
रिपोर्ट – ब्रजेश शर्मा
लखनऊ: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को अपने व्यस्त कार्यक्रम के बावजूद राजधानी लखनऊ में आयोजित ‘जनता दर्शन’ कार्यक्रम में आम नागरिकों से मुलाकात की। इस दौरान प्रदेश के विभिन्न जनपदों से आए लोगों ने अपनी समस्याएं सीधे मुख्यमंत्री के समक्ष रखीं। मुख्यमंत्री ने प्रत्येक फरियादी की बात ध्यानपूर्वक सुनी और अधिकारियों को तय समय सीमा के भीतर निस्तारण सुनिश्चित करने के स्पष्ट निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने दोहराया कि जनसेवा, सुरक्षा और सुशासन राज्य सरकार का मूल संकल्प है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक नागरिक की उचित समस्या का समाधान प्राथमिकता के आधार पर किया जाएगा और इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।
समयबद्ध समाधान पर दिया विशेष जोर
‘जनता दर्शन’ कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को स्पष्ट रूप से निर्देशित किया कि प्राप्त प्रार्थना पत्रों पर तत्काल कार्रवाई की जाए। उन्होंने संबंधित जिलों के जिलाधिकारियों (डीएम) और पुलिस अधीक्षकों (एसपी) को स्वयं मामलों की निगरानी करने को कहा।

उन्होंने कहा कि राजस्व, भूमि विवाद और कानून-व्यवस्था से जुड़े मामलों में अनावश्यक विलंब न हो। साथ ही यह भी सुनिश्चित किया जाए कि पीड़ितों को न्याय समय पर मिले। मुख्यमंत्री ने जोर देते हुए कहा कि प्रशासनिक संवेदनशीलता और पारदर्शिता सुशासन की आधारशिला है।

इसके अतिरिक्त, उन्होंने निर्देश दिए कि पात्र व्यक्तियों को सरकारी योजनाओं का लाभ बिना भेदभाव मिले। जरूरतमंदों के इलाज, सामाजिक सुरक्षा और आवास जैसी योजनाओं का क्रियान्वयन प्रभावी ढंग से किया जाए।
भू-माफियाओं और दबंगों पर दिए सख्ती के निर्देश
कार्यक्रम के दौरान कई प्रार्थना पत्र भूमि विवाद और अवैध कब्जे से संबंधित भी प्राप्त हुए। इस पर मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि किसी भी प्रकार के भू-माफिया या दबंग तत्वों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाए।

उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि ऐसे मामलों में त्वरित जांच कर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए, ताकि आम नागरिकों का विश्वास शासन-प्रशासन में बना रहे। मुख्यमंत्री ने कहा कि कानून व्यवस्था को मजबूत बनाए रखना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
बिहार से पहुंचीं महिला ने किया अभिवादन
‘जनता दर्शन’ कार्यक्रम में एक भावनात्मक क्षण भी देखने को मिला। बिहार से आई एक महिला मुख्यमंत्री से मिलने पहुंचीं। जब मुख्यमंत्री ने उनसे उनकी समस्या पूछी तो महिला ने विनम्रतापूर्वक कहा कि उन्हें कोई समस्या नहीं है, बल्कि वे केवल मुख्यमंत्री के दर्शन करने आई हैं।

मुख्यमंत्री ने उनका अभिवादन स्वीकार किया और उनके कुशलक्षेम के बारे में जानकारी ली। साथ ही उन्होंने भीषण गर्मी को देखते हुए सभी नागरिकों को सलाह दी कि अनावश्यक रूप से घर से बाहर न निकलें और परिवार के सदस्यों, विशेषकर बुजुर्गों और बच्चों का विशेष ध्यान रखें।
सीएम ने की भीषण गर्मी में सावधानी बरतने की अपील
राज्य में बढ़ते तापमान को देखते हुए मुख्यमंत्री ने आमजन से स्वास्थ्य के प्रति सजग रहने की अपील की। उन्होंने कहा कि लू और गर्म हवाओं से बचाव के लिए आवश्यक सावधानियां अपनाई जाएं।

उन्होंने कहा कि प्रशासन भी गर्मी से संबंधित व्यवस्थाओं को सुदृढ़ बनाए रखे। अस्पतालों में पर्याप्त चिकित्सा सुविधा, पेयजल व्यवस्था और आपातकालीन सेवाएं सक्रिय रहें।

इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि जनहित से जुड़े मामलों में संवेदनशीलता और तत्परता बनाए रखें।
जनभागीदारी और संवाद की कायम हुई मिसाल
‘जनता दर्शन’ कार्यक्रम को शासन और जनता के बीच सीधा संवाद स्थापित करने का माध्यम माना जाता है। इस कार्यक्रम के जरिए नागरिक अपनी समस्याएं सीधे मुख्यमंत्री तक पहुंचाते हैं, जिससे पारदर्शिता और जवाबदेही को बल मिलता है।

जानकारों का मानना है कि इस प्रकार के संवाद कार्यक्रम प्रशासनिक प्रणाली में सुधार लाने के साथ-साथ आमजन में विश्वास भी बढ़ाते हैं। जब उच्च स्तर पर समस्याओं की सुनवाई होती है, तो निचले स्तर पर भी जवाबदेही सुनिश्चित होती है।
सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार हर जरूरतमंद के साथ खड़ी है। उन्होंने कहा कि सुशासन का अर्थ केवल योजनाओं की घोषणा नहीं, बल्कि उनका प्रभावी क्रियान्वयन है।

उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि शिकायतों के निस्तारण में पारदर्शिता बनाए रखें और प्रगति रिपोर्ट नियमित रूप से प्रस्तुत करें।

अंततः, मुख्यमंत्री ने आश्वस्त किया कि सरकार नागरिकों की समस्याओं के समाधान के लिए निरंतर प्रयासरत है और भविष्य में भी इस प्रकार के संवाद कार्यक्रम जारी रहेंगे।

लखनऊ में आयोजित ‘जनता दर्शन’ कार्यक्रम ने एक बार फिर यह संदेश दिया कि शासन और जनता के बीच सीधा संवाद लोकतांत्रिक व्यवस्था की मजबूती का प्रतीक है। मुख्यमंत्री द्वारा समयबद्ध निस्तारण के निर्देश और अधिकारियों को स्वयं निगरानी करने की हिदायत प्रशासनिक जवाबदेही को रेखांकित करती है।

साथ ही, भीषण गर्मी के बीच नागरिकों से सावधानी बरतने की अपील यह दर्शाती है कि सरकार जनकल्याण के प्रति सजग है। आने वाले दिनों में इन निर्देशों के प्रभावी क्रियान्वयन पर सभी की नजर रहेगी।



