
लखनऊ: उत्तर प्रदेश सरकार ने राज्य में तंबाकू के खिलाफ सख्त कदम उठाने का फैसला किया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में यह महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया कि राज्य के सभी सरकारी दफ्तर तंबाकू मुक्त होंगे और स्कूलों में एंटी-टोबैको (Anti-Tobacco) पाठ्यक्रम को अनिवार्य किया जाएगा। साथ ही, राज्य में तंबाकू उत्पादों की बिक्री और वितरण पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
यह फैसला यूपी सरकार द्वारा राज्य में तंबाकू से जुड़ी स्वास्थ्य समस्याओं को लेकर उठाया गया एक बड़ा कदम है। तंबाकू का सेवन स्वास्थ्य के लिए बेहद हानिकारक है और इसके कारण देशभर में हर साल लाखों लोगों की जान जाती है। इस नए फैसले का उद्देश्य युवाओं और छात्रों के बीच तंबाकू के सेवन के प्रति जागरूकता बढ़ाना और तंबाकू के कारण होने वाली बीमारियों पर नियंत्रण पाना है।
यूपी में तंबाकू पर होगी ‘सर्जिकल स्ट्राइक
उत्तर प्रदेश सरकार ने तंबाकू उत्पादों के खिलाफ ‘सर्जिकल स्ट्राइक’ का ऐलान किया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि राज्य में तंबाकू से संबंधित कारोबार को पूरी तरह से नियंत्रित किया जाएगा और इसके खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे। खासकर उन दुकानों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी जो तंबाकू उत्पादों की अवैध बिक्री करती हैं।
वर्तमान में, तंबाकू से जुड़े कई स्वास्थ्य समस्याएं जैसे कैंसर, हृदय रोग, और सांस की बीमारियां बढ़ रही हैं, जिसके चलते यह निर्णय लिया गया है। सरकार ने दुकानदारों से यह सुनिश्चित करने को कहा है कि तंबाकू उत्पादों की बिक्री केवल वैध रूप से और निर्धारित नियमों के तहत की जाए।
स्कूलों में एंटी-टोबैको चैप्टर अनिवार्य होगा
तंबाकू के खिलाफ लड़ाई में शिक्षा का महत्वपूर्ण योगदान है। राज्य सरकार ने इस दिशा में एक अहम कदम उठाते हुए स्कूलों में एंटी-टोबैको चैप्टर अनिवार्य करने का फैसला किया है। इस नए अध्याय का उद्देश्य बच्चों को तंबाकू के खतरों के बारे में जागरूक करना और तंबाकू सेवन से बचाने के लिए प्रभावी तरीके अपनाना है।
विशेषज्ञों का मानना है कि जब बच्चे तंबाकू के खतरों को समझते हैं, तो वे इसके सेवन से दूर रहते हैं। यह कदम तंबाकू के खिलाफ एक सशक्त अभियान की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।
सरकारी दफ्तर होंगे तंबाकू मुक्त
यूपी सरकार ने एक और ऐतिहासिक निर्णय लिया है कि राज्य के सभी सरकारी दफ्तरों को तंबाकू मुक्त बनाया जाएगा। सरकारी कर्मचारियों को तंबाकू का सेवन करने से रोकने के लिए विशेष नियम बनाए जाएंगे। इस निर्णय का उद्देश्य सरकारी दफ्तरों में काम करने वाले लोगों के स्वास्थ्य को सुरक्षित रखना और तंबाकू के सेवन से होने वाली स्वास्थ्य समस्याओं को कम करना है।
विशेषज्ञों का मानना है कि सरकारी दफ्तरों में तंबाकू मुक्त वातावरण से न केवल कर्मचारियों का स्वास्थ्य बेहतर होगा, बल्कि यह एक सकारात्मक संदेश भी जाएगा।
दुकानों के बीच 500 मीटर की दूरी का प्रस्ताव
तंबाकू उत्पादों की बिक्री पर काबू पाने के लिए सरकार ने दुकानों के बीच 500 मीटर की दूरी बनाए रखने का प्रस्ताव भी रखा है। इसका उद्देश्य तंबाकू की दुकानों की संख्या को नियंत्रित करना और उन्हें स्कूलों, कॉलेजों और अन्य संवेदनशील इलाकों से दूर रखना है। यह पहल खासकर युवा वर्ग को तंबाकू के सेवन से बचाने के लिए की गई है।
स्कूल और कॉलेजों में विशेष अभियान
यूपी सरकार द्वारा तंबाकू के खिलाफ विशेष अभियान चलाए जाने का भी ऐलान किया गया है। इस अभियान के तहत स्कूलों और कॉलेजों में तंबाकू के सेवन के खतरों के बारे में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। छात्र-छात्राओं को तंबाकू के खिलाफ अभियान में भाग लेने के लिए प्रेरित किया जाएगा।
स्कूलों में आयोजित किए जाने वाले इन विशेष अभियानों में बच्चों और युवाओं को तंबाकू के खतरों के बारे में बताने के साथ-साथ तंबाकू सेवन के कारण होने वाली बीमारियों के बारे में भी जानकारी दी जाएगी। इस कदम से तंबाकू सेवन को लेकर समाज में एक बड़ा बदलाव लाने की उम्मीद जताई जा रही है।



