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मुरादाबाद: फर्जी फर्मों के सहारे करोड़ों की जीएसटी की चोरी, साइबर क्राइम ने मुख्य आरोपी को किया गिरफ्तार

रिपोर्ट – शाहरुख़ हुसैन 

मुरादाबाद: पुलिस ने फर्जी फर्मों और जाली बिलिंग के जरिए करोड़ों रुपये की जीएसटी चोरी कर सरकारी राजस्व को नुकसान पहुंचाने वाले गिरोह का भंडाफोड़ किया है। थाना साइबर क्राइम, मुरादाबाद की टीम ने इस मामले में गिरोह के मुख्य आरोपी भगवान सिंह उर्फ मुर्रा प्रधान को गिरफ्तार किया।

पुलिस के अनुसार आरोपी लंबे समय से विभिन्न राज्यों में फर्जी फर्मों का नेटवर्क चला रहा था। आरोपी ने उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड समेत कई राज्यों के व्यापारियों के नाम, दस्तावेज और जीएसटी से संबंधित सूचनाएं जुटाकर **फर्जी फर्में और जाली बिल** तैयार किए। इसके जरिए वह **बड़े पैमाने पर टैक्स चोरी** कर रहा था।

साइबर क्राइम टीम को यह कार्रवाई राज्य कर विभाग की शिकायत के आधार पर मिली जानकारी के बाद करनी पड़ी। सहायक आयुक्त, प्रभारी राज्य कर चतुर्थ इकाई, मुरादाबाद की ओर से थाना सिविल लाइंस में दी गई तहरीर में बताया गया था कि फर्जी दस्तावेज और फर्जी फर्मों के जरिए संदिग्ध व्यापारिक लेनदेन दिखाकर सरकार को भारी राजस्व हानि पहुँचाई जा रही थी।

जारी है जांच और गिरफ्तारी की प्रक्रिया

शिकायत के आधार पर थाना सिविल लाइंस में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में और पुलिस अधीक्षक अपराध के पर्यवेक्षण में साइबर क्राइम टीम को जांच सौंपी गई।

डा. साक्ष्य, दस्तावेज और तकनीकी जानकारी के आधार पर पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार किया। आरोपी मथुरा जनपद के कोसीकला थाना क्षेत्र के ग्राम हटाना का निवासी है। पुलिस ने बताया कि उसके सहयोगी रविंद्र का भी नाम सामने आया है।

आरोपी का जाल और फर्जी फर्मों का बहुत बड़ा है नेटवर्क

पुलिस पूछताछ में आरोपी ने स्वीकार किया कि वर्ष 2024 से वह स्क्रैप और व्यापारिक फर्मों के नाम पर फर्जी बिलिंग का नेटवर्क संचालित कर रहा था। आरोपी कथित रूप से फर्जी कंप्यूटराइज्ड बिल, ई-वे बिल और जीएसटी नंबर का इस्तेमाल करके लेनदेन को वैध दिखाने का प्रयास करता था।

जांच में सामने आया कि अब तक लगभग 33 फर्जी फर्मों का नेटवर्क तैयार किया जा चुका है। इनमें कुछ फर्में मुंबई, हरियाणा और अन्य राज्यों के नाम-पते और दस्तावेजों के आधार पर संचालित की जा रही थीं।

पुलिस को MAAJHI ENTERPRISES और SHRI BABA TRADERS जैसी फर्मों के नाम भी मिले, जिनका कथित तौर पर फर्जी बिलिंग और दस्तावेज तैयार करने में उपयोग किया गया। इसके अलावा, कई मामलों में एक ही वाहन या बिल्टी नंबर के अलग-अलग लेनदेन में इस्तेमाल होने के संकेत मिले।

मिले डिजिटल साक्ष्य और होगी फॉरेंसिक जांच

गिरफ्तारी के दौरान पुलिस ने आरोपी के कब्जे से तीन मोबाइल फोन और एक लैपटॉप बरामद किए। माना जा रहा है कि इन इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों में फर्जी बिलिंग, जीएसटी दस्तावेज, बैंकिंग लेनदेन और फर्जी फर्मों के संचालन से जुड़े महत्वपूर्ण डिजिटल साक्ष्य मौजूद हो सकते हैं। पुलिस अब इनकी फॉरेंसिक जांच कराएगी।

पुराने मामले और सहयोगियों की होगी जांच

पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी और उसके नेटवर्क के खिलाफ विभिन्न जनपदों में पहले से कई मुकदमे दर्ज हैं। इनमें आर्थिक अपराध, धोखाधड़ी, जालसाजी, फर्जी दस्तावेज तैयार करना और जीएसटी चोरी जैसे गंभीर मामले शामिल हैं। पुलिस अब आरोपी के पुराने मामलों और अन्य सहयोगियों की भूमिका की भी जांच कर रही है।

राज्य कर विभाग और पुलिस ने की संयुक्त कार्रवाई

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि यह कार्रवाई केवल एक गिरफ्तारी तक सीमित नहीं है। यह फर्जी फर्मों और टैक्स चोरी के संगठित नेटवर्क के खिलाफ बड़ी सफलता मानी जा रही है। राज्य कर विभाग और मुरादाबाद पुलिस की संयुक्त कार्रवाई ने यह स्पष्ट कर दिया है कि आरोपी लंबे समय से कागजी व्यापार और फर्जी परिवहन दस्तावेजों के जरिए राजस्व चोरी कर रहा था।

पुलिस को उम्मीद है कि जांच आगे बढ़ने पर और भी नाम सामने आएंगे, जिससे यह नेटवर्क और अधिक व्यापक रूप में उजागर हो सके। वहीं मुरादाबाद पुलिस की यह कार्रवाई कर चोरी और फर्जी फर्मों के खिलाफ सख्त संदेश है। साथ ही यह आम जनता और व्यवसायियों के लिए चेतावनी भी है कि कानूनी और प्रमाणिक व्यापारिक लेनदेन ही सुरक्षित और लाभकारी हैं।

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