Crime News: पढ़िए बिल्हौर कांड में नया खुलासा: पशु अवशेष मिलने पर हुई बड़ी कार्रवाई, गिरी गाज

Crime News: शहर में सोशल मीडिया पर प्रसारित एक वीडियो के बाद प्रशासनिक हलकों में हड़कंप मच गया। वीडियो में कथित रूप से प्रतिबंधित पशुओं की हड्डियाँ, खाल और अन्य अवशेष दिखाई दे रहे थे। मामला संज्ञान में आते ही पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों ने तत्परता दिखाते हुए तत्काल मौके पर पहुंचकर घटनास्थल का निरीक्षण किया। प्रारंभिक जांच में यह स्पष्ट हुआ कि मामला संवेदनशील होने के साथ-साथ पुलिस निगरानी व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े करता है।
कहाँ मिला घटनास्थल
पुलिस जांच में सामने आया कि यह घटनास्थल कस्बे से लगभग डेढ़ किलोमीटर दूर खेतों में, एक कब्रिस्तान से सटे दो इन्क्लोजर में स्थित है। यहां बड़ी मात्रा में पशु अवशेष पाए गए। हालांकि, मौके पर किसी भी प्रकार की ताज़ा या जीवित स्लॉटरिंग के प्रत्यक्ष प्रमाण नहीं मिले। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए पशु चिकित्सक की टीम को बुलाया गया और अवशेषों का परीक्षण एवं पोस्टमार्टम कराया गया।
जांच में क्या सामने आया – जानिए
पशु चिकित्सकों की प्रारंभिक रिपोर्ट के अनुसार, अवशेष पुराने प्रतीत हो रहे हैं। फिलहाल यह जांच का विषय है कि ये अवशेष कब और किन परिस्थितियों में यहां लाए गए। पुलिस ने मामले में एफआईआर दर्ज करते हुए कुल दस नामजद अभियुक्तों को चिन्हित किया है। अब तक इनमें से दो अभियुक्तों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जबकि शेष की तलाश के लिए अलग-अलग टीमें गठित कर दबिश दी जा रही है।
पुलिस लापरवाही पर कार्रवाई
यह तथ्य भी सामने आया कि घटनास्थल थाना क्षेत्र से महज डेढ़ किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। इतना ही नहीं, संबंधित क्षेत्र में हल्का प्रभारी, बीट प्रभारी और एक पुलिस चौकी भी मौजूद है। इसके बावजूद लंबे समय तक इस गतिविधि की जानकारी न मिलना या उस पर कार्रवाई न होना पुलिस की गंभीर लापरवाही को दर्शाता है।
इसी को ध्यान में रखते हुए वरिष्ठ अधिकारियों ने सख्त रुख अपनाया है। मामले में थाना प्रभारी, हल्का प्रभारी, बीट प्रभारी और एक हेड कांस्टेबल के खिलाफ निलंबन एवं विभागीय कार्रवाई की गई है। यह कदम स्पष्ट संकेत देता है कि लापरवाही किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
पहले भी दी गई थी सूचना
स्थानीय जनप्रतिनिधि ने प्रशासन को अवगत कराया कि इस संबंध में पूर्व में कई बार पुलिस को फोन के माध्यम से सूचना दी गई थी, लेकिन उस समय इसे गंभीरता से नहीं लिया गया। इस खुलासे के बाद पुलिस तंत्र की कार्यप्रणाली पर और भी सवाल उठने लगे हैं। फिलहाल उच्चाधिकारियों द्वारा पूरे मामले की आंतरिक समीक्षा भी की जा रही है।
घटना के दौरान तोड़फोड़
इस पूरे घटनाक्रम के दौरान कुछ युवकों द्वारा मौके पर खड़ी 3 से 4 गाड़ियों में तोड़फोड़ किए जाने की भी सूचना मिली है। इन वाहनों के शीशे आदि क्षतिग्रस्त कर दिए गए, जिनमें से कुछ वाहन स्थानीय लोगों के बताए जा रहे हैं। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि इस तोड़फोड़ के मामले की भी जांच की जा रही है और दोषियों के खिलाफ उचित कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
स्थिति अब है नियंत्रण में
पुलिस प्रशासन के अनुसार, वर्तमान में क्षेत्र की स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है। मौके पर शांति व्यवस्था कायम है और किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए पर्याप्त पुलिस बल तैनात किया गया है। वरिष्ठ अधिकारियों की निगरानी में लगातार पेट्रोलिंग की जा रही है ताकि अफवाहों पर रोक लगाई जा सके।
घटना की सुबह आया अधिकारियों का बयान
संयुक्त पुलिस आयुक्त (कानून एवं व्यवस्था) आशुतोष कुमार ने बताया कि मामले की निष्पक्ष जांच की जा रही है और जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने आम जनता से भी अपील की कि शांति बनाए रखें और किसी भी प्रकार की अफवाहों पर ध्यान न दें।



