श्रावस्ती: नवागंतुक डीएम अन्नपूर्णा गर्ग का औचक निरीक्षण, स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार के दिए सख्त निर्देश

रिपोर्ट – सूर्य प्रकाश शुक्ला
श्रावस्ती: जिले में कार्यभार संभालते ही नवागंतुक जिलाधिकारी अन्नपूर्णा गर्ग ने स्वास्थ्य व्यवस्थाओं को प्राथमिकता देते हुए सख्त रुख अपनाया है। पदभार ग्रहण करने के तुरंत बाद उन्होंने बीती देर शाम सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) भंगहा का औचक निरीक्षण किया और वहां की व्यवस्थाओं का बारीकी से जायजा लिया।

निरीक्षण के दौरान डीएम ने न केवल व्यवस्थाओं को देखा, बल्कि मरीजों से सीधे संवाद कर स्वास्थ्य सेवाओं की वास्तविक स्थिति जानने का प्रयास भी किया। प्रशासन की इस सक्रियता से स्वास्थ्य विभाग में जवाबदेही सुनिश्चित करने का स्पष्ट संदेश गया है।
ओपीडी पंजिका की जांच और मरीजों से किया सीधा संवाद
निरीक्षण के दौरान डीएम अन्नपूर्णा गर्ग ने ओपीडी पंजिका का अवलोकन किया। उन्होंने उसमें दर्ज मरीजों के मोबाइल नंबरों पर संपर्क कर सेवाओं की गुणवत्ता के बारे में जानकारी ली। इस पहल से यह सुनिश्चित करने का प्रयास किया गया कि रजिस्टर में दर्ज जानकारी और वास्तविक सेवा में कोई अंतर न हो।

इसके अतिरिक्त, अस्पताल में मौजूद मरीजों से मिलकर उन्होंने चिकित्सकों द्वारा दी जा रही सुविधाओं के बारे में जानकारी प्राप्त की। कई मरीजों ने अपनी समस्याएं साझा कीं, जिन्हें डीएम ने गंभीरता से सुना और संबंधित अधिकारियों को तत्काल सुधार के निर्देश दिए।
साफ-सफाई पर जताई नाराजगी, अधीक्षक को दिया फटकार
निरीक्षण के दौरान अस्पताल परिसर में साफ-सफाई की स्थिति संतोषजनक नहीं पाई गई। इस पर डीएम ने अधीक्षक को कड़ी फटकार लगाई और तत्काल सुधार के निर्देश दिए।

उन्होंने स्पष्ट कहा कि अस्पताल जैसे संवेदनशील स्थान पर स्वच्छता से किसी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। स्वच्छ वातावरण न केवल मरीजों के स्वास्थ्य के लिए आवश्यक है, बल्कि संक्रमण से बचाव के लिए भी महत्वपूर्ण है।
विभिन्न वार्डों का भी किया विस्तृत निरीक्षण
डीएम ने पंजीकरण काउंटर, दवा वितरण काउंटर, प्रसव कक्ष, एक्स-रे वार्ड, जनरल वार्ड, जननी सुरक्षा वार्ड, मुख्य औषधि भंडार, इमरजेंसी वार्ड और ब्लड बैंक सहित सभी प्रमुख इकाइयों का निरीक्षण किया।

उन्होंने दवाओं की उपलब्धता, उपकरणों की स्थिति और स्टाफ की उपस्थिति की जानकारी ली। साथ ही, यह भी देखा कि मरीजों को समय पर दवा और जांच सुविधा मिल रही है या नहीं। विशेष रूप से, जननी सुरक्षा वार्ड और प्रसव कक्ष में व्यवस्थाओं की समीक्षा करते हुए उन्होंने मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं को और सुदृढ़ करने पर जोर दिया।
प्रसव के बाद नवजात शिशुओं की देखभाल के दिए निर्देश
डीएम ने प्रसव के लिए आई महिलाओं से भी मुलाकात की और डिलीवरी के बाद नवजात शिशुओं की देखभाल के बारे में जानकारी ली। उन्होंने चिकित्सकों और पैरामेडिकल स्टाफ को निर्देश दिया कि नवजात शिशुओं की देखभाल निर्धारित मानकों के अनुसार सुनिश्चित की जाए।

इसके अलावा, उन्होंने कहा कि किसी भी प्रकार की लापरवाही या शिथिलता पाए जाने पर संबंधित कर्मियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। स्वास्थ्य सेवाओं में गुणवत्ता और संवेदनशीलता दोनों अनिवार्य हैं।
जवाबदेही और सतर्कता का दिखा संदेश
निरीक्षण के दौरान सभी चिकित्सक और पैरामेडिकल कर्मी उपस्थित रहे। डीएम ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं में हीलाहवाली अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि नियमित निरीक्षण और निगरानी की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। इसके साथ ही, शिकायतों के त्वरित निस्तारण की प्रक्रिया को मजबूत करने पर भी जोर दिया गया।
जनहित में दिखा सख्त रुख
डीएम अन्नपूर्णा गर्ग ने कहा कि जिला प्रशासन की प्राथमिकता आम नागरिकों को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना है। यदि कहीं भी लापरवाही पाई गई, तो संबंधित अधिकारी या कर्मचारी के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।

उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि अस्पताल में आने वाले प्रत्येक मरीज के साथ सम्मानजनक व्यवहार सुनिश्चित किया जाए। साथ ही, दवा वितरण और जांच प्रक्रिया में पारदर्शिता बनाए रखने पर बल दिया।

श्रावस्ती में नवागंतुक डीएम अन्नपूर्णा गर्ग द्वारा किया गया यह औचक निरीक्षण प्रशासन की सक्रियता और प्रतिबद्धता को दर्शाता है। स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए उठाए गए कदम जनहित में महत्वपूर्ण हैं।

हालांकि, वास्तविक बदलाव तभी संभव है जब सभी स्तरों पर समन्वय और नियमित निगरानी बनी रहे। प्रशासन का यह संदेश स्पष्ट है कि स्वास्थ्य सेवाओं में किसी भी प्रकार की लापरवाही को अब स्वीकार नहीं किया जाएगा। इस पहल से जिले में स्वास्थ्य व्यवस्थाओं में सुधार की उम्मीद जताई जा रही है।



