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Mau: एटीएम ठगी करने वाला अन्तर्राज्यीय गिरोह चढ़ा पुलिस के हत्थे, पढ़िए कौन गिरफ्तार हैं वो 5 शातिर

उत्तर प्रदेश: मऊ जिले में पुलिस ने एक बड़े अन्तर्राज्यीय साइबर ठगी गिरोह का पर्दाफाश किया है, जो एटीएम मशीनों में ग्लू (फेवीक्विक) लगाकर लोगों के एटीएम कार्ड फंसा कर उनके खातों से पैसे उड़ा रहा था। पुलिस ने इस गिरोह के 5 शातिर आरोपियों को गिरफ्तार किया है और उनके पास से नकदी, एटीएम कार्ड, मोबाइल फोन, और वारदात में प्रयुक्त कार बरामद की है। इस गिरोह का खुलासा मऊ पुलिस द्वारा किए गए एक सटीक ऑपरेशन के दौरान हुआ।

इस कार्रवाई को पुलिस अधीक्षक मऊ, श्री इलामारन के निर्देशन और अपर पुलिस अधीक्षक, श्री अनूप कुमार के पर्यवेक्षण में अंजाम दिया गया। साइबर क्राइम थाना मऊ की टीम ने इस गिरोह को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है। इस ऑपरेशन की अगुवाई क्षेत्राधिकारी नगर, श्री कृष राजपूत और प्रभारी साइबर थाना, श्री शैलेश सिंह ने की।

जानिए कैसे काम करता था ठगी का यह गिरोह?

ठगी करने के इस नापाक तरीके में आरोपी एटीएम मशीन के स्लॉट में ग्लू (फेवीक्विक) लगा देते थे, जिससे उस स्लॉट में किसी भी व्यक्ति का एटीएम कार्ड फंस जाता था। इसके बाद, आरोपी एटीएम के पास फर्जी कस्टमर केयर नंबर लिख देते थे। जब पीड़ित व्यक्ति कस्टमर केयर से संपर्क करता, तो आरोपी उसे बहला-फुसला कर एटीएम कार्ड निकाल लेते थे और फिर पास के किसी अन्य एटीएम से पीड़ित के खाते से पैसे निकाल लेते थे।

इन ठगों ने इस तरीके से न केवल मऊ, बल्कि बलिया में भी ठगी की थी, जहां करीब ₹1.95 लाख की राशि एटीएम से निकाली गई थी। इस गिरोह के सदस्य, जो बिहार के नवादा जनपद के निवासी हैं, कई राज्यों में इस तरह की ठगी की घटनाओं को अंजाम दे चुके थे।

जानिए कौन था पहला शिकार और पुलिस ने कैसे की कार्रवाई

इस गिरोह का पर्दाफाश तब हुआ जब 17 जनवरी 2026 को एक महिला ने मऊ पुलिस को शिकायत दर्ज कराई थी। महिला ने बताया कि भीटी चौराहे पर स्थित एक एटीएम में उनका कार्ड फंस गया और कुछ ही मिनटों में उनके खाते से ₹20,500 निकाल लिए गए। इसके बाद पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच शुरू की और पाया कि इसी तरह की ठगी बलिया जनपद में भी की गई थी।

पुलिस ने साइबर सेल की मदद से सीसीटीवी फुटेज और सर्विलांस के जरिए संदिग्ध वाहन का पता लगाया और फिर 09 फरवरी 2026 की रात करीब 10:30 बजे रामपुर चकिया अंडरपास के पास इस गिरोह के 5 अभियुक्तों को गिरफ्तार किया। पूछताछ में आरोपी ने बताया कि उनका गिरोह पटना से संचालित हो रहा था और पूरे नेटवर्क को इस गिरोह का सरगना चलाता था।

गिरफ्तार अभियुक्त और बरामद सामग्री

गिरफ्तार किए गए अभियुक्तों में से सभी बिहार राज्य के नवादा जनपद के निवासी हैं। पुलिस ने उनके पास से 1,50,000 नकदी, कई एटीएम कार्ड, मोबाइल फोन, और एक कार बरामद की है, जो अपराध में इस्तेमाल की जा रही थी। इस कार्रवाई ने यह सिद्ध कर दिया कि पुलिस का साइबर क्राइम सेल और सर्विलांस नेटवर्क अत्यधिक प्रभावी है।

इस गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने आरोपियों को न्यायालय में पेश करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है और उन पर सुसंगत धाराओं में मामला दर्ज किया गया है। पुलिस ने कहा कि इस गिरोह के नेटवर्क को पूरी तरह से नष्ट कर दिया जाएगा और भविष्य में ऐसे अपराधों को रोकने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।

यह रहे गिरोह के अन्य मामले और इस तरह से थी पुलिस की सतर्कता

पुलिस का मानना है कि इस गिरोह ने न केवल मऊ और बलिया, बल्कि कई अन्य जिलों और राज्यों में भी इस तरह की ठगी की घटनाओं को अंजाम दिया है। पुलिस अब उन घटनाओं की जांच कर रही है और यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि गिरोह ने कितनी बड़ी रकम ठगी की है। पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी अज्ञात या फर्जी कस्टमर केयर नंबर पर संपर्क करने से बचें और एटीएम का प्रयोग करते समय सतर्क रहें।

साइबर क्राइम के मामलों में वृद्धि को देखते हुए पुलिस ने अपनी निगरानी और साइबर सुरक्षा को मजबूत किया है, ताकि इस तरह के अपराधों से बचा जा सके। उन्होंने कहा कि इस मामले में न्यायालय से दोषियों को सख्त सजा दिलवाने के लिए पूरी कोशिश की जाएगी।

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