कानपुर: जाजमऊ में नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी, आरोपी अबरार अहमद गिरफ्तार

रिपोर्ट – शुभम शर्मा
कानपुर: जाजमऊ क्षेत्र में विदेश में नौकरी दिलाने का झांसा देकर लाखों रुपये की ठगी करने का मामला सामने आया है। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी अबरार अहमद को गिरफ्तार कर लिया है। प्रारंभिक जांच के अनुसार, आरोपी ने एक युवक से 2,38,500 रुपये लेकर विदेश भेजने का वादा किया था।

यह कार्रवाई जाजमऊ पुलिस द्वारा की गई, जिसने शिकायत मिलते ही मामले को गंभीरता से लिया और साक्ष्यों के आधार पर आरोपी को दबोच लिया। फिलहाल, आरोपी को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी है।
शिकायत के बाद शुरू हुई जांच
प्राप्त जानकारी के अनुसार, प्रवीन कुमार नामक युवक ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी कि उसे विदेश में नौकरी दिलाने का आश्वासन दिया गया। आरोपी ने आकर्षक वेतन और बेहतर भविष्य का सपना दिखाकर उससे किस्तों में कुल 2,38,500 रुपये ले लिए।

हालांकि, निर्धारित समय बीत जाने के बाद भी न तो वीजा की प्रक्रिया पूरी हुई और न ही नौकरी से संबंधित कोई ठोस दस्तावेज उपलब्ध कराए गए। इसके बाद पीड़ित को ठगी का संदेह हुआ और उसने पुलिस से संपर्क किया। जांच के दौरान पुलिस ने दस्तावेजों की जांच की तो कई कागजात संदिग्ध पाए गए। इसी आधार पर कार्रवाई आगे बढ़ाई गई।
फर्जी दस्तावेजों का इस्तेमाल
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, आरोपी ने कथित रूप से फर्जी दस्तावेजों और भ्रामक जानकारी का उपयोग कर भरोसा हासिल किया। उसने स्वयं को नौकरी दिलाने वाला एजेंट बताया और विदेश में संपर्क होने का दावा किया।

हालांकि, प्रारंभिक जांच में यह स्पष्ट हुआ कि प्रस्तुत किए गए कुछ दस्तावेज प्रामाणिक नहीं थे। यही वजह रही कि पुलिस ने आरोपी के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर उसे गिरफ्तार किया। पुलिस का कहना है कि मामले में अन्य संभावित पीड़ितों की भी पहचान की जा रही है, ताकि यदि किसी और से ठगी हुई हो तो वह सामने आ सके।
जाजमऊ पुलिस की त्वरित कार्रवाई
जाजमऊ थाना पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों और स्थानीय जांच के आधार पर आरोपी की लोकेशन ट्रेस की। इसके बाद उसे डिफेंस कॉलोनी क्षेत्र से गिरफ्तार किया गया।

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि आरोपी से पूछताछ की जा रही है। साथ ही, उसके बैंक खातों और लेन-देन की जानकारी भी खंगाली जा रही है। इससे यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि कहीं यह कोई संगठित गिरोह तो नहीं है। यदि जांच में अन्य सहयोगियों की भूमिका सामने आती है, तो उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।
बढ़ते साइबर और नौकरी ठगी के मामले
हाल के वर्षों में नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी के मामलों में वृद्धि देखी गई है। विशेष रूप से विदेश में रोजगार का लालच देकर युवाओं को निशाना बनाया जाता है।

विशेषज्ञों का कहना है कि बेरोजगारी और बेहतर अवसरों की तलाश में युवा जल्द भरोसा कर लेते हैं। ऐसे में जालसाज आकर्षक वेतन, जल्दी वीजा और सीमित सीटों का हवाला देकर पैसे ऐंठ लेते हैं। इसलिए, किसी भी एजेंट या संस्था को भुगतान करने से पहले उसके लाइसेंस, पंजीकरण और पूर्व रिकॉर्ड की जांच आवश्यक है।
जनता से पुलिस की अपील
पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे नौकरी या विदेश भेजने के नाम पर किसी अनजान व्यक्ति को रकम देने से पहले पूरी जांच-पड़ताल करें।

इसके अलावा, किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत नजदीकी थाने या साइबर हेल्पलाइन को दें। समय पर शिकायत दर्ज कराने से न केवल आरोपी तक जल्दी पहुंचा जा सकता है, बल्कि अन्य संभावित पीड़ितों को भी बचाया जा सकता है।
आगे जारी है कानूनी प्रक्रिया
अबरार अहमद के खिलाफ संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर लिया गया है। अदालत में पेशी के बाद उसे न्यायिक हिरासत में भेजा गया है।

पुलिस का कहना है कि मामले की विस्तृत जांच जारी है और यदि अतिरिक्त साक्ष्य सामने आते हैं तो आरोपों में संशोधन भी किया जा सकता है।
कानपुर नौकरी के नाम पर ठगी का यह मामला एक बार फिर सतर्क रहने की आवश्यकता को रेखांकित करता है। विदेश में नौकरी का सपना दिखाकर लाखों रुपये की ठगी करने वाले आरोपी की गिरफ्तारी पुलिस की तत्परता को दर्शाती है।



