कानपुर: पारिवारिक विवाद के बीच बने प्रेम सम्बन्ध फिर पति को उतार दिया मौत के घाट – आगे पढ़िए

रिपोर्ट – शुभम शर्मा
कानपुर: चकेरी थाना क्षेत्र में राज मिस्त्री आशीष कुमार शर्मा (52) की हत्या के मामले में पुलिस ने महत्वपूर्ण खुलासा करते हुए मृतक की पत्नी आरती शर्मा (35) को गिरफ्तार कर लिया है। वहीं, इस मामले में नामजद सह-अभियुक्त सबलू खान उर्फ शफात अभी फरार है, जिसकी तलाश में पुलिस टीमें लगातार दबिश दे रही हैं।

यह मामला उस समय सामने आया जब मृतक के पुत्र ने पिता की संदिग्ध परिस्थितियों में मृत्यु की सूचना पुलिस को दी। प्रारंभिक जांच के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में गला घोंटकर हत्या किए जाने की पुष्टि हुई, जिसके बाद पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच की दिशा बदली।
सर्विलांस और सीसीटीवी से मिले थे अहम सुराग
जांच के दौरान पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों का सहारा लिया। सर्विलांस टीम द्वारा मोबाइल लोकेशन की पड़ताल की गई, साथ ही आसपास के इलाकों के सीसीटीवी फुटेज खंगाले गए। इन साक्ष्यों के आधार पर यह सामने आया कि घटना के समय आरती शर्मा अपने कथित प्रेमी के संपर्क में थी और दोनों की लोकेशन घटनास्थल के आसपास पाई गई।

इसके अतिरिक्त, पुलिस को कुछ ऐसे डिजिटल प्रमाण भी मिले, जिनसे दोनों के बीच लगातार संपर्क की पुष्टि हुई। जांच अधिकारियों के अनुसार, पति-पत्नी के बीच लंबे समय से विवाद चल रहा था। इसी विवाद ने आगे चलकर आपराधिक साजिश का रूप ले लिया।
पारिवारिक विवाद के बीच प्रेमी का प्यार बना हत्या की वजह
पुलिस की जांच में यह भी सामने आया कि आरती शर्मा और सबलू खान के बीच नजदीकियां थीं। इसी कारण घर में अक्सर तनाव की स्थिति बनी रहती थी। परिजनों और पड़ोसियों से पूछताछ में भी दांपत्य संबंधों में खटास की बात सामने आई।

पुलिस का कहना है कि इसी पृष्ठभूमि में पत्नी ने अपने प्रेमी के साथ मिलकर पति को रास्ते से हटाने की योजना बनाई। इसके बाद सुनियोजित तरीके से घटना को अंजाम दिया गया। हालांकि, पुलिस ने स्पष्ट किया है कि पूरे मामले की विवेचना जारी है और सभी तथ्यों को अदालत के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा।
नौबस्ता चौराहे से हुई गिरफ्तारी
मामले में पर्याप्त साक्ष्य मिलने के बाद पुलिस ने आरती शर्मा को नौबस्ता चौराहे, हमीरपुर रोड के पास से गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के बाद उससे विस्तृत पूछताछ की गई। पुलिस ने उसके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 103 (1) के तहत मुकदमा दर्ज किया है।

वहीं, सह-अभियुक्त सबलू खान उर्फ शफात की तलाश के लिए पुलिस की अलग-अलग टीमें गठित की गई हैं। संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही फरार आरोपी को भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
जानिए पुलिस की सतर्कता और कानूनी प्रक्रिया
चकेरी थाना पुलिस का कहना है कि मामले में सभी कानूनी प्रक्रियाओं का पालन किया जा रहा है। गिरफ्तार आरोपी को न्यायालय में पेश कर आगे की कार्रवाई की जाएगी। साथ ही, फरार अभियुक्त की गिरफ्तारी के लिए तकनीकी और स्थानीय स्तर पर निगरानी बढ़ा दी गई है।

पुलिस अधिकारियों ने आमजन से भी अपील की है कि यदि किसी को फरार आरोपी के बारे में कोई सूचना मिले तो तत्काल पुलिस को सूचित करें।
एक बार फिर है समाज के लिए सीख
यह घटना एक बार फिर इस बात की ओर संकेत करती है कि पारिवारिक विवादों का समाधान संवाद और कानूनी माध्यमों से किया जाना चाहिए। किसी भी प्रकार की आपराधिक साजिश न केवल कानूनन दंडनीय है, बल्कि इससे परिवार और समाज दोनों प्रभावित होते हैं।

विशेषज्ञों का मानना है कि पारिवारिक विवादों में काउंसलिंग और मध्यस्थता जैसे विकल्प अपनाए जाने चाहिए। इससे न केवल तनाव कम होता है, बल्कि किसी भी अप्रिय स्थिति से बचा जा सकता है।
पढ़िए अब आगे की कार्रवाई
फिलहाल पुलिस मामले की विवेचना में जुटी है। सभी तकनीकी और भौतिक साक्ष्यों को एकत्र किया जा रहा है, ताकि अदालत में मजबूत आरोपपत्र दाखिल किया जा सके। दूसरी ओर, फरार आरोपी की गिरफ्तारी इस मामले की अगली महत्वपूर्ण कड़ी होगी।

कुल मिलाकर, कानपुर पति हत्या मामला पुलिस की तत्परता और तकनीकी जांच के जरिए सुलझाया गया है। हालांकि, अंतिम निर्णय न्यायालय द्वारा साक्ष्यों के आधार पर किया जाएगा।



