कानपुर: खाद्य विभाग का शुरू हुआ बड़ा एक्शन, 1.5 करोड़ का मिलावटी खाद्य किया नष्ट, व्यापारियों में दहशत

रिपोर्ट – शुभम शर्मा
कानपुर: उत्तर प्रदेश के खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग ने होली और रमजान जैसे प्रमुख त्योहारों के मद्देनजर कानपुर में एक सघन छापेमारी अभियान शुरू किया है। इन त्योहारों के दौरान खाद्य पदार्थों की मांग में अचानक वृद्धि होती है, जिससे मिलावटखोरों की गतिविधियां भी तेज हो जाती हैं। ऐसे में खाद्य विभाग की टीम ने 1.5 करोड़ रुपये का मिलावटी खाद्य पदार्थ नष्ट किया है। अधिकारियों का कहना है कि यह अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा।
फूड विभाग की छापेमारी का शुरू हो चुका है असर
खाद्य विभाग की छापेमारी ने कानपुर के विभिन्न बाजारों में खलबली मचा दी है। मिलावटी खाद्य पदार्थों के खिलाफ विभाग का अभियान व्यापारियों के बीच दहशत का कारण बन चुका है। खासकर मावा, खोया और अन्य बड़े खाद्य उत्पादों के व्यापारियों में इस अभियान से तनाव बढ़ गया है। व्यापारियों का कहना है कि बड़े प्रोडक्ट्स की छापेमारी से उनका कारोबार प्रभावित हो रहा है, क्योंकि उनका अधिकांश व्यापार थोक में मावा और खोया बेचने वालों पर निर्भर है।
1.5 करोड़ का मिलावटी खाद्य पदार्थ नष्ट
खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने अब तक कानपुर में छापेमारी करते हुए करीब 1.5 करोड़ रुपये का मिलावटी खाद्य पदार्थ नष्ट किया है। विभाग का कहना है कि ये खाद्य पदार्थ स्वास्थ्य के लिए हानिकारक थे और इनका सेवन करने से उपभोक्ताओं को गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का सामना करना पड़ सकता था। छापेमारी में पकड़ी गई सामग्री में मिलावटी मावा, खोया, मिठाई, और अन्य खाद्य पदार्थ शामिल थे। विभाग ने इन सभी खाद्य पदार्थों को तुरंत नष्ट कर दिया और उन व्यापारियों के खिलाफ कार्रवाई शुरू की है जो इन अवैध उत्पादों का निर्माण और बिक्री करते थे।
व्यापारियों ने शुरू किया विरोध
हालांकि, खाद्य विभाग की यह कार्रवाई जहां एक ओर उपभोक्ताओं के लिए फायदेमंद साबित हो रही है, वहीं दूसरी ओर व्यापारी वर्ग इससे असंतुष्ट नजर आ रहा है। व्यापारियों का कहना है कि विभाग ने बिना पूर्व सूचना के अचानक छापेमारी शुरू कर दी है, जिससे उनका व्यापार काफी प्रभावित हो रहा है। खासकर उन व्यापारियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है जो थोक में मावा और खोया बेचते हैं। उनका कहना है कि इस समय बड़े त्योहारों के दौरान उनका कारोबार अच्छा चल रहा था, लेकिन अचानक छापेमारी के कारण उनका व्यापार ठप हो गया है।
खाद्य विभाग का अभियान लगातार जारी रहेगा
खाद्य विभाग के अधिकारियों का कहना है कि यह अभियान फिलहाल खत्म नहीं होगा और इसे जारी रखा जाएगा। अधिकारियों ने व्यापारियों को चेतावनी दी है कि वे किसी भी प्रकार के मिलावटी या अवैध खाद्य उत्पादों का निर्माण या बिक्री न करें। खाद्य विभाग के अधिकारी संजय प्रताप सिंह ने कहा, “हमारा मुख्य उद्देश्य उपभोक्ताओं को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण खाद्य पदार्थ उपलब्ध कराना है। हम इस अभियान के माध्यम से मिलावटखोरों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई कर रहे हैं।”
विभाग ने यह भी कहा कि वे सभी व्यापारियों को साफ-साफ निर्देश दे चुके हैं कि वे केवल प्रमाणित और गुणवत्ता वाले उत्पादों का निर्माण और बिक्री करें। यदि कोई व्यापारी मिलावटी उत्पादों का निर्माण करता पाया जाता है, तो उसके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
आगे की कार्रवाई और व्यापारियों के लिए यह हैं निर्देश
फूड विभाग ने व्यापारियों से यह भी अपील की है कि वे अपनी दुकान में बिकने वाले उत्पादों की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान दें और किसी भी प्रकार की मिलावट से बचें। विभाग ने चेतावनी दी है कि त्योहारों के दौरान विशेष निगरानी रखी जाएगी और कोई भी मिलावटी उत्पाद पकड़े जाने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
इस अभियान के तहत विभाग ने उन सभी दुकानों और फैक्ट्रियों की जांच की है जहां मिठाई, मावा, खोया जैसे उत्पाद बनते हैं। इन उत्पादों की गुणवत्ता और सुरक्षा मानकों की जांच की गई और पाया गया कि कई दुकानों और फैक्ट्रियों में मिलावटी उत्पाद बनाए जा रहे थे, जिससे न केवल उपभोक्ताओं की सेहत को खतरा था, बल्कि बाजार में प्रतिस्पर्धा को भी नुकसान हो रहा था।
मिलावटखोरों में मच चुकी है खलबली
कानपुर में खाद्य विभाग द्वारा की जा रही सघन छापेमारी ने व्यापारियों और उपभोक्ताओं के बीच खलबली मचाई है। जबकि व्यापारियों को इस अभियान से असुविधा हो रही है, वहीं उपभोक्ताओं के लिए यह कदम स्वास्थ्य की दृष्टि से फायदेमंद साबित हो सकता है। खाद्य विभाग ने स्पष्ट किया है कि उनका उद्देश्य केवल मिलावटी खाद्य पदार्थों को नष्ट करना है और किसी भी प्रकार की जन-धन हानि से बचाव करना है।
मिलावटी खाद्य पदार्थों के खिलाफ विभाग की यह सख्त कार्रवाई यह दर्शाती है कि त्योहारों के दौरान खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और सुरक्षा के प्रति प्रशासन की संवेदनशीलता कितनी बढ़ गई है।



