अखिलेश यादव पहुंचे कानपुर: बीजेपी पर जमकर बोला हमला, शंकराचार्य का अपमान और कानपुर के विकास पर जोर

“न्यूज़ डेस्क”
कानपुर: उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने आज कानपुर में आयोजित एक जनसभा के दौरान भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि बीजेपी सरकार में हमेशा से ही सुरक्षा व्यवस्था में नाकामयाबी रही है और देश में बढ़ते कानून-व्यवस्था के संकट पर भी चिंता जताई। इस दौरान उन्होंने कई गंभीर आरोप लगाए और बीजेपी के रवैये पर सवाल उठाए।
सिक्योरिटी फेलियर और AI की तैयारियों का अभाव – अखिलेश
अखिलेश यादव ने बीजेपी सरकार को कटघरे में खड़ा करते हुए कहा कि जब सरकार ने AI जैसे कार्यक्रमों का आयोजन किया, तो वह पूरी तरह से असफल रहा। “आपने AI के बारे में कोई ठोस योजना और इन्फ्रास्ट्रक्चर तैयार नहीं किया था। कार्यक्रम में दिखाया गया रोबोट दूसरे देशों का बना हुआ था, यह स्वाभाविक रूप से नाराजगी का कारण बना,” उन्होंने कहा। उनका आरोप था कि सरकार ने इस आयोजन के लिए जरूरी तैयारी नहीं की थी और न ही इससे जुड़े इन्फ्रास्ट्रक्चर पर ध्यान दिया था।
शंकराचार्य का अपमान और बीजेपी की नीतियां
अखिलेश यादव ने आगे बढ़ते हुए कहा कि शंकराचार्य जैसे धार्मिक व्यक्तित्व का अपमान किसी भी लोकतांत्रिक सरकार का काम नहीं हो सकता। उन्होंने अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती महाराज को लेकर कहा, “सरकार उनके साथ न्याय नहीं कर रही है, बल्कि उन्हें अपमानित करने का काम कर रही है। यह लोकतांत्रिक व्यवहार नहीं है और हम इसके विरोध में हैं।” इस दौरान उन्होंने बीजेपी सरकार की नीतियों को भी आड़े हाथ लिया और कहा कि यह सरकार लोकतंत्र की ताकत को कमजोर कर रही है।

लॉ एंड ऑर्डर की बिगड़ती स्थिति – अखिलेश
लॉ एंड ऑर्डर पर बोलते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि यूपी में कानून का पालन और व्यवस्था पूरी तरह से टूट चुकी है। “कानून अलग चल रहा है, और आदेश अलग। आए दिन घटनाएं हो रही हैं और किसी की सुनवाई नहीं हो रही है।” उन्होंने कहा कि कानपुर में अवैध निर्माण और कब्जे की बढ़ती घटनाएं इस बात का स्पष्ट उदाहरण हैं। “कानपुर में बीजेपी के लोग अवैध निर्माण कर रहे हैं, जमीनों पर कब्जा कर रहे हैं, और प्रशासन चुप है,” उन्होंने आरोप लगाया।
अयोध्या और बीजेपी के इलीगल कंस्ट्रक्शन पर बोला हमला
अखिलेश यादव ने अयोध्या में बिना नोटिस के घरों और दीवारों को तोड़े जाने की घटना का उल्लेख करते हुए कहा कि बीजेपी के लोग इलीगल कंस्ट्रक्शन करने के लिए पूरी तरह से स्वतंत्र हैं, जबकि आम जनता के घर तोड़े जा रहे हैं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि बीजेपी के लोग जगह-जगह कब्जा कर रहे हैं और जमीन छीन रहे हैं।
कानपुर के विकास पर दिया जोर
अखिलेश यादव ने कानपुर के विकास को लेकर भी अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि अगर समाजवादी पार्टी की सरकार बनती है, तो कानपुर को फिर से इंडस्ट्रियल टाउन बनाने का प्रयास किया जाएगा। “कानपुर को औद्योगिक क्षेत्र में अहम स्थान देना चाहिए, ताकि यहां रोजगार के अवसर बढ़ सकें और युवाओं को काम मिले,” उन्होंने कहा। इसके अलावा, उन्होंने गंगा सफाई के मुद्दे पर भी अपनी बात रखी और कहा कि समाजवादी सरकार बनने पर मां गंगा की सफाई की जाएगी और उसे और भी स्वच्छ बनाया जाएगा।
मुख्यमंत्री योगी का जापान दौरा और कानपुर की स्थिति
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के जापान दौरे पर तंज कसते हुए अखिलेश यादव ने कहा, “मुख्यमंत्री जापान गए हैं, लेकिन कानपुर के विकास के लिए उन्होंने कोई ठोस कदम नहीं उठाए। वह बनारस को क्यूटों की तरह बनाना चाहते हैं, लेकिन कानपुर को खोद कर सिंगापुर बनाने का सपना दिखा रहे हैं।” अखिलेश यादव ने कहा कि प्रदेश की जनता को ऐसे खोखले वादों से कुछ हासिल नहीं होने वाला।

फौजी और किसानों के अपमान का आरोप – अखिलेश
अखिलेश यादव ने बीजेपी सरकार पर फौजी और किसानों के अपमान का भी आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि यह सरकार फौजी को अपमानित करती है और किसान के खिलाफ भी नफरत फैलाती है। “किसानों को उनके हक से वंचित किया जा रहा है, और फौजियों का अपमान किया जा रहा है। यह सरकार पूरी तरह से असंवेदनशील है,” उन्होंने कहा।
अखिलेश दुबे का जेल से बाहर आने पर क्या बोले अखिलेश यादव
अखिलेश यादव ने अंत में कानपुर के एक प्रमुख समाजसेवी अखिलेश दुबे के जेल में बंद होने पर भी बयान दिया। उन्होंने कहा कि वह जल्दी ही जेल से बाहर आएंगे और अपनी कलम से उन लोगों का विरोध करेंगे जिन्होंने उनके खिलाफ काम किया। “जो लोग उनके साथ गलत कर रहे हैं, उन्हें दंडित किया जाएगा,” उन्होंने कहा।



