कानपुर: फर्जी फर्म बनाकर पिता-पुत्र कर रहे थे बड़ी धोखाधड़ी – जानिए गिरफ़्तारी के बाद कबूला कितना बड़ा सच

रिपोर्ट – शुभम शर्मा
कानपुर: फर्जी दस्तावेजों के आधार पर नकली फर्म बनाकर 150 करोड़ रुपये से अधिक की कथित धोखाधड़ी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश हुआ है। Kanpur Police Commissionerate के पूर्वी जोन की टीम ने इस मामले में पिता-पुत्र को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि इन्होंने लोगों के आधार-पैन कार्ड का दुरुपयोग कर जीएसटी नंबर और सिम कार्ड जारी कराए तथा फर्जी फर्मों के नाम पर बड़े पैमाने पर लेन-देन किया।

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान महताब आलम (50) और मासूम अली (25) के रूप में हुई है, जो थाना जाजमऊ क्षेत्र के निवासी बताए गए हैं। पुलिस के अनुसार, शुरुआती जांच में कई फर्जी फर्मों के जरिए भारी वित्तीय लेन-देन के संकेत मिले हैं। फिलहाल, मामले की विस्तृत जांच जारी है।
पढ़िए ऐसे सामने आया मामला
प्राप्त जानकारी के अनुसार, 24 अप्रैल 2026 को निखिल कुमार नामक व्यक्ति ने थाना चकेरी में शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने आरोप लगाया कि उनके आधार और पैन कार्ड का गलत इस्तेमाल कर ‘रवि इंटरप्राइजेज’ नाम से फर्जी फर्म बनाई गई। शिकायतकर्ता के मुताबिक, वह कम पढ़ा-लिखा मजदूर है और उसे इस फर्म व लेन-देन की कोई जानकारी नहीं थी।

जांच के दौरान पता चला कि उक्त फर्म के नाम पर पिछले छह महीनों में करीब 7.75 करोड़ रुपये का लेन-देन हुआ। इसके बाद पुलिस ने साइबर सेल और सर्विलांस टीम की मदद से जांच का दायरा बढ़ाया।
जांच में हुए कई अहम खुलासे
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, प्रारंभिक पड़ताल में अन्य फर्जी फर्मों का भी खुलासा हुआ। आरोप है कि ‘अल्फिसा इंटरप्राइजेज’ नामक फर्म के जरिए लगभग 146 करोड़ रुपये का लेन-देन दर्शाया गया। इसी तरह ‘आरती इंटरप्राइजेज’ के नाम से भी फर्म बनाकर वित्तीय गतिविधियां संचालित की गईं।

एक अन्य मामले में ‘राजा इंटरप्राइजेज’ नामक फर्म का भी उल्लेख सामने आया है। जांच एजेंसियां यह पता लगा रही हैं कि इन फर्मों के माध्यम से किस प्रकार का कारोबार दर्शाया गया और वास्तविक धन प्रवाह का स्रोत क्या था। साथ ही, जीएसटी पंजीकरण और बैंकिंग लेन-देन के दस्तावेजों की भी जांच की जा रही है।
जानिए कैसे हुई गिरफ्तारी
पुलिस के मुताबिक, संयुक्त कार्रवाई के तहत थाना चकेरी पुलिस, साइबर सेल और सर्विलांस टीम ने संदिग्धों की लोकेशन ट्रेस की। महताब आलम को रामादेवी क्षेत्र से और मासूम अली को जाजमऊ के बुरादा ग्राउंड इलाके से गिरफ्तार किया गया।

प्रेस वार्ता में जानकारी देते हुए Satyajeet Gupta, पुलिस उपायुक्त (पूर्वी) ने बताया कि आरोपियों के खिलाफ कई धाराओं में मुकदमे दर्ज हैं। उन्होंने यह भी कहा कि आरोपियों के आपराधिक इतिहास और संभावित सहयोगियों की भूमिका की जांच की जा रही है।
दर्ज मुकदमे और हो चुकी है कानूनी कार्रवाई
पुलिस के अनुसार, आरोपियों के खिलाफ थाना चकेरी और थाना जाजमऊ में विभिन्न धाराओं में मुकदमे दर्ज हैं। इनमें जालसाजी, कूटरचना, धोखाधड़ी और आपराधिक षड्यंत्र से संबंधित धाराएं शामिल हैं। जांच के आधार पर आगे और धाराएं जोड़ी जा सकती हैं।

इसके अतिरिक्त, जीएसटी विभाग और अन्य संबंधित एजेंसियों से भी समन्वय स्थापित किया जा रहा है, ताकि वित्तीय अनियमितताओं का पूरा विवरण सामने आ सके। यदि आवश्यक हुआ, तो संपत्ति जब्ती और बैंक खातों को फ्रीज करने जैसी कार्रवाई भी की जा सकती है।
खुलासे में साइबर और सर्विलांस की रही भूमिका
इस कार्रवाई में साइबर सेल की महत्वपूर्ण भूमिका रही। डिजिटल साक्ष्यों, बैंक ट्रांजैक्शन और मोबाइल डेटा के विश्लेषण के आधार पर आरोपियों तक पहुंच बनाई गई। सर्विलांस टीम ने लोकेशन ट्रैकिंग और तकनीकी निगरानी के माध्यम से गिरफ्तारी सुनिश्चित की।

पुलिस का कहना है कि ऐसे मामलों में तकनीक की मदद से ही त्वरित कार्रवाई संभव हो पाती है। इसलिए भविष्य में भी साइबर अपराधों पर सख्त नजर रखी जाएगी।
आम लोगों के लिए चेतावनी और सलाह
पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वे अपने आधार, पैन और अन्य पहचान पत्रों की जानकारी साझा करते समय सावधानी बरतें। किसी भी अज्ञात व्यक्ति या संस्था को दस्तावेज देने से पहले सत्यापन जरूर करें। यदि किसी को अपने नाम पर फर्जी फर्म या लेन-देन का संदेह हो, तो तुरंत संबंधित थाने या साइबर सेल में शिकायत दर्ज कराएं।

इसके अलावा, बैंक खातों और जीएसटी पंजीकरण से जुड़ी सूचनाओं की नियमित जांच भी आवश्यक है। जागरूकता और सतर्कता से ही इस प्रकार की धोखाधड़ी से बचा जा सकता है।

कानपुर फर्जी फर्म धोखाधड़ी का यह मामला वित्तीय अपराधों की गंभीरता को दर्शाता है। हालांकि पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दो मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, लेकिन जांच अभी जारी है। आने वाले दिनों में इस मामले से जुड़े अन्य पहलुओं का भी खुलासा हो सकता है।

फिलहाल, प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी और किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।



