
रिपोर्ट – सूर्य प्रकाश शुक्ला
श्रावस्ती: जिले के सिरसिया क्षेत्र में स्थित टंगपसरी स्कूल का एक वायरल वीडियो शिक्षा व्यवस्था की गंभीर स्थिति को उजागर कर रहा है। वीडियो में देखा गया कि पढ़ाई के वक्त छात्रों के हाथ में कुदाल थमाई जा रही थी, और बच्चों से स्कूल परिसर में मजदूरी कराई जा रही थी।

मौके पर मौजूद सहायक अध्यापक रजनीश कुमार ने वीडियो बनाने वाले व्यक्ति से अभद्रता की। इसके अलावा, विद्यालय प्रभारी और सहायक अध्यापक रजनीश कुमार अक्सर हाजिरी के बाद स्कूल से गायब रहते हैं, जिससे बच्चों की पढ़ाई और सुरक्षा पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं।
वायरल वीडियो का पढ़िए कड़वा सच
वीडियो 14 मार्च की सुबह लगभग 11 बजे का बताया जा रहा है। इसमें स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है कि छात्रों को शैक्षिक गतिविधियों के बजाय मजदूरी में लगाया जा रहा है। स्थानीय लोगों और अभिभावकों ने इस मामले की कड़ी निंदा की है। उनका कहना है कि सरकार की नीतियों और योगी सरकार की मंशा के विपरीत यह स्कूल परिसर मजदूरी का अड्डा बन गया है।
शिक्षकों की भूमिका पर उठ रहे सवाल
राजकीय नवीन हाई स्कूल के शिक्षक और सहायक अध्यापक रजनीश कुमार सवालों के घेरे में हैं। विद्यालय में उनका अनियमित व्यवहार और बच्चों के साथ अनुचित कार्य मामले की गंभीरता को दर्शाता है।

विशेषज्ञों का कहना है कि शिक्षक और प्रशासन की यह लापरवाही बच्चों की शिक्षा और मानसिक विकास पर नकारात्मक प्रभाव डाल सकती है।
प्रशासन और सरकारी नीतियों की समीक्षा
योगी सरकार ने शिक्षा के क्षेत्र में सुधार और बच्चों के अधिकारों की सुरक्षा पर जोर दिया है। लेकिन इस तरह की घटनाओं से यह स्पष्ट होता है कि स्थानीय स्तर पर निगरानी और क्रियान्वयन में कमी है। विशेष रूप से, सरकारी स्कूलों में छात्रों के लिए सुरक्षित और संरक्षित शैक्षिक वातावरण सुनिश्चित करने की आवश्यकता है।

जानिए अभिभावकों और स्थानीय लोगों की प्रतिक्रिया
अभिभावकों ने कहा कि बच्चों को पढ़ाई के बजाय मजदूरी कराना न केवल अवैध है बल्कि उनके भविष्य के लिए खतरा भी है।स्थानीय लोग उम्मीद कर रहे हैं कि जिला प्रशासन और शिक्षा विभाग मामले की जांच करें और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए।
पड़ रहा है सामाजिक और शैक्षिक प्रभाव
इस घटना का समाज और शिक्षा व्यवस्था पर गहरा प्रभाव पड़ सकता है। बच्चों का मन और शैक्षिक रुचि प्रभावित होगी। इसके साथ ही, ऐसी घटनाओं से शिक्षकों और प्रशासन पर विश्वास में कमी भी आती है। विशेषज्ञों का कहना है कि शिक्षा केवल किताबों तक सीमित नहीं है, बल्कि सुरक्षित, प्रेरक और नैतिक वातावरण भी उतना ही महत्वपूर्ण है।

कार्रवाई की है बड़ी उम्मीद
श्रावस्ती के टंगपसरी स्कूल में बच्चों से मजदूरी कराने का मामला शिक्षा व्यवस्था की गंभीर कमी को उजागर करता है। वायरल वीडियो ने यह स्पष्ट कर दिया है कि सुधार और निगरानी के बिना सरकारी स्कूल प्रणाली में बच्चों के अधिकारों का हनन हो सकता है।
यह घटना प्रशासन और शिक्षा विभाग के लिए चेतावनी है कि विद्यालयों में नियमित निरीक्षण, शिक्षक की जिम्मेदारी और बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करना अनिवार्य है। इस मामले के बाद उम्मीद की जा रही है कि योगी सरकार और स्थानीय प्रशासन कार्रवाई करेंगे और बच्चों के अधिकारों की सुरक्षा सुनिश्चित करेंगे।



