UP News : कानपुर मे वक्फ का पर्दाफाश, 1669 सम्पत्तियों में 548 सरकारी सम्पत्तियां मिलीं, अगर बिल पास हुआ तो क्या होगा इनका?

Kanpur News : कानपुर जिले में तीन महीने से चल रहा वक्फ संपत्तियों का सर्वेक्षण पूरा हो चूका है। चार तहसीलों में कुल 1,669 संपत्तियों की पहचान की गई। इस तहसील में सुन्नी वक्फ बोर्ड की 914 और शिया वक्फ बोर्ड की 34 संपत्तियां हैं। वक्फ बोर्ड की घाटमपुर तहसील में 189, बिल्हौर में 388 और नरवल में 144 संपत्तियां हैं। आपको बता दे की इनमें से लगभग 548 संपत्तियां सरकारी हैं। वक्फ के कब्जे वाली इस सरकारी जमीन पर एक मस्जिद और कब्रिस्तान बना दिया गया है।
राजस्व विभाग के पास इन संपत्तियों के बारे में जानकारी ही नहीं
सर्वेक्षण के बाद यह चौंकाने वाली जानकारी सामने आई। राजस्व विभाग के पास इन संपत्तियों के बारे में जानकारी नहीं है। जिला प्रशासन ने सभी संपत्तियों का सर्वेक्षण कर सरकार को रिपोर्ट भेज दी है। अब संयुक्त संसदीय समिति रिपोर्ट का अध्ययन करेगी और आगे की कारवाई करेगी।
सरकारी जमीनों पर मस्जिद और कब्रिस्तान
सर्वे में सामने आया है कि कानपुर में वक्फ जिन संपत्तियों को अपनी बता रहा है, उसमें करीब 548 संपत्तियां सरकारी हैं। इन सरकारी जमीनों पर मस्जिद और कब्रिस्तान बने हैं। राजस्व विभाग के पास इन संपत्तियों का पूरा ब्योरा नहीं है। एक ऐसा ही सर्वे 2021 में भी कराया गया था। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक हफ्ते पहले वक्फ संपत्तियों पर कब्जा करने वालों से जमीन वापस लेने की बात कही थी। इसके बाद शासन के निर्देश पर प्रशासन ने वक्फ संपत्तियों का सर्वे शुरू कराया था।
सर्वे पर जमकर हो चुका है विरोध
2021 में हुए सर्वे पर जमकर विरोध हुआ था। विरोध के कारण मामला शांत हो गया था। अब प्रशासन ने जिन 548 सरकारी संपत्तियों को चिह्नित किया है, उनका क्षेत्रफल 89 हेक्टेयर है। सदर तहसील में सबसे ज्यादा सुन्नी वक्फ बोर्ड की संपत्तियां हैं। परेड के आसपास के क्षेत्रों में कई संपत्तियां वक्फ बोर्ड की हैं। इसमें ईदगाह, मस्जिद, कब्रिस्तान, मुस्लिम यतीमखाना समेत कई संपत्तियां शामिल हैं। जिन क्षेत्रों में वक्फ बोर्ड की संपत्तियां हैं, उन जमीनों की कीमत सबसे ज्यादा है।
सुन्नी वक्फ की संपत्तियां
मुस्लिम यतीमखाना, नवाबगंज स्थित मस्जिद खैरात अली, नील वाली गली में एक संपत्ति, परेड स्थित वक्फ मस्जिद, खलवा कब्रिस्तान, मकबरा और पार्वती बागला रोड स्थित दरगाह, फजलगंज स्थित हाता फजल हुसैन और अनवरगंज शेख अब्दुल रहीम।
शिया वक्फ की संपत्तियां
ग्वालटोली स्थित नवाब बहादुर, कर्नलगंज स्थित हादी बेगम, सरदार बेगम और ग्वालटोली सूटरगंज स्थित वक्फ हाजी मोहम्मद अली खां।