Sitapur: एसटीएफ ने अवैध तमंचा फैक्ट्री का किया भंडाफोड़, आरोपी मायाराम गिरफ्तार

सीतापुर: उत्तर प्रदेश के सीतापुर जिले में एसटीएफ ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए अवैध असलहा बनाने वाली फैक्ट्री का पर्दाफाश किया। एसटीएफ की टीम ने लहरपुर क्षेत्र में एक घर में चल रही अवैध असलहा फैक्ट्री का भंडाफोड़ किया और वहां से भारी मात्रा में तमंचे और कारतूस बरामद किए। आरोपी मायाराम को गिरफ्तार कर लिया गया, जो लंबे समय से इस काले धंधे में लिप्त था। एसटीएफ की यह कार्रवाई एक बड़ी सफलता मानी जा रही है, क्योंकि यह अवैध हथियारों की फैक्ट्री को पूरी तरह से खत्म कर दिया गया है।
अवैध असलहा निर्माण की सूचना
यह कार्रवाई एसटीएफ को सूचना मिलने के बाद की गई थी कि लहरपुर क्षेत्र के एक घर में अवैध तमंचे बनाए जा रहे हैं और इन्हें सस्ते दामों पर बेचा जाता है। एसटीएफ ने तुरंत एक ज्वाइंट ऑपरेशन शुरू किया और पुलिस की मदद से आरोपी के घर पर छापा मारा। छापेमारी के दौरान, घर से 10 तमंचे, भारी मात्रा में कारतूस और असलहा बनाने के उपकरण बरामद किए गए। एसटीएफ के अनुसार, आरोपी मायाराम इन तमंचों को 8 से 10 हजार रुपये में बेचता था, जो अपराधियों के बीच आसानी से बिकते थे।
शातिर आरोपी मायाराम की गिरफ्तारी
एसटीएफ के अधिकारियों ने बताया कि आरोपी मायाराम पेशेवर हथियारों का सौदागर था। उसने अपने घर को अवैध असलहा निर्माण का अड्डा बना रखा था, जहां तमंचे बनाने की पूरी प्रक्रिया चलती थी। एसटीएफ की टीम ने पूरी योजना के तहत कार्रवाई की और मायाराम को दबोच लिया। एसटीएफ के प्रमुख अधिकारी ने बताया कि आरोपी की गिरफ्तारी से अवैध हथियारों के नेटवर्क को कमजोर किया गया है और इस तरह की गतिविधियों पर प्रभावी रोकथाम होगी।
बरामद सामान और जांच की दिशा
एसटीएफ ने छापेमारी के दौरान जिस सामान को बरामद किया, उसमें विभिन्न प्रकार के तमंचे, कारतूस, और असलहा बनाने के उपकरण शामिल थे। एसटीएफ ने कहा कि इस फैक्ट्री से बने तमंचों की संख्या बहुत बड़ी हो सकती थी, और इनका इस्तेमाल अपराधियों द्वारा किया जाता था। अधिकारियों के मुताबिक, यह असलहे मुख्य रूप से छोटे अपराधों, जैसे लूट, हत्या, और डकैती में इस्तेमाल किए जाते थे।
अब एसटीएफ आरोपी से पूछताछ कर रही है ताकि यह पता चल सके कि इन तमंचों को किन अपराधियों या समूहों को बेचा गया था और इस धंधे में और कौन-कौन लोग शामिल हैं। एसटीएफ का कहना है कि इस जांच के दौरान कुछ और बड़े नाम सामने आ सकते हैं।
एसटीएफ को मिली सफलता
यह कार्रवाई एसटीएफ के लिए एक बड़ी सफलता मानी जा रही है, क्योंकि इससे न केवल एक अवैध असलहा फैक्ट्री का भंडाफोड़ हुआ, बल्कि हथियारों के सौदागरों के नेटवर्क को भी ध्वस्त किया गया है। एसटीएफ ने इसे एक बड़ी जीत के रूप में देखा है, क्योंकि इस तरह की फैक्ट्रियों से अपराधी अपने नापाक मंसूबों को अंजाम देते हैं। एसटीएफ की टीम को इस मामले में पुलिस का पूरा सहयोग प्राप्त हुआ, और संयुक्त ऑपरेशन के दौरान कार्रवाई सफल रही।
प्रशासन और जनता की प्रतिक्रिया
स्थानीय प्रशासन ने इस कार्रवाई का स्वागत किया है और एसटीएफ की टीम को बधाई दी है। पुलिस ने कहा कि इस तरह की कार्रवाई से अपराधियों के मनोबल को तोड़ा जा सकता है और समाज में सुरक्षा का माहौल बनेगा। स्थानीय निवासियों ने भी इस कार्रवाई का समर्थन किया और एसटीएफ को धन्यवाद दिया। उनका कहना है कि इस तरह की कार्रवाइयों से अपराधियों को कड़ी सजा मिलनी चाहिए ताकि समाज में अपराध का ग्राफ घट सके।
वहीं, समाज में इस बात की भी चर्चा हो रही है कि अपराधियों के लिए अवैध असलहों का काला कारोबार कितना खतरनाक हो सकता है। पुलिस और प्रशासन ने इस दिशा में काम करना शुरू कर दिया है ताकि इस तरह के अपराधों की जड़ें पूरी तरह से समाप्त की जा सकें।
अब हो रही आगे की कार्रवाई
अब एसटीएफ और स्थानीय पुलिस आरोपी से पूछताछ कर रही है ताकि इस फैक्ट्री के अन्य सदस्य और इसके साथ जुड़े अपराधियों के बारे में जानकारी मिल सके। पुलिस ने यह भी आश्वासन दिया है कि इस तरह के अपराधों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी और भविष्य में इस प्रकार की गतिविधियों को रोकने के लिए और प्रयास किए जाएंगे।



