Pooja Pal News Update : सोशल मीडिया पर बदनामी की साजिश? पूजा पाल ने डीजीपी को सौंपा शिकायती पत्र, अभद्र टिप्पणियों पर कार्रवाई की मांग

Pooja Pal News Update : उत्तर प्रदेश की चर्चित विधायक पूजा पाल ने सोशल मीडिया पर उनके खिलाफ चल रही कथित बदनामी की साजिश को लेकर गंभीर कदम उठाया है। बुधवार को उन्होंने राज्य के पुलिस महानिदेशक (DGP) को एक शिकायती पत्र सौंपा। इसमें उन्होंने मांग की है कि सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म्स पर की जा रही अभद्र टिप्पणियों और अपमानजनक पोस्ट्स के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए।
क्या है मामला?
पूजा पाल ने आरोप लगाया कि कुछ लोग जानबूझकर सोशल मीडिया पर झूठी और भ्रामक सूचनाएँ फैला रहे हैं। इसके जरिए न केवल उनकी छवि धूमिल करने की कोशिश की जा रही है बल्कि राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर उन्हें नुकसान पहुँचाने का प्रयास भी किया जा रहा है।
उन्होंने साफ कहा कि ऐसी गतिविधियाँ न केवल व्यक्तिगत स्तर पर अपमानजनक हैं, बल्कि इससे जनप्रतिनिधि के पद की गरिमा को भी ठेस पहुँच रही है।
डीजीपी से की शिकायत
पूजा पाल ने डीजीपी को सौंपे गए पत्र में सोशल मीडिया पोस्ट्स के लिंक और स्क्रीनशॉट्स भी उपलब्ध कराए हैं।
उन्होंने आग्रह किया कि –
- अभद्र टिप्पणी करने वालों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।
- सोशल मीडिया पर अफवाह और फेक न्यूज फैलाने वालों पर भी नजर रखी जाए।
- महिलाओं और जनप्रतिनिधियों के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणी करने वालों पर तुरंत आईटी एक्ट और संबंधित धाराओं में केस दर्ज हो।
महिला जनप्रतिनिधियों की सुरक्षा पर सवाल
इस घटना ने एक बार फिर सवाल खड़ा किया है कि सोशल मीडिया पर महिला जनप्रतिनिधियों और नेताओं को किस तरह टारगेट किया जाता है। कई बार यह टिप्पणियाँ न केवल अभद्र होती हैं, बल्कि मानहानि और मानसिक प्रताड़ना का कारण भी बनती हैं।
पूजा पाल ने कहा कि अगर समय रहते ऐसी साजिशों को रोका नहीं गया तो इसका असर लोकतांत्रिक व्यवस्था पर भी पड़ेगा।
आगे की कार्रवाई
सूत्रों के अनुसार, डीजीपी ने शिकायत को गंभीरता से लिया है और संबंधित अधिकारियों को मामले की जांच कर त्वरित कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही यह भी आश्वासन दिया गया है कि भविष्य में सोशल मीडिया पर इस तरह की गतिविधियों को रोकने के लिए निगरानी और कड़ी की जाएगी।
“पूजा पाल का यह कदम दर्शाता है कि अब नेता भी सोशल मीडिया पर अपनी छवि को लेकर सतर्क हो गए हैं। अभद्र टिप्पणियों और बदनामी की साजिश के खिलाफ उठाई गई यह आवाज़ समाज में महिलाओं और जनप्रतिनिधियों की सुरक्षा और गरिमा से जुड़े मुद्दों पर भी ध्यान खींचती है। अब देखना होगा कि पुलिस इस मामले में कितनी जल्दी और कितनी सख्ती से कार्रवाई करती है।”