
रिपोर्ट – ब्रजेश शर्मा
भारतीय जनता पार्टी के 47वें स्थापना दिवस के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पार्टी कार्यकर्ताओं को वीडियो संदेश के माध्यम से संबोधित किया। इस अवसर पर उन्होंने संगठन के प्रति समर्पण, त्याग और राष्ट्र सेवा की भावना को भाजपा की सबसे बड़ी ताकत बताया। साथ ही, उन्होंने कार्यकर्ताओं को स्थापना दिवस की शुभकामनाएं देते हुए उनके योगदान को याद किया।

प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन की शुरुआत भावनात्मक शब्दों से की। उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी एक ऐसा राजनीतिक दल है, जहां कार्यकर्ता पार्टी को अपनी मां के समान मानते हैं। इसलिए स्थापना दिवस केवल एक औपचारिक आयोजन नहीं, बल्कि प्रत्येक कार्यकर्ता के लिए भावनात्मक अवसर होता है। उनके अनुसार, यह दिन पार्टी के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने और राष्ट्र सेवा के संकल्प को दोहराने का अवसर प्रदान करता है।

उन्होंने देशभर के करोड़ों भाजपा कार्यकर्ताओं और पार्टी का समर्थन करने वाले नागरिकों को स्थापना दिवस की बधाई दी। प्रधानमंत्री ने कहा कि पार्टी की मजबूती का आधार उसके जमीनी स्तर के कार्यकर्ता हैं, जो निष्ठा और समर्पण के साथ संगठन को आगे बढ़ाते रहे हैं।
संघर्ष और समर्पण की विरासत
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने संबोधन में पार्टी के संघर्षपूर्ण इतिहास का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि भाजपा कार्यकर्ताओं ने विभिन्न दौर में कठिन परिस्थितियों का सामना किया है। आपातकाल के समय से लेकर अन्य राजनीतिक चुनौतियों तक, कार्यकर्ताओं ने संगठन को मजबूत बनाने के लिए लगातार प्रयास किए।

उन्होंने यह भी कहा कि कुछ राज्यों में राजनीतिक हिंसा और विरोध के माहौल के बावजूद कार्यकर्ताओं ने लोकतांत्रिक मूल्यों को बनाए रखा। इसके बावजूद, उन्होंने संयम और लोकतांत्रिक प्रक्रिया में विश्वास बनाए रखा। प्रधानमंत्री के अनुसार, इन्हीं प्रयासों के कारण आज भाजपा देश के कई हिस्सों में मजबूत स्थिति में है।
हर चुनौती का सामना करने का संकल्प
वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि देश जानता है कि भाजपा हर चुनौती का सामना ईमानदारी से करती रही है और आगे भी करती रहेगी। उन्होंने विश्वास जताया कि पार्टी की सकारात्मक सोच और जनसेवा के कार्यों के कारण भविष्य में भी अच्छे परिणाम मिलेंगे।

प्रधानमंत्री ने स्पष्ट किया कि भाजपा की राजनीति का केंद्रबिंदु राष्ट्रहित और जनकल्याण है। उन्होंने कहा कि पार्टी का उद्देश्य केवल सत्ता प्राप्त करना नहीं, बल्कि समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास की योजनाओं का लाभ पहुंचाना है। इसी सोच के कारण पार्टी ने समय-समय पर नई नीतियां और कार्यक्रम लागू किए हैं।
1984 का संदर्भ और विश्वास की यात्रा
प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में 1984 के आम चुनावों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि वह समय भारतीय राजनीति के लिए महत्वपूर्ण था, जब कांग्रेस को रिकॉर्ड संख्या में सीटें मिली थीं। हालांकि, उन्होंने यह भी जोड़ा कि समय के साथ जनता ने विभिन्न राजनीतिक अनुभवों से सीख ली।

प्रधानमंत्री के अनुसार, जनता का विश्वास धीरे-धीरे भाजपा की ओर बढ़ा। उन्होंने कहा कि यह विश्वास किसी एक घटना का परिणाम नहीं था, बल्कि लंबे समय तक किए गए संगठनात्मक प्रयासों और जनसंपर्क का नतीजा था। धीरे-धीरे पार्टी ने विभिन्न राज्यों में अपनी स्थिति मजबूत की और सीटों की संख्या में वृद्धि हुई।
संगठन ही शक्ति – पीएम
प्रधानमंत्री ने कहा कि भाजपा की असली ताकत उसका संगठन है। बूथ स्तर से लेकर राष्ट्रीय स्तर तक कार्यकर्ता एकजुट होकर काम करते हैं। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि संगठनात्मक अनुशासन और सामूहिक नेतृत्व की भावना ही पार्टी को आगे बढ़ाती है।

इसके अलावा, उन्होंने कार्यकर्ताओं से अपील की कि वे सेवा और समर्पण की भावना को बनाए रखें। स्थापना दिवस को उन्होंने आत्ममंथन और नए संकल्प का अवसर बताया। उनके अनुसार, पार्टी के प्रत्येक सदस्य को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि उनकी कार्यशैली पारदर्शी और जनहित में हो।
विकास और जनसेवा पर दिया बल
प्रधानमंत्री ने अपने संदेश में यह भी कहा कि भाजपा की सरकारों ने विकास को प्राथमिकता दी है। बुनियादी ढांचे, सामाजिक सुरक्षा योजनाओं और आर्थिक सशक्तिकरण के क्षेत्रों में किए गए कार्यों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि इन प्रयासों का उद्देश्य देश को आत्मनिर्भर और मजबूत बनाना है।

हालांकि, उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि चुनौतियां अभी समाप्त नहीं हुई हैं। इसलिए, उन्होंने कार्यकर्ताओं से आग्रह किया कि वे जनता के बीच जाकर संवाद बनाए रखें और सरकार की योजनाओं की जानकारी लोगों तक पहुंचाएं।
जानिए आगे की राह
अपने संबोधन के अंत में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पुनः स्थापना दिवस की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि भाजपा का प्रत्येक कार्यकर्ता राष्ट्र निर्माण की प्रक्रिया का महत्वपूर्ण हिस्सा है। साथ ही, उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि पार्टी आने वाले समय में भी लोकतांत्रिक मूल्यों और जनसेवा के सिद्धांतों पर आगे बढ़ती रहेगी।

इस प्रकार, भाजपा के 47वें स्थापना दिवस पर प्रधानमंत्री का संदेश संगठनात्मक एकता, संघर्ष की विरासत और राष्ट्र सेवा के संकल्प को दोहराने वाला रहा। स्थापना दिवस के इस अवसर ने कार्यकर्ताओं को न केवल अतीत की उपलब्धियों को याद करने का मौका दिया, बल्कि भविष्य के लक्ष्यों के लिए प्रेरित भी किया।



