कानपुर: NRI सिटी से हुई जनगणना 2027 जागरूकता अभियान की शुरुआत, बच्चों ने निकाली रैली

रिपोर्ट – ब्रजेश शर्मा
कानपुर: नगर में जनगणना 2027 को लेकर जागरूकता अभियान की औपचारिक शुरुआत हो गई है। बुधवार को तहसील सदर क्षेत्र के मैनावती मार्ग स्थित एनआरआई सिटी से इस विशेष अभियान का शुभारंभ किया गया। कार्यक्रम के दौरान स्थानीय नागरिकों को जनगणना के महत्व, उसकी प्रक्रिया और स्वगणना की सुविधा के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई।

दरअसल, जनगणना किसी भी देश के सामाजिक और आर्थिक ढांचे को समझने का सबसे महत्वपूर्ण माध्यम होती है। इसी उद्देश्य से प्रशासन ने शहर और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में व्यापक स्तर पर जनजागरूकता कार्यक्रम शुरू किया है। अभियान के पहले चरण में नागरिकों को स्वगणना पोर्टल के उपयोग के लिए प्रेरित किया जा रहा है, ताकि वे स्वयं अपने परिवार और आवास संबंधी विवरण ऑनलाइन दर्ज कर सकें।

स्वगणना प्रक्रिया की दी गई जानकारी
एनआरआई सिटी में आयोजित शिविर के दौरान अधिकारियों ने लोगों से सीधे संवाद स्थापित किया। उन्हें बताया गया कि 7 मई से 21 मई तक स्वगणना की सुविधा उपलब्ध रहेगी। इस अवधि में नागरिक आधिकारिक पोर्टल पर जाकर मोबाइल नंबर और ओटीपी के माध्यम से लॉगिन कर सकेंगे। इसके बाद परिवार के सदस्यों की संख्या, आयु, शिक्षा, व्यवसाय और आवास संबंधी जानकारी दर्ज करनी होगी।

अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि पूरी प्रक्रिया सरल और सुरक्षित है। ऑनलाइन फॉर्म भरने के बाद प्रत्येक परिवार को एक एसई आईडी प्राप्त होगी, जो भविष्य में संदर्भ के लिए उपयोगी रहेगी। इसके अलावा, तकनीकी सहायता की आवश्यकता होने पर हेल्पडेस्क की सुविधा भी उपलब्ध कराई जाएगी।

हालांकि कई नागरिकों के मन में डेटा गोपनीयता को लेकर सवाल थे, लेकिन अधिकारियों ने आश्वस्त किया कि जनगणना के दौरान दी गई जानकारी पूरी तरह गोपनीय रखी जाती है और उसका उपयोग केवल सांख्यिकीय उद्देश्यों के लिए किया जाता है।

बच्चों ने निकाली जागरूकता रैली
इसी क्रम में ग्रामीण क्षेत्र में भी जनजागरूकता गतिविधियां आयोजित की गईं। ग्राम पंचायत कटरी ख्योरा के प्राथमिक विद्यालय बनियापुरवा में छात्र-छात्राओं ने जनगणना जागरूकता रैली निकाली। बच्चों ने हाथों में तख्तियां लेकर गांव की गलियों में भ्रमण किया और लोगों को जनगणना में भाग लेने के लिए प्रेरित किया।

रैली के दौरान बच्चों ने नारे लगाए—“सही जानकारी, देश की तरक्की की तैयारी” और “जनगणना में भाग लें, विकास की राह गढ़ें।” इस पहल का उद्देश्य था कि घर-घर तक संदेश पहुंचे और प्रत्येक नागरिक इस राष्ट्रीय अभियान को अपनी जिम्मेदारी समझे।

विशेषज्ञों का मानना है कि जब बच्चे सामाजिक अभियानों में भाग लेते हैं तो उसका सकारात्मक प्रभाव पूरे समुदाय पर पड़ता है। इसलिए प्रशासन ने विद्यालयों को भी इस अभियान से जोड़ने की रणनीति बनाई है।
विकास योजनाओं की आधारशिला है जनगणना
तहसीलदार सदर विनय द्विवेदी ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि जनगणना देश की विकास योजनाओं की आधारशिला है। उन्होंने बताया कि शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, आवास और बुनियादी सुविधाओं से जुड़ी नीतियां जनगणना के आंकड़ों पर आधारित होती हैं।

उन्होंने आगे कहा कि यदि आंकड़े सटीक और अद्यतन होंगे तो योजनाएं भी प्रभावी तरीके से लागू की जा सकेंगी। इसलिए प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है कि वह सही और तथ्यात्मक जानकारी प्रदान करे।

इसके अलावा, उन्होंने नागरिकों से अपील की कि वे स्वगणना की सुविधा का अधिक से अधिक उपयोग करें। इससे न केवल समय की बचत होगी, बल्कि आंकड़ों का संकलन भी तेजी और पारदर्शिता के साथ किया जा सकेगा।
डिजिटल पहल से प्रक्रिया होगी आसान
इस बार जनगणना में डिजिटल तकनीक का व्यापक उपयोग किया जा रहा है। पहले जहां घर-घर जाकर जानकारी एकत्र की जाती थी, वहीं अब स्वगणना पोर्टल के माध्यम से नागरिक स्वयं जानकारी दर्ज कर सकते हैं। इससे प्रक्रिया अधिक व्यवस्थित और पारदर्शी बनेगी।

डिजिटल प्रणाली के माध्यम से डेटा संग्रहण में त्रुटियों की संभावना भी कम होगी। साथ ही, आंकड़ों का विश्लेषण तेज गति से किया जा सकेगा, जिससे नीति निर्माण में तेजी आएगी।

हालांकि प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि जिन लोगों के पास इंटरनेट सुविधा उपलब्ध नहीं है, उनके लिए पारंपरिक तरीके से भी जानकारी एकत्र की जाएगी। इस प्रकार, कोई भी व्यक्ति जनगणना प्रक्रिया से वंचित नहीं रहेगा।
जनभागीदारी से मिलेगा अभियान को बल
प्रशासन का मानना है कि जनगणना केवल सरकारी कार्य नहीं, बल्कि एक सामूहिक जिम्मेदारी है। जब नागरिक स्वयं आगे बढ़कर भागीदारी सुनिश्चित करते हैं, तभी आंकड़ों की विश्वसनीयता बढ़ती है।

इसी उद्देश्य से शहर के विभिन्न वार्डों, कॉलोनियों और गांवों में शिविर, रैली और संवाद कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। सामाजिक संगठनों और स्वयंसेवी समूहों को भी इस अभियान से जोड़ने की योजना बनाई गई है।

कुल मिलाकर, कानपुर में एनआरआई सिटी से शुरू हुआ जनगणना 2027 जागरूकता अभियान प्रशासन की सक्रियता और जनभागीदारी का उदाहरण प्रस्तुत करता है। एक ओर जहां शहरी क्षेत्र में स्वगणना की डिजिटल प्रक्रिया को बढ़ावा दिया जा रहा है, वहीं दूसरी ओर ग्रामीण क्षेत्रों में रैलियों और जनसंवाद के माध्यम से जागरूकता फैलाई जा रही है।

अंततः, सही और समयबद्ध जनगणना ही देश के संतुलित विकास की दिशा तय करती है। इसलिए नागरिकों से अपेक्षा है कि वे इस राष्ट्रीय अभियान में सक्रिय भूमिका निभाएं और सटीक जानकारी देकर विकास की प्रक्रिया को मजबूत बनाएं।



