रामपुर: तहसील शाहबाद के संग्रह अमीन प्रेम शंकर तिवारी को किया गया गिरफ्तार – ले रहे थे इतनी रिश्वत

रिपोर्ट – शाहरुख़ हुसैन
रामपुर: रामपुर जिले में भ्रष्टाचार के खिलाफ एक बड़ी कार्यवाही हुई है। भ्रष्टाचार निवारण संगठन (Anti-Corruption Organization) की मुरादाबाद इकाई ने तहसील शाहबाद के संग्रह अमीन प्रेम शंकर तिवारी को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। यह गिरफ्तारी तब की गई जब तिवारी ने एक व्यक्ति से शस्त्र लाइसेंस के नवीनीकरण के लिए 15,000 की रिश्वत मांगी थी।
15,000 की रिश्वत की रकम
गिरफ्तारी के समय अभियुक्त प्रेम शंकर तिवारी के पास 15,000 की रिश्वत की राशि थी, जिसे उसने ग्राम जाहिदपुर के निवासी हसमुद्दीन से शस्त्र लाइसेंस के नवीनीकरण के लिए ‘नो-ड्यूज़’ रिपोर्ट लगाने के बदले में मांगी थी। यह पूरी कार्यवाही एंटी-करप्शन टीम के निरीक्षक कृष्ण अवतार के नेतृत्व में की गई। टीम ने अभियुक्त के सरकारी आवास से उसे गिरफ्तार किया, जहां वह रिश्वत ले रहा था।

जाल बिछाया गया था शिकायत पर
हसमुद्दीन ने आरोप लगाया था कि तिवारी ने शस्त्र लाइसेंस के नवीनीकरण के लिए रिश्वत की मांग की थी। इसके बाद, हसमुद्दीन ने एंटी-करप्शन टीम से संपर्क किया और उनकी मदद से एक जाल बिछाया गया। इस दौरान टीम ने तिवारी को रिश्वत लेते हुए पकड़ा और पूरी घटना की वीडियोग्राफी और अन्य पुख्ता साक्ष्य जुटाए।
आरोपी की गिरफ्तारी और फिर दर्ज हुआ मुकदमा
टीम ने प्रेम शंकर तिवारी को रंगे हाथ गिरफ्तार करने के बाद उसका पूरा बयान लिया और उसे पुलिस के हवाले कर दिया। वर्तमान में, थाना शाहबाद (जनपद रामपुर) में आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार के मामले में मुकदमा दर्ज करने की विधिक प्रक्रिया जारी है। इस गिरफ्तारी ने भ्रष्टाचार के खिलाफ एक सख्त संदेश दिया है, और यह दिखाया है कि सरकारी कर्मचारियों की भ्रष्ट कार्यप्रणाली पर कड़ी नजर रखी जा रही है।

भ्रष्टाचार के खिलाफ बढ़ती मुहिम
यह कार्यवाही एक ओर साबित करती है कि भ्रष्टाचार को जड़ से उखाड़ने के लिए सरकारी एजेंसियां लगातार काम कर रही हैं। एंटी-करप्शन संगठन का यह कदम सराहनीय है, क्योंकि यह आम जनता को यह संदेश देता है कि किसी भी सरकारी कर्मचारी द्वारा रिश्वत लेना अब आसान नहीं रहेगा। इस गिरफ्तारी के बाद प्रशासन ने एक सख्त संदेश दिया है कि भ्रष्टाचार को किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
कानून और व्यवस्था का हुआ कड़ा पालन
रामपुर में हुई इस घटना ने यह साबित किया है कि सरकार और प्रशासन भ्रष्टाचार को खत्म करने के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध हैं। ऐसे मामलों में जनता की जागरूकता और प्रशासन की त्वरित कार्रवाई से भ्रष्टाचार पर काबू पाया जा सकता है। यह गिरफ्तारी और कार्रवाई से यह भी साबित हुआ कि आम आदमी यदि किसी भ्रष्ट कर्मचारी के खिलाफ आवाज उठाता है, तो उसे न्याय मिल सकता है।



