कानपुर: ऑटो सवारी बनकर चोरी करने वाले गिरोह का खुलासा, 15 लाख के जेवरात बरामद

रिपोर्ट – शुभम शर्मा
कानपुर: नौबस्ता थाना क्षेत्र में पुलिस ने एक संगठित चोरी गिरोह का पर्दाफाश करते हुए चार अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है। यह गिरोह ऑटो में सवारी बनकर यात्रियों, विशेष रूप से महिलाओं, को निशाना बनाता था। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से लगभग 15 लाख रुपये के जेवरात और नकद राशि बरामद की है।

यह कार्रवाई 30 अप्रैल 2026 को दर्ज एक शिकायत के आधार पर की गई, जिसमें एक महिला यात्री ने ऑटो में सफर के दौरान चोरी की घटना की जानकारी दी थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तकनीकी और मैनुअल दोनों स्तरों पर व्यापक जांच शुरू की।

जानिए घटना का विवरण
प्राप्त जानकारी के अनुसार, 30 अप्रैल को एक महिला यात्री ऑटो से सफर कर रही थी। इसी दौरान अज्ञात व्यक्तियों ने सुनियोजित तरीके से उसके आभूषण चोरी कर लिए। शुरुआत में महिला को घटना की जानकारी नहीं हुई, लेकिन गंतव्य पर पहुंचने के बाद उसे जेवर गायब होने का एहसास हुआ।

इसके बाद पीड़िता ने नौबस्ता थाना में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने तत्काल मुकदमा पंजीकृत कर जांच प्रारंभ की।
250 से अधिक सीसीटीवी कैमरों की जांच
मामले को सुलझाने के लिए पुलिस ने आसपास के इलाकों में लगे 250 से अधिक सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। इसके अतिरिक्त, ऑटो के संभावित रूट और संदिग्ध गतिविधियों का विश्लेषण किया गया।

लगातार निगरानी और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने चार संदिग्धों की पहचान की। इसके बाद टीम ने रणनीतिक तरीके से छापेमारी कर तीन महिलाओं और एक पुरुष को गिरफ्तार कर लिया।

पढ़िए बरामदगी का विवरण
गिरफ्तार अभियुक्तों के कब्जे से निम्नलिखित सामान बरामद हुआ—
* एक सोने का हार
* तीन चूड़ियां
* दो अंगूठियां
* एक बेंच (आभूषण)
* पायल
* नकद 8,520 रुपये

कुल मिलाकर बरामद जेवरात की अनुमानित कीमत लगभग 15 लाख रुपये बताई गई है। पुलिस के अनुसार, बरामद सामान की पहचान पीड़िता और अन्य संभावित शिकायतकर्ताओं से कराई जा रही है।
संगठित तरीके से काम करता था गिरोह
पुलिस जांच में सामने आया कि यह गिरोह लंबे समय से सक्रिय था। आरोपी महिलाएं ऑटो में सामान्य सवारी बनकर बैठती थीं और मौका देखकर यात्रियों के पर्स या जेवरात पर हाथ साफ कर देती थीं।

कई मामलों में वे यात्रियों को बातचीत में उलझाकर ध्यान भटकाती थीं, जबकि उनका साथी चोरी की वारदात को अंजाम देता था। इस प्रकार, यह गिरोह सुनियोजित और संगठित तरीके से काम करता था।
पुलिस टीम की रही अहम भूमिका
इस सफल कार्रवाई को थाना नौबस्ता पुलिस टीम ने अंजाम दिया। प्रभारी निरीक्षक के नेतृत्व में गठित टीम ने लगातार निगरानी, तकनीकी विश्लेषण और मुखबिर तंत्र की मदद से आरोपियों तक पहुंच बनाई।

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि अपराध पर नियंत्रण के लिए सीसीटीवी नेटवर्क और डिजिटल साक्ष्य अहम भूमिका निभा रहे हैं। इसके साथ ही, नागरिकों से भी सतर्क रहने की अपील की गई है।
विधिक कार्रवाई है जारी
गिरफ्तार अभियुक्तों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर विधिक कार्रवाई की जा रही है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि गिरोह ने शहर के अन्य क्षेत्रों में कितनी वारदातों को अंजाम दिया है।

इसके अतिरिक्त, आरोपियों का आपराधिक इतिहास खंगाला जा रहा है। यदि अन्य मामलों में संलिप्तता पाई जाती है, तो आगे की कार्रवाई की जाएगी।
नागरिकों के लिए सावधानी की अपील
पुलिस ने नागरिकों, विशेष रूप से महिलाओं, से अपील की है कि सार्वजनिक परिवहन में यात्रा करते समय सतर्क रहें। कीमती सामान को सुरक्षित रखें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत सूचना पुलिस को दें।

इसके अलावा, पुलिस ने बताया कि शहर में गश्त बढ़ाई गई है और सार्वजनिक स्थानों पर निगरानी को और मजबूत किया जाएगा।

कानपुर के नौबस्ता क्षेत्र में ऑटो सवारी बनकर चोरी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश पुलिस की सतर्कता और तकनीकी जांच का परिणाम है। 15 लाख रुपये के जेवरात की बरामदगी इस कार्रवाई की बड़ी सफलता मानी जा रही है।



