कानपुर: नगर में शुरू हुआ स्व-गणना अभियान – डीएम ने जनगणना में नागरिकों से की सक्रिय भागीदारी की अपील

रिपोर्ट – शुभम शर्मा
कानपुर: जिले में जनगणना 2026 को लेकर स्व-गणना अभियान की शुरुआत हो गई है। इस अभियान के तहत नागरिक अब अपने मोबाइल फोन के माध्यम से ऑनलाइन जनगणना प्रक्रिया पूरी कर सकते हैं। कानपुर के जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह एवं उनकी पत्नी रश्मि सिंह ने सिविल लाइंस स्थित जिलाधिकारी आवास पर स्वयं स्व-गणना कर लोगों को इस प्रक्रिया में सक्रिय भागीदारी निभाने का संदेश दिया।

जिलाधिकारी ने कहा कि यदि अधिक से अधिक नागरिक पहले से स्व-गणना कर लेते हैं, तो घर-घर जाकर जनगणना करने वाले प्रगणकों को काफी सुविधा होगी। इससे न केवल समय की बचत होगी, बल्कि पूरी प्रक्रिया अधिक सरल, पारदर्शी और त्वरित भी बनेगी।
7 मई से शुरू हुआ स्व-गणना चरण
जिलाधिकारी ने जानकारी देते हुए बताया कि प्रदेश में स्व-गणना का चरण 7 मई 2026 से शुरू होकर 21 मई 2026 तक चलेगा। इसके बाद 22 मई से 20 जून 2026 तक प्रगणक घर-घर जाकर जानकारी का सत्यापन करेंगे।

उन्होंने बताया कि नागरिक अपने मोबाइल या अन्य डिजिटल माध्यम से जनगणना पोर्टल पर जाकर स्वयं अपनी और अपने परिवार की जानकारी दर्ज कर सकते हैं। प्रशासन का उद्देश्य अधिक से अधिक लोगों को डिजिटल प्रक्रिया से जोड़ना है ताकि जनगणना कार्य तेजी और सटीकता के साथ पूरा हो सके।
जानिए कैसे करें स्व-गणना?
जिलाधिकारी ने बताया कि स्व-गणना करने के लिए नागरिकों को जनगणना पोर्टल पर जाकर पंजीकरण करना होगा।
जनगणना पोर्टल: [सेल्फ एन्यूमरेशन पोर्टल] – (https://se.census.gov.in?utm_source=chatgpt.com)
पोर्टल पर पहुंचने के बाद सबसे पहले राज्य का चयन करना होगा। इसके बाद परिवार के मुखिया का नाम और 10 अंकों का मोबाइल नंबर दर्ज किया जाएगा। मोबाइल नंबर पर प्राप्त ओटीपी के माध्यम से सत्यापन पूरा होगा। प्रशासन के अनुसार एक मोबाइल नंबर से केवल एक परिवार का ही पंजीकरण किया जा सकेगा।

देश में कहीं से भी कर सकते हैं स्व-गणना
जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि कोई भी नागरिक देश के किसी भी हिस्से से अपने परिवार की स्व-गणना कर सकता है। इसके लिए संबंधित जिले या शहर में मौजूद होना जरूरी नहीं है।

पंजीकरण के बाद नागरिकों को अपनी लोकेशन चुननी होगी और मकान एवं परिवार से जुड़ी सामान्य जानकारी भरनी होगी। इसमें मकान का प्रकार, फर्श और छत की स्थिति, शौचालय एवं स्नानघर की उपलब्धता, गैस कनेक्शन, मोबाइल, इंटरनेट, वाहन और अन्य बुनियादी सुविधाओं से जुड़े प्रश्न शामिल होंगे।
मिलेगी 11 अंकों की सेल्फ एन्यूमरेशन आईडी
सभी जानकारियां सही तरीके से भरने के बाद आवेदन सफलतापूर्वक सबमिट हो जाएगा। इसके बाद नागरिकों को 11 अंकों की सेल्फ एन्यूमरेशन आईडी प्राप्त होगी, जो “H” अक्षर से शुरू होगी।

जिलाधिकारी ने नागरिकों से अपील की कि वे इस आईडी को सुरक्षित रखें। जब प्रगणक घर आएंगे, तब यह आईडी दिखाने पर डेटा का सत्यापन तुरंत किया जा सकेगा। यदि किसी प्रकार की जानकारी छूट गई होगी, तो उसे उसी समय अपडेट भी किया जा सकेगा।
जनगणना क्यों है महत्वपूर्ण?
जनगणना किसी भी देश की विकास योजनाओं और नीतियों का आधार मानी जाती है। इससे सरकार को जनसंख्या, शिक्षा, रोजगार, आवास और अन्य सामाजिक-आर्थिक स्थितियों की सही जानकारी मिलती है।

विशेषज्ञों के अनुसार जनगणना के आंकड़े भविष्य की सरकारी योजनाओं, बजट आवंटन और बुनियादी सुविधाओं के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इसलिए हर नागरिक की भागीदारी बेहद जरूरी मानी जाती है।
गोपनीय रहेगी सभी जानकारी
जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह ने यह भी स्पष्ट किया कि जनगणना से संबंधित सभी जानकारियां पूरी तरह गोपनीय रखी जाती हैं। उन्होंने कहा कि यह जानकारी आरटीआई अधिनियम के तहत भी साझा नहीं की जाती और न ही किसी अन्य संस्था या न्यायालय में इसे प्रस्तुत किया जाता है।

उन्होंने नागरिकों से अपील की कि वे बिना किसी संकोच के सही और सटीक जानकारी उपलब्ध कराएं, ताकि जनगणना के आंकड़े विश्वसनीय और उपयोगी बन सकें।
डिजिटल प्रक्रिया से बढ़ेगी पारदर्शिता
प्रशासन का मानना है कि ऑनलाइन स्व-गणना से पूरी प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और सुविधाजनक बनेगी। इससे लोगों को बार-बार जानकारी देने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी और प्रगणकों का कार्य भी आसान होगा।

इसके अलावा डिजिटल माध्यम से डेटा संग्रह होने पर त्रुटियों की संभावना कम होगी और आंकड़ों का विश्लेषण तेजी से किया जा सकेगा।
लोगों से सक्रिय भागीदारी की अपील
जिलाधिकारी ने सभी जनपदवासियों से अपील की कि वे जनगणना 2026 में सक्रिय भागीदारी निभाएं और निर्धारित समय सीमा के भीतर स्व-गणना अवश्य करें।

उन्होंने कहा कि यह केवल प्रशासनिक प्रक्रिया नहीं, बल्कि देश के विकास से जुड़ा महत्वपूर्ण कार्य है। सही और सटीक जानकारी उपलब्ध कराकर नागरिक विकास योजनाओं को अधिक प्रभावी बनाने में योगदान दे सकते हैं।
प्रशासन ने जारी किए निर्देश
प्रशासन की ओर से लोगों को जनगणना पोर्टल के उपयोग और प्रक्रिया को समझाने के लिए जागरूकता अभियान भी चलाया जा रहा है। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि लोगों को डिजिटल प्रक्रिया के बारे में पूरी जानकारी दी जाए ताकि अधिक से अधिक लोग इसका लाभ उठा सकें।

कानपुर में शुरू हुआ स्व-गणना अभियान डिजिटल भारत की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इससे जनगणना प्रक्रिया को सरल, पारदर्शी और अधिक प्रभावी बनाने में मदद मिलेगी। ऐसे में जरूरी है कि नागरिक इस अभियान में सक्रिय भागीदारी निभाएं और सही जानकारी उपलब्ध कराकर देश के विकास में अपनी भूमिका सुनिश्चित करें।



