श्रावस्ती: बिजली तार से 24 घंटे में हुई दूसरी मौत, विभागीय लापरवाही पर उठे सवाल

रिपोर्ट – सूर्य प्रकाश शुक्ला
श्रावस्ती: जिले में 24 घंटे के भीतर विद्युत करंट से दूसरी मौत ने ग्रामीणों में चिंता और आक्रोश दोनों को बढ़ा दिया है। सोनवा थाना क्षेत्र के सोनवा गांव में 70 वर्षीय सीताराम की करंट लगने से मौत हो गई। बताया जा रहा है कि वे सुबह शौच के लिए खेत की ओर गए थे, तभी नीचे झूल रहे बिजली तार की चपेट में आ गए।

घटना के बाद ग्रामीणों ने बिजली विभाग पर लापरवाही का आरोप लगाया है। वहीं, विभागीय अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच शुरू कर दी गई है और जिम्मेदारों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
लगातार दूसरी घटना से बढ़ी चिंता
जानकारी के अनुसार, सोनवा गांव के पास खेत के किनारे एक हाईटेंशन तार पिछले लगभग तीन महीनों से झूल रहा था। ग्रामीणों का दावा है कि इस संबंध में कई बार शिकायत की गई, लेकिन समय पर मरम्मत नहीं कराई गई।

इसके अलावा, एक दिन पहले भी हाईटेंशन लाइन की चपेट में आने से एक अन्य व्यक्ति की मौत हुई थी। ऐसे में 24 घंटे के भीतर दूसरी घटना ने पूरे क्षेत्र को झकझोर दिया है। इसलिए ग्रामीणों का कहना है कि यह केवल हादसा नहीं, बल्कि व्यवस्थागत लापरवाही का परिणाम हो सकता है।
जानिए ग्रामीणों के आरोप
ग्रामीणों का आरोप है कि बिना पर्याप्त जांच और पेट्रोलिंग के अचानक बिजली सप्लाई चालू कर दी गई। उनका कहना है कि यदि लाइन पहले से बंद थी, तो फिर उसमें करंट कैसे आया?

स्थानीय लोगों ने यह भी मांग की है कि लाइनमैन और संबंधित अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। कुछ ग्रामीणों ने कानूनी कार्रवाई की मांग भी उठाई है। उनका कहना है कि यदि समय रहते झूल रहे तार को ठीक कर दिया जाता, तो यह घटना टाली जा सकती थी।
विभाग के अधिकारियों ने रखा अपना का पक्ष
विद्युत विभाग के अधिशासी अभियंता राज नारायण ने बताया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए संबंधित जूनियर इंजीनियर (जेई) का स्थानांतरण कर दिया गया है। साथ ही, एक कर्मचारी को निलंबित भी किया गया है।

उन्होंने कहा कि जिस विद्युत लाइन की बात की जा रही है, वह पहले से बंद थी। अब यह जांच की जा रही है कि उसमें सप्लाई कहां से और कैसे आई। विभाग का कहना है कि दोषी पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों या कर्मचारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
पढ़िए जांच और प्रशासनिक कदम
घटना के बाद प्रशासन ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। पुलिस ने भी आवश्यक प्रक्रिया पूरी की और मामले की रिपोर्ट दर्ज की है।

लोगों का मानना है कि ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली लाइनों की नियमित जांच और रखरखाव अत्यंत आवश्यक है। यदि समय-समय पर पेट्रोलिंग और मरम्मत का कार्य हो, तो इस प्रकार की घटनाओं की संभावना कम की जा सकती है।
सुरक्षा मानकों की है बड़ी आवश्यकता
बिजली से जुड़े हादसों को रोकने के लिए कुछ महत्वपूर्ण उपाय अपनाए जा सकते हैं:
* हाईटेंशन तारों की नियमित निरीक्षण व्यवस्था
* ग्रामीण इलाकों में विशेष सुरक्षा अभियान
* शिकायतों के त्वरित निस्तारण की प्रणाली
* लाइन चालू करने से पहले अनिवार्य तकनीकी जांच
यदि इन मानकों का पालन सख्ती से किया जाए, तो ऐसी घटनाओं को काफी हद तक रोका जा सकता है।

ग्रामीणों में कायम है आक्रोश
लगातार दो घटनाओं के बाद सोनवा गांव और आसपास के क्षेत्रों में आक्रोश व्याप्त है। लोग सवाल उठा रहे हैं कि आखिर बिना पेट्रोलिंग के लाइनें कैसे चालू हो रही हैं।

हालांकि, प्रशासन ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है और आश्वासन दिया है कि निष्पक्ष जांच के बाद उचित कार्रवाई की जाएगी।

श्रावस्ती में 24 घंटे के भीतर हुई दो मौतों ने बिजली विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। जहां ग्रामीण लापरवाही का आरोप लगा रहे हैं, वहीं विभाग जांच की बात कर रहा है।

आगे की कार्रवाई जांच रिपोर्ट पर निर्भर करेगी। हालांकि, यह स्पष्ट है कि विद्युत सुरक्षा को लेकर अधिक सतर्कता और नियमित निगरानी की आवश्यकता है, ताकि भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं को रोका जा सके।



