श्रावस्ती :अवैध पेट्रोल-डीजल बिक्री पर प्रशासन की कार्रवाई, तीन स्थानों से ईंधन किया बरामद

रिपोर्ट – सूर्य प्रकाश शुक्ला
श्रावस्ती: जिले में अवैध रूप से पेट्रोल-डीजल की बिक्री और भंडारण के खिलाफ प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। जिलाधिकारी अन्नपूर्णा गर्ग के निर्देश पर आपूर्ति विभाग की टीम ने विभिन्न स्थानों पर छापेमारी की। इस दौरान तीन अलग-अलग दुकानों से अवैध रूप से रखा गया पेट्रोल बरामद किया गया।

प्रशासन की इस कार्रवाई के बाद अवैध ईंधन कारोबार से जुड़े लोगों में हड़कंप मच गया है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
डीएम के निर्देश पर संयुक्त टीम ने की छापेमारी
जानकारी के अनुसार, जिलाधिकारी अन्नपूर्णा गर्ग को क्षेत्र में अवैध रूप से पेट्रोल-डीजल बेचे जाने की शिकायतें मिल रही थीं। इसके बाद उन्होंने आपूर्ति विभाग को जांच और आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए।

निर्देश मिलते ही विभागीय टीम ने संबंधित क्षेत्रों में छापेमारी अभियान चलाया। कार्रवाई के दौरान सिसवा हरिहरपुरानी के पास कमरुद्दीन के यहां से लगभग 15 लीटर पेट्रोल बरामद किया गया। यह पेट्रोल जरीकेन और अन्य असुरक्षित कंटेनरों में रखा गया था।
किराना दुकानों में भी मिला पेट्रोल
छापेमारी के दौरान प्रिंस कुमार गुप्ता की किराना दुकान से बोतलों में भरा हुआ और खाली पेट्रोल पाया गया। प्रारंभिक जांच में सामने आया कि ईंधन को पानी की बोतलों और प्लास्टिक कंटेनरों में संग्रहित किया गया था, जो सुरक्षा मानकों के अनुरूप नहीं है।

इसी प्रकार, तेंदुआ रतनपुर क्षेत्र में राजेश कुमार यादव की दुकान से करीब 5 लीटर पेट्रोल बरामद किया गया। अधिकारियों ने मौके पर ही जब्ती की कार्रवाई करते हुए आवश्यक दस्तावेज तैयार किए।
अवैध भंडारण से सुरक्षा पर बढ़ा खतरा
विशेषज्ञों के अनुसार, पेट्रोल और डीजल अत्यंत ज्वलनशील पदार्थ हैं। इन्हें खुले या असुरक्षित कंटेनरों में रखना न केवल नियमों के विरुद्ध है, बल्कि आसपास के लोगों की सुरक्षा के लिए भी जोखिमपूर्ण हो सकता है।

यही कारण है कि पेट्रोलियम पदार्थों के भंडारण और बिक्री के लिए कड़े नियम बनाए गए हैं। लाइसेंस के बिना ईंधन की बिक्री या भंडारण दंडनीय अपराध है। इस संदर्भ में प्रशासन ने कहा है कि अवैध रूप से ईंधन संग्रहित करने से किसी भी समय दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। इसलिए ऐसे मामलों में शून्य सहनशीलता की नीति अपनाई जा रही है।
संबंधित धाराओं में कार्रवाई है शुरू
आपूर्ति विभाग ने बताया कि सभी मामलों में आवश्यक धाराओं के तहत कार्रवाई शुरू कर दी गई है। आरोपियों से पूछताछ की जा रही है और यह जांच की जा रही है कि ईंधन कहां से लाया गया और किस उद्देश्य से बेचा जा रहा था।

यदि जांच में बड़े स्तर के नेटवर्क का संकेत मिलता है, तो आगे और भी सख्त कदम उठाए जाएंगे। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि अवैध कारोबार में संलिप्त पाए जाने पर लाइसेंस निरस्तीकरण और अन्य कानूनी दंड का प्रावधान लागू किया जाएगा।
जानिए प्रशासन की सख्त चेतावनी
कार्रवाई के बाद जिला प्रशासन ने अवैध पेट्रोल-डीजल कारोबारियों को सख्त चेतावनी दी है। अधिकारियों ने कहा कि भविष्य में भी ऐसे अभियान जारी रहेंगे।

इसके अतिरिक्त, आम नागरिकों से भी अपील की गई है कि यदि कहीं अवैध रूप से ईंधन की बिक्री या भंडारण होता दिखाई दे, तो इसकी सूचना तुरंत प्रशासन को दें। इससे संभावित दुर्घटनाओं को रोका जा सकेगा।
जनहित में जारी रहेगा निरंतर अभियान
प्रशासन का कहना है कि यह अभियान जनहित और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए चलाया जा रहा है। हाल के समय में अवैध ईंधन बिक्री की शिकायतें बढ़ी थीं, जिसके चलते निगरानी बढ़ाई गई है। आपूर्ति विभाग ने यह भी संकेत दिया है कि भविष्य में नियमित निरीक्षण किए जाएंगे, ताकि नियमों का पालन सुनिश्चित हो सके।

श्रावस्ती में अवैध पेट्रोल-डीजल बिक्री के खिलाफ की गई यह कार्रवाई प्रशासन की सक्रियता को दर्शाती है। तीन अलग-अलग स्थानों से पेट्रोल की बरामदगी ने यह स्पष्ट किया है कि नियमों की अनदेखी कर ईंधन का भंडारण किया जा रहा था।

हालांकि, समय रहते की गई छापेमारी से संभावित जोखिमों को टाला जा सका। अब आवश्यक है कि व्यापारी नियमों का पालन करें और लाइसेंस प्राप्त माध्यमों से ही ईंधन का कारोबार करें। प्रशासन ने दोहराया है कि जन सुरक्षा सर्वोपरि है और किसी भी प्रकार की अवैध गतिविधि को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।



