
उत्तर प्रदेश: विधानमंडल का बजट सत्र 2026-27 के दूसरे दिन, राज्य के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विधानसभा में एक शोक प्रस्ताव प्रस्तुत किया और अपने संबोधन में एक दुखद घटना की सूचना दी। मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान विधानसभा के सदस्य प्रो. श्याम बिहारी लाल का 2 जनवरी 2026 को लगभग 60 वर्ष की आयु में निधन हो गया है, जो सभी के लिए एक अपूरणीय क्षति है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रो. श्याम बिहारी लाल के निधन पर शोक व्यक्त करते हुए कहा कि उनका असमय निधन सदन के लिए अत्यंत दुखद और संवेदनशील घटना है। उन्होंने विधानसभा में शोक प्रकट करते हुए प्रो. श्याम बिहारी लाल की उपलब्धियों को याद किया और उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।
पढ़िए प्रो. श्याम बिहारी लाल का योगदान और व्यक्तित्व
प्रो. श्याम बिहारी लाल, जो कि भारतीय जनता पार्टी के सदस्य थे, ने अपनी विधानसभा यात्रा में दो बार सदस्य के रूप में चुने जाने का गौरव प्राप्त किया था। पहली बार 2017 में, और दूसरी बार 2022 में फरीदपुर, जिला बरेली से निर्वाचित हुए थे। उनका व्यक्तित्व न केवल एक कुशल राजनीतिज्ञ के रूप में था, बल्कि वह एक मिलनसार, शिक्षित और समाज से जुड़ा हुआ नेता भी थे।
मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रो. श्याम बिहारी लाल का जीवन समाज के पिछड़े, गरीब और वंचित वर्ग के लिए समर्पित रहा। उन्होंने हमेशा अपने निर्वाचन क्षेत्र में बुनियादी विकास परियोजनाओं को प्राथमिकता दी और उनके योगदान से क्षेत्र में कई सकारात्मक बदलाव आए।
वे एक अच्छे शिक्षक भी थे और जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) दिल्ली की कार्यसमिति के सदस्य रहे। उनके शिक्षात्मक कार्य और समाज के प्रति उनकी जिम्मेदारी की भावना ने उन्हें व्यापक सम्मान दिलवाया।
उनके निधन से प्रदेश को हुआ क्षति – सीएम
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रो. श्याम बिहारी लाल का निधन प्रदेश के लिए एक अपूरणीय क्षति है, क्योंकि उन्होंने न केवल अपने क्षेत्र में बल्कि पूरे प्रदेश में बुनियादी विकास, शिक्षा और समाज के वंचित वर्गों के उत्थान के लिए निरंतर काम किया। उनके योगदान को कभी नहीं भुलाया जा सकता।
मुख्यमंत्री ने शोक सभा में उनके प्रति श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि उनका कार्यकाल समाज के लिए प्रेरणा देने वाला था और उनका योगदान हमें हमेशा याद रहेगा। उन्होंने उनके परिवार के प्रति गहरी संवेदना भी व्यक्त की और दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की।
विधानसभा में शोक संवेदना व्यक्त की गई
जब मुख्यमंत्री ने प्रो. श्याम बिहारी लाल के निधन की सूचना दी, तो पूरे सदन में शोक की लहर दौड़ गई। सभी सदस्यों ने उनकी आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की और शोक व्यक्त किया। सभी सदस्यों ने खड़े होकर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की, और सदन की बैठक को एक शोक सभा के रूप में परिवर्तित कर दिया।
एक हल्की सी घटना—विधानसभा में मोबाइल रिंगटोन का शोर
उसी दौरान, एक अप्रत्याशित घटना घटित हुई जब भाजपा विधायक चौधरी बाबू लाल का मोबाइल अचानक बजने लगा। यह शोर पूरी विधानसभा में फैल गया, और इस पर विधानसभा अध्यक्ष, श्री सतीश महाना ने सख्त टिप्पणी करते हुए इसे सदन की गंभीरता के खिलाफ बताया। उन्होंने तुरंत विधायक बाबूलाल से मोबाइल बंद करने का अनुरोध किया, जिसे विधायक ने सम्मान पूर्वक पालन किया।
विधानसभा की कार्यवाही के दौरान यह घटना थोड़ी सी हल्की लेकिन महत्वपूर्ण थी, क्योंकि इससे सदन की गंभीरता और शांति की आवश्यकता की याद दिलाई गई। यह एक छोटी सी घटना थी, लेकिन इससे यह स्पष्ट हुआ कि सदन में किसी भी प्रकार का शोर या विघ्न सदन के कार्य को प्रभावित कर सकता है।



