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कानपुर: पुलिस ने 22 लाख के 111 खोए हुए लौटाए मोबाइल – सर्विलांस अभियान से मिली बड़ी राहत

रिपोर्ट – शुभम शर्मा 

कानपुर: शहर में पुलिस ने एक सराहनीय पहल करते हुए 111 खोए और चोरी हुए मोबाइल फोन बरामद कर उनके वास्तविक मालिकों को वापस सौंप दिए। इन मोबाइल फोन की कुल अनुमानित कीमत लगभग 22 लाख रुपये बताई जा रही है। इस कार्रवाई से न केवल लोगों को आर्थिक राहत मिली है, बल्कि उनके निजी डाटा की सुरक्षा भी सुनिश्चित हो सकी है।

सर्विलांस टीम की रही विशेष भूमिका

कानपुर पुलिस आयुक्तालय के पूर्वी जोन की सर्विलांस टीम ने अंतरराज्यीय और अंतर्जनपदीय स्तर पर विशेष अभियान चलाया। इस अभियान के तहत तकनीकी निगरानी और डिजिटल ट्रैकिंग के माध्यम से गुमशुदा मोबाइल फोन को ट्रेस किया गया।

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, मोबाइल चोरी या गुम होने के बाद कई डिवाइस अन्य जिलों अथवा राज्यों में सक्रिय पाए गए। हालांकि लगातार मॉनिटरिंग और समन्वय के जरिए टीम ने उन्हें सफलतापूर्वक रिकवर कर लिया। इसके बाद विधिक प्रक्रिया पूरी करते हुए संबंधित स्वामियों को सौंपा गया।

22 लाख रुपये की संपत्ति हुई सुरक्षित

बरामद किए गए 111 मोबाइल फोन की कुल कीमत लगभग 22 लाख रुपये आंकी गई है। यह कार्रवाई उन लोगों के लिए बड़ी राहत साबित हुई, जिनके मोबाइल फोन हाल के महीनों में खो गए थे या चोरी हो गए थे।

आज के डिजिटल युग में मोबाइल फोन केवल एक संचार साधन नहीं, बल्कि बैंकिंग, निजी दस्तावेज, पहचान संबंधी जानकारी और कई महत्वपूर्ण ऐप्स का माध्यम बन चुका है। ऐसे में मोबाइल खोने से आर्थिक नुकसान के साथ-साथ डाटा सुरक्षा की भी चिंता रहती है। हालांकि पुलिस की इस कार्रवाई से दोनों ही स्तर पर नागरिकों को राहत मिली है।

डीसीपी पूर्वी ने दी विस्तार से जानकारी

इस संबंध में डीसीपी पूर्वी सत्यजीत गुप्ता ने मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि यह अभियान लगातार जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि पुलिस की प्राथमिकता केवल अपराध रोकना ही नहीं, बल्कि नागरिकों की संपत्ति और डाटा की सुरक्षा सुनिश्चित करना भी है।

उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि जिन लोगों के मोबाइल गुम हुए हैं, वे घबराएं नहीं। यदि समय पर शिकायत दर्ज कराई जाए, तो रिकवरी की संभावना काफी बढ़ जाती है।

जानिए आप भी कैसे करें शिकायत

पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि मोबाइल खोने या चोरी होने की स्थिति में तुरंत शिकायत दर्ज कराएं। इसके लिए निम्न माध्यम उपलब्ध हैं:

  • UPCOP ऐप के माध्यम से ऑनलाइन शिकायत
  • CEIR पोर्टल पर IMEI नंबर के जरिए मोबाइल ब्लॉक और ट्रैकिंग
  • नजदीकी थाने के साइबर हेल्प डेस्क पर आवेदन

समय पर की गई शिकायत से पुलिस को तकनीकी ट्रैकिंग में आसानी होती है। साथ ही, मोबाइल के दुरुपयोग की आशंका भी कम हो जाती है।

लोगों के चेहरों पर लौटी मुस्कान

जब पुलिस ने मोबाइल उनके वास्तविक मालिकों को लौटाए, तो कई लोग भावुक भी नजर आए। कुछ नागरिकों ने बताया कि उन्हें उम्मीद नहीं थी कि उनका मोबाइल वापस मिल पाएगा।

हालांकि पुलिस की सक्रियता और तकनीकी प्रयासों ने उनकी उम्मीद को साकार किया। इस कदम से पुलिस और जनता के बीच विश्वास भी मजबूत हुआ है।

डिजिटल सुरक्षा के प्रति जागरूकता है जरूरी

पुलिस अधिकारियों ने यह भी सलाह दी कि नागरिक अपने मोबाइल फोन में मजबूत पासवर्ड और बायोमेट्रिक सुरक्षा का उपयोग करें। इसके अतिरिक्त, IMEI नंबर सुरक्षित रखें और फोन खरीदते समय बिल अवश्य लें।

यदि मोबाइल गुम हो जाए, तो तुरंत उसे ब्लॉक कराना जरूरी है, ताकि किसी भी प्रकार के दुरुपयोग से बचा जा सके। इसके अलावा, अनजान लिंक पर क्लिक करने या संदिग्ध ऐप डाउनलोड करने से भी बचना चाहिए।

कानपुर पुलिस 111 खोए मोबाइल बरामद करने की यह कार्रवाई न केवल तकनीकी दक्षता का उदाहरण है, बल्कि नागरिक सेवा के प्रति प्रतिबद्धता भी दर्शाती है।

एक ओर जहां अपराधियों के खिलाफ सख्ती जरूरी है, वहीं दूसरी ओर नागरिकों को राहत पहुंचाना भी पुलिस की जिम्मेदारी है। इस अभियान ने यह साबित किया है कि समय पर शिकायत और पुलिस की सक्रियता से खोई हुई संपत्ति वापस पाना संभव है।

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