PSIT छात्र की मौत के बाद कॉलेज प्रबंधन का बड़ा फैसला, मुआवजा, सुरक्षा और नियमों में बदलाव का आश्वासन

कानपुर: प्रखर सिंह, बीसीए छात्र की मौत के बाद पीएसआईटी (PSIT) कॉलेज के प्रबंधन ने छात्र समुदाय और मृतक के परिजनों के आक्रोश को देखते हुए कई अहम फैसले लिए हैं। कॉलेज प्रबंधन ने छात्रों और उनके परिवारों की मांगों का सम्मान करते हुए मुआवजे से लेकर सुरक्षा व्यवस्था और अटेंडेंस नियमों तक में सुधार का ऐलान किया है। इस फैसले के बाद कॉलेज प्रशासन की तरफ से किए गए इन महत्वपूर्ण कदमों से स्थिति में सुधार की उम्मीद जताई जा रही है।
प्रखर सिंह की मौत के बाद उठे विरोध प्रदर्शन
बीते दिन, PSIT कॉलेज में छात्रों और उनके परिजनों ने छात्र प्रखर सिंह की मौत को लेकर विरोध प्रदर्शन किया था। छात्रों का कहना था कि घटना के बाद कॉलेज प्रशासन की ओर से कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए थे, जिसके कारण आक्रोश बढ़ा। इस विरोध के बाद कॉलेज प्रबंधन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए कुछ बड़े फैसले किए हैं।
मुआवजा और फीस वापसी
कॉलेज प्रबंधन ने सबसे पहले मृतक छात्र प्रखर सिंह के माता-पिता को आर्थिक मुआवजा देने की घोषणा की। इसके साथ ही, मृतक छात्र की पूरी फीस भी वापस करने का आश्वासन दिया गया। इस कदम को छात्र समुदाय और परिजनों ने सराहा है, क्योंकि यह एक सकारात्मक संदेश देता है और छात्रों के बीच सुरक्षा के प्रति विश्वास को बढ़ाता है।
अटेंडेंस और सिक्योरिटी डिपॉजिट में बदलाव
कॉलेज में अटेंडेंस से संबंधित सिक्योरिटी डिपॉजिट को फिलहाल माफ (waive off) कर दिया गया है। हालांकि, यह नियम उन छात्रों पर लागू रहेगा जिनकी अटेंडेंस 75% से कम है। इस फैसले से छात्रों को राहत मिलती है, खासकर उन छात्रों को जो विभिन्न कारणों से समय पर कॉलेज नहीं पहुंच पाते थे।

कॉलेज ने यह भी ऐलान किया है कि आगामी CT, PU और सेमेस्टर परीक्षाओं के दौरान 75% उपस्थिति नियम में भी नरमी बरती जाएगी। यह निर्णय विद्यार्थियों की परीक्षा तैयारी और उपस्थिति के दबाव को कम करने के लिए लिया गया है।
सुरक्षा और स्टाफ पर कार्रवाई
सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी कॉलेज प्रशासन ने बड़ा फैसला लिया है। कॉलेज प्रशासन ने यह सुनिश्चित किया कि घटना से जुड़े सिक्योरिटी कर्मियों या अन्य संबंधित स्टाफ के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। यह कदम सुरक्षा के स्तर को और बेहतर बनाने के उद्देश्य से उठाया गया है।
इसके अतिरिक्त, कॉलेज परिसर में किसी प्रकार के निर्माण कार्य पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी गई है। खासकर कॉलेज आने-जाने के समय, निर्माण कार्यों को अनुमति नहीं दी जाएगी। निर्माण कार्य के दौरान सुरक्षा उपायों का ध्यान रखा जाएगा, ताकि छात्रों को किसी भी प्रकार की समस्या का सामना न करना पड़े।
गेट व्यवस्था और समय में बदलाव
कॉलेज प्रशासन ने गेट व्यवस्था में भी बदलाव किए हैं। अब छात्रों को कॉलेज में प्रवेश करने के लिए किसी एक विशेष गेट का इस्तेमाल नहीं करना होगा। सभी गेट से प्रवेश की अनुमति होगी, सिवाय गेट नंबर 7 के। इसके साथ ही, यदि कोई छात्र एक ही लेक्चर में देर से पहुंचता है, तो उसे केवल उस पीरियड में अनुपस्थित माना जाएगा, पूरे दिन की अनुपस्थिति दर्ज नहीं होगी। यह निर्णय छात्रों के लिए राहत देने वाला साबित होगा, क्योंकि कॉलेज आने में अक्सर देरी हो जाती है।
मनोवैज्ञानिक काउंसलर की नियुक्ति और स्वास्थ्य सुविधा
कॉलेज में एक मनोवैज्ञानिक काउंसलर की नियुक्ति की जाएगी। यह काउंसलर छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य की देखभाल करेगा और उनकी समस्याओं को समझकर समाधान देगा। इसके अलावा, कॉलेज में स्वास्थ्य सुविधाएं भी सुनिश्चित की जाएंगी। यदि किसी छात्र की तबीयत खराब होती है, तो उसे हॉस्टल में आराम करने की अनुमति दी जाएगी, ताकि किसी भी प्रकार की स्वास्थ्य समस्या से बचा जा सके।
लाइब्रेरी और हॉस्टल नियमों में बदलाव
लाइब्रेरी की टाइमिंग को समान रखा गया है, और यह बदलाव लड़के और लड़कियों दोनों के लिए लागू होगा। इससे छात्रों को लाइब्रेरी का बेहतर उपयोग करने का अवसर मिलेगा।
विरोध प्रदर्शन पर कोई अनुशासनात्मक कार्रवाई नहीं
कॉलेज ने यह स्पष्ट किया है कि आज हुए विरोध प्रदर्शन को लेकर किसी भी छात्र के खिलाफ कोई अनुशासनात्मक कार्रवाई नहीं की जाएगी। छात्रों के आक्रोश और मांगों के बाद कॉलेज प्रशासन ने यह कदम उठाया, ताकि विद्यार्थियों को यह विश्वास हो कि उनकी आवाज सुनी जा रही है और उनकी समस्याओं का समाधान किया जा रहा है।
निष्कर्ष: कॉलेज प्रशासन का नया दृष्टिकोण
PSIT कॉलेज प्रशासन ने छात्र समुदाय के दबाव और परिजनों के आक्रोश को देखते हुए कई महत्वपूर्ण फैसले किए हैं। मुआवजे, सुरक्षा, अटेंडेंस नियमों में बदलाव, और मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं की शुरुआत से यह स्पष्ट होता है कि कॉलेज प्रशासन अब छात्रों की भलाई और सुरक्षा को प्राथमिकता दे रहा है। इस निर्णय से छात्रों के बीच विश्वास पैदा होगा और आने वाले समय में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति को रोकने में मदद मिलेगी।



