्चों के लिए सुरक्षित है, लेकिन कभी-कभी किसी दवा के प्रति एलर्जी या साइड इफेक्ट्स हो सकते हैं।
यह बोल रहे अधिकारी
मैनपुरी के जिलाधिकारी अंजनी कुमार ने इस घटना को गंभीरता से लिया है और मामले की जांच के आदेश दिए हैं। उन्होंने कहा, “हम इस मामले की पूरी जांच करेंगे और सुनिश्चित करेंगे कि इस तरह की घटना भविष्य में न हो। सभी बच्चों का इलाज जारी है और हम उनकी देखभाल में कोई कसर नहीं छोड़ रहे हैं।”
अंजनी कुमार ने यह भी कहा कि इस घटना के कारण किसी भी बच्चे की जान को कोई खतरा नहीं है और सभी बच्चे स्वस्थ होने की दिशा में हैं। उन्होंने यह भी बताया कि एलबेंडाजोल टेबलेट बच्चों को कृमि मुक्त करने के लिए दी जाती है, लेकिन इस बार बच्चों में किसी कारणवश प्रतिकूल असर हुआ है।
राष्ट्रीय कृमि मुक्त दिवस का महत्व
राष्ट्रीय कृमि मुक्त दिवस हर साल भारत में आयोजित किया जाता है, जिसका उद्देश्य बच्चों और अन्य लोगों को पेट के कीड़े से बचाना होता है। पेट के कीड़े न केवल बच्चों के शारीरिक स्वास्थ्य को प्रभावित करते हैं, बल्कि उनकी शैक्षिक और मानसिक स्थिति पर भी नकारात्मक प्रभाव डाल सकते हैं। इस दिन देशभर के स्कूलों में बच्चों को दवाइयां दी जाती हैं ताकि वे इन कीड़ों से मुक्त हो सकें।
यह है सामाजिक प्रतिक्रिया
इस घटना के बाद स्थानीय लोग और अभिभावक गहरी चिंता में हैं। कई अभिभावकों ने सवाल उठाया है कि क्या इस दवा का सेवन सुरक्षित था और क्यों बच्चों को इस प्रकार की दवा देने से पहले अधिक सतर्कता बरतने की आवश्यकता नहीं थी। वहीं, कुछ स्थानीय नेताओं ने आरोप लगाया है कि इस कार्यक्रम को सही ढंग से नहीं चलाया गया और इसे और अधिक व्यवस्थित करने की आवश्यकता है।
दुर्लभ मानी जा रही यह घटना
मैनपुरी के नगला कीरत प्राथमिक विद्यालय में हुई यह घटना राष्ट्रीय कृमि मुक्त दिवस के दौरान दवा के सेवन से जुड़ी एक दुर्लभ घटना है। हालांकि सभी बच्चों की हालत अब स्थिर है, यह घटना यह दिखाती है कि इस तरह के कार्यक्रमों को और अधिक सतर्कता के साथ चलाने की आवश्यकता है। अधिकारियों द्वारा इस मामले की जांच की जा रही है और भविष्य में ऐसे कार्यक्रमों में अधिक सुरक्षा उपाय अपनाए जाने की उम्मीद है।



