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श्रावस्ती: पुलिस को मिली बड़ी सफलता: GST चोरी के आरोपी को किया गिरफ्तार, फर्जी फर्म का भंडाफोड़

रिपोर्ट – सूर्य प्रकाश शुक्ला 

श्रावस्ती: श्रावस्ती पुलिस ने भिनगा और गिलौला में एक बड़े GST फ्रॉड के मामले में बड़ी कामयाबी हासिल की है। भिनगा कोतवाली क्षेत्र में 6.22 करोड़ और गिलौला क्षेत्र में 59.72 लाख रुपये की GST चोरी करने वाले दो आरोपी गिरफ्तार किए गए हैं। आरोपियों ने फर्जी दस्तावेजों के जरिए अस्तित्वहीन फर्म बनाई थी और इस नेटवर्क को कोलकाता और लुधियाना से संचालित किया जा रहा था।

गिरफ्तार किए गए आरोपियों में बिकी झा कोलकाता और जसदिल सिंह लुधियाना में रहकर फर्जीवाड़े का नेटवर्क चला रहे थे। पुलिस ने आरोपियों के पास से लैपटॉप, आईफोन और एंड्रॉयड फोन भी बरामद किए हैं, जिनमें फर्जी GST रिटर्न और वित्तीय दस्तावेजों के सबूत मिले।

जानिए फर्जीवाड़े का तरीका और रकम

जांच में सामने आया कि आरोपियों ने बिना किसी वास्तविक खरीद के अलग-अलग फर्मों में 28.45 करोड़ और 3.31 करोड़ रुपये की फर्जी बिक्री दिखाकर GST रिटर्न भरा। इसके अलावा, लगभग 1.45 करोड़ रुपये का फर्जी Input Tax Credit (ITC) भी समायोजित किया गया।

अभियोजन के अनुसार, आरोपियों ने GST पोर्टल के लॉगिन आईडी और पासवर्ड का दुरुपयोग करके यह फ्रॉड अंजाम दिया। इस मामले की शिकायत सहायक आयुक्त, राज्य कर के द्वारा दर्ज कराई गई थी, जिसके बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपियों को पकड़ने की योजना बनाई।

पुलिस की कार्रवाई और पूछताछ

पुलिस ने आरोपी से विस्तृत पूछताछ की और महत्वपूर्ण जानकारी जुटाई। इसके माध्यम से यह पता चला कि गिरोह में शामिल अन्य लोग भी इस फर्जीवाड़े में सक्रिय हैं। इस मामले में अग्रिम कार्रवाई के तहत अन्य आरोपियों की तलाश जारी है।

जांच में यह भी सामने आया कि आरोपियों ने फर्जी फर्मों का नेटवर्क अलग-अलग राज्यों में फैला रखा था। बिकी झा कोलकाता से और जसदिल सिंह लुधियाना से फर्जी GST रिटर्न और फाइनेंशियल ट्रांजैक्शंस को नियंत्रित कर रहे थे।

यह रहा स्थानीय प्रशासन और सहायक आयुक्त का रोल

सहायक आयुक्त राज्य कर की शिकायत पर ही यह मुकदमा दर्ज हुआ था। उन्होंने पुलिस को मामले की गंभीरता से निपटने का निर्देश दिया। पुलिस ने प्रशासन और वित्तीय विशेषज्ञों के सहयोग से आरोपी और उनके नेटवर्क की गतिविधियों का विस्तार से अध्ययन किया।

इसके परिणामस्वरूप, आरोपी के पास से विभिन्न डिजिटल उपकरण जैसे लैपटॉप, स्मार्टफोन और अन्य दस्तावेज बरामद किए गए, जिनमें GST पोर्टल से संबंधित लॉगिन और पासवर्ड के सबूत मिले। यह सबूत आगे की जांच और आरोपियों के खिलाफ मजबूत केस तैयार करने में मदद करेंगे।

फ्रॉड का सामाजिक और आर्थिक प्रभाव

इस तरह के फर्जीवाड़े का समाज और राज्य की अर्थव्यवस्था पर गहरा प्रभाव पड़ता है। GST फ्रॉड से राज्य को कर राजस्व में भारी नुकसान होता है। इसके अलावा, फर्जी फर्मों और ITC का दुरुपयोग करने वाले आरोपी बाजार में अनुचित प्रतिस्पर्धा पैदा करते हैं।

इस मामले में पुलिस की त्वरित और सटीक कार्रवाई से न केवल वित्तीय नुकसान को रोका गया, बल्कि अपराधियों के नेटवर्क को भी कमजोर किया गया। इससे अन्य संभावित अपराधियों के लिए भी यह संदेश गया कि कानून के हाथ लंबा हैं और कोई भी फ्रॉड बिना जांच के नहीं रह सकता।

पुलिस के इस गुडवर्क की हो रही वाहवाही 

कुल मिलाकर, श्रावस्ती पुलिस की यह कार्रवाई एक उदाहरण है कि किस तरह से समन्वित जांच और स्थानीय प्रशासन के सहयोग से बड़े वित्तीय अपराध को उजागर किया जा सकता है। गिरफ्तार आरोपियों की जानकारी और उनके डिजिटल उपकरणों से जुटाई गई जानकारी आगे की जांच में महत्वपूर्ण साबित होगी।

इस मामले में पुलिस और प्रशासन ने यह स्पष्ट संदेश दिया है कि GST फ्रॉड और फर्जीवाड़ा बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और ऐसे अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

श्रावस्ती GST चोरी गिरफ्तारी के इस मामले ने यह भी साबित कर दिया कि तकनीक का इस्तेमाल अपराधियों द्वारा किया जा सकता है, लेकिन वही तकनीक कानून प्रवर्तन एजेंसियों को अपराधियों तक पहुँचने में भी मदद कर सकती है।

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