
Political News: उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक बार फिर कांग्रेस महासचिव और वायनाड से सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा को लेकर हलचल तेज़ हो गई है। हाल ही में उत्तर प्रदेश कांग्रेस की ओर से जारी एक आधिकारिक पत्र ने सियासी गलियारों में चर्चाओं को नया मोड़ दे दिया है। इस पत्र से स्पष्ट संकेत मिल रहे हैं कि प्रियंका गांधी एक बार फिर प्रदेश की सक्रिय राजनीति में अहम भूमिका निभाने जा रही हैं।
दरअसल, कांग्रेस पार्टी ने 12 जनवरी 2026 को प्रियंका गांधी के जन्मदिन के अवसर पर पूरे उत्तर प्रदेश में एक साथ प्रदेश–व्यापी अभियान चलाने का निर्णय लिया है। इसके तहत राज्य के सभी जिलों में एकसाथ पत्रकार वार्ताएं आयोजित की जाएंगी। खास बात यह है कि इन कार्यक्रमों की जिम्मेदारी जिला स्तर पर वरिष्ठ कांग्रेस नेताओं को सौंपी गई है, जिससे पार्टी की गंभीरता साफ झलकती है।
जन्मदिन नहीं, वो था सियासी संदेश
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह आयोजन केवल जन्मदिन की औपचारिकता भर नहीं है। बल्कि इसके पीछे कांग्रेस की दीर्घकालिक रणनीति छिपी हुई है। पार्टी इस अभियान को अपने बहुचर्चित “एजेंडा-100 दिन” कार्यक्रम से जोड़कर देख रही है। यह एजेंडा संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत करने और जनता के मुद्दों को प्राथमिकता देने की रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है।
इसके अलावा, कांग्रेस की यह पहल ऐसे समय पर सामने आई है जब 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनावों में अभी भले ही समय हो, लेकिन सभी प्रमुख राजनीतिक दलों ने अपनी तैयारियां शुरू कर दी हैं। ऐसे में प्रियंका गांधी के नाम पर प्रदेशभर में एकसमान गतिविधियां कराना, कांग्रेस के लिए राजनीतिक संदेश देने का प्रभावी तरीका माना जा रहा है।
जानिए यूपी में प्रियंका गांधी का राजनीतिक महत्व
गौरतलब है कि प्रियंका गांधी पहले भी उत्तर प्रदेश की राजनीति में सक्रिय भूमिका निभा चुकी हैं। वर्ष 2019 और 2022 के चुनावी दौर में उन्होंने पार्टी की ओर से प्रदेश में व्यापक दौरे किए थे और संगठनात्मक बैठकों से लेकर जनसभाओं तक में हिस्सा लिया था। हालांकि, हाल के वर्षों में उनकी सक्रियता अपेक्षाकृत कम दिखाई दी, जिससे यह सवाल उठने लगे थे कि कांग्रेस यूपी में किस चेहरे के सहारे आगे बढ़ेगी।
अब, ताजा घटनाक्रम ने इन अटकलों को फिर से हवा दे दी है। पार्टी सूत्रों के अनुसार, कांग्रेस नेतृत्व उत्तर प्रदेश को लेकर एक बार फिर प्रियंका गांधी को केंद्रीय भूमिका में लाने पर गंभीरता से विचार कर रहा है।
सुपर प्रभारी की भूमिका की है चर्चा
राजनीतिक हलकों में यह चर्चा भी तेज़ है कि आगामी विधानसभा चुनावों में प्रियंका गांधी को एक बार फिर कांग्रेस की “सुपर प्रभारी” की जिम्मेदारी सौंपी जा सकती है। यदि ऐसा होता है, तो यह साफ संकेत होगा कि पार्टी उन्हें उत्तर प्रदेश में अपना प्रमुख चेहरा बनाकर आगे बढ़ाना चाहती है।
हालांकि, कांग्रेस की ओर से अभी इस संबंध में कोई औपचारिक घोषणा नहीं की गई है, लेकिन जिस तरह से संगठनात्मक गतिविधियों को प्रियंका गांधी के नाम से जोड़ा जा रहा है, उससे इन अटकलों को बल जरूर मिला है।
संगठन में दिखने लगी नई ऊर्जा
कांग्रेस के भीतर यह माना जा रहा है कि प्रियंका गांधी की सक्रियता से पार्टी कार्यकर्ताओं में नई ऊर्जा का संचार हो सकता है। उत्तर प्रदेश में कांग्रेस लंबे समय से सत्ता से बाहर है और संगठन को दोबारा खड़ा करना पार्टी के लिए बड़ी चुनौती बना हुआ है। ऐसे में एक लोकप्रिय और राष्ट्रीय स्तर की नेता की सक्रिय मौजूदगी पार्टी के लिए संजीवनी साबित हो सकती है।
2027 के विधानसभा चुनाव का है बड़ा संदेश
कुल मिलाकर, प्रियंका गांधी के जन्मदिन पर प्रस्तावित प्रदेशव्यापी कार्यक्रम को कांग्रेस की रणनीतिक सियासी पहल के रूप में देखा जा रहा है। यह कदम न केवल पार्टी संगठन को सक्रिय करने की दिशा में है, बल्कि 2027 के विधानसभा चुनावों की बुनियाद रखने का संकेत भी देता है। आने वाले दिनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि प्रियंका गांधी की भूमिका औपचारिक रूप से कितनी और किस स्तर तक बढ़ती है।



