चित्रकूट के भरतकूप मंदिर से चोरी हुए भगवान के आठ मुकुट, पुलिस ने शुरू की जांच

चित्रकूट: चित्रकूट जिले के भरतकूप थाना क्षेत्र स्थित प्राचीन भरतकूप मंदिर में एक बड़ी चोरी की घटना सामने आई है, जिससे इलाके में सनसनी फैल गई है। देर रात अज्ञात चोरों ने मंदिर के ताले को तोड़कर गर्भगृह में रखे भगवान के आठ कीमती मुकुट चुरा लिए। इस घटना ने न केवल श्रद्धालुओं को झकझोर दिया, बल्कि मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।
जानिए कैसे हुई चोरी की वारदात
रात के अंधेरे में चोरों ने मंदिर के मुख्य द्वार का ताला तोड़ा और सीधे गर्भगृह तक पहुंचे। जानकारी के अनुसार, मंदिर के बगल वाले कमरे में महंत सो रहे थे, और चोरों ने पूरी तरह से सटीक योजना के तहत इस चोरी की वारदात को अंजाम दिया। चोरों ने गर्भगृह में रखे आठ कीमती मुकुट समेटे और ताला तोड़कर फरार हो गए। इस दौरान मंदिर परिसर में किसी को भी यह घटना होते हुए नहीं देखा गया।
सुबह होने पर सामने आई चोरी की घटना
चोरी का खुलासा तब हुआ, जब सुबह पुजारी पूजा-अर्चना के लिए मंदिर पहुंचे और उन्होंने टूटे हुए ताले और बिखरे हुए सामान को देखा। यह दृश्य देख पुजारी के होश उड़ गए और उन्होंने तत्काल स्थानीय लोगों को इसकी जानकारी दी। सूचना मिलते ही श्रद्धालु मंदिर परिसर में जुट गए और घटना को लेकर भारी आक्रोश दिखाई दिया। श्रद्धालुओं का कहना था कि यह घटना न केवल धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाली है, बल्कि मंदिर की पवित्रता को भी नुकसान पहुंचा रही है।
स्थानीय पुलिस ने शुरू की जांच
घटना की सूचना मिलते ही भरतकूप थाना पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण किया। पुलिस ने मंदिर के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज को खंगालना शुरू कर दिया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि वे इस चोरी की वारदात से जुड़ी हर एक जानकारी को इकट्ठा कर रहे हैं और जल्द ही चोरों का पता लगाने की कोशिश करेंगे। इसके अलावा, पुलिस ने आसपास के इलाकों में संदिग्ध व्यक्तियों से पूछताछ भी शुरू कर दी है।
मंदिर सुरक्षा पर उठे सवाल
इस चोरी की घटना ने मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। मंदिर के आसपास सुरक्षा गार्ड्स की कमी और CCTV कैमरों की स्थिति पर चर्चा शुरू हो गई है। श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर मंदिर परिसर में बेहतर सुरक्षा व्यवस्था होती, तो यह चोरी नहीं हो पाती। अब स्थानीय प्रशासन और मंदिर प्रबंधन से उम्मीद की जा रही है कि इस घटना के बाद वे सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करेंगे।
श्रद्धालुओं में बरक़रार है गुस्सा
मंदिर में हुई चोरी के बाद श्रद्धालुओं में भारी आक्रोश है। उनका कहना है कि यह घटना सिर्फ संपत्ति की चोरी नहीं है, बल्कि यह धार्मिक भावनाओं का अपमान है। श्रद्धालुओं ने प्रशासन से शीघ्र कार्रवाई करने की मांग की है और इस मामले में दोषियों को जल्द से जल्द पकड़ने का अनुरोध किया है।
कुछ श्रद्धालुओं ने यह भी कहा कि इस घटना ने मंदिर की पवित्रता और उसकी सुरक्षा को लेकर बड़ी चिंता खड़ी कर दी है। उन्हें डर है कि अगर ऐसे मामलों में सख्ती नहीं दिखाई गई, तो आगे और भी इस तरह की घटनाएं हो सकती हैं।
धर्म नगरी में बढ़ती जा रहीं चोरी की घटनाएं
यह पहली बार नहीं है जब चित्रकूट जिले में मंदिरों में चोरी की घटनाएं सामने आई हैं। इससे पहले भी जिले के कुछ अन्य मंदिरों से कीमती सामान की चोरी हो चुकी है। हालांकि, इस बार भगवान के आठ मुकुट चोरी होना एक बहुत ही गंभीर घटना मानी जा रही है, क्योंकि यह भगवान के प्रति श्रद्धा और विश्वास को प्रभावित करता है।
इसके अलावा, स्थानीय लोग यह भी मानते हैं कि इस घटना को केवल चोरों के द्वारा नहीं, बल्कि एक सुनियोजित तरीके से अंजाम दिया गया है, जिससे यह शक और भी बढ़ जाता है कि इसमें किसी और का हाथ हो सकता है।
स्थानीय प्रशासन की प्रतिक्रिया
स्थानीय प्रशासन ने घटना के बाद सुरक्षा बढ़ाने का आश्वासन दिया है। पुलिस का कहना है कि वे इस मामले में बहुत जल्द सफलता प्राप्त करेंगे। पुलिस विभाग ने यह भी कहा कि वे CCTV फुटेज को ध्यानपूर्वक देख रहे हैं और आरोपी को पकड़ने के लिए हरसंभव कदम उठाएंगे। प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे किसी भी संदिग्ध गतिविधि को तुरंत पुलिस को सूचित करें।
जिले में फैली हुई है सनसनी
चित्रकूट के भरतकूप मंदिर में हुई चोरी ने न केवल स्थानीय निवासियों को बल्कि समूचे जिले को हैरान कर दिया है। यह घटना मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर रही है और स्थानीय प्रशासन से सख्त कार्रवाई की उम्मीद जताई जा रही है। इसके साथ ही, श्रद्धालुओं का गुस्सा और आक्रोश इस बात को दर्शाता है कि वे इस प्रकार की घटनाओं को लेकर संवेदनशील हैं और चाहते हैं कि उनके विश्वास और आस्थाओं का आदर किया जाए। इस मामले में जल्द से जल्द आरोपियों को पकड़ने की आवश्यकता है, ताकि मंदिर की पवित्रता को बहाल किया जा सके और इस तरह की घटनाओं को भविष्य में रोका जा सके।



