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मुंबई में है महालक्ष्मी मंदिर: जानिए क्यों माना जाता है एक अद्भुत धार्मिक स्थल, जो आस्था और समृद्धि का है प्रतीक

“न्यूज़ डेस्क”

महाराष्ट्र की राजधानी मुंबई में स्थित महालक्ष्मी मंदिर, न केवल शहर के प्रमुख धार्मिक स्थलों में से एक है, बल्कि यह एक ऐतिहासिक और सांस्कृतिक धरोहर का भी प्रतीक है। यह मंदिर समुद्र के किनारे, बी. देसाई मार्ग पर स्थित है, और इस क्षेत्र का अत्यधिक धार्मिक महत्व है। महालक्ष्मी की पूजा विशेष रूप से घर और कारोबार में सुख और समृद्धि लाने के लिए की जाती है। यह मंदिर न केवल अपनी प्राचीनता और धार्मिक आस्था के कारण प्रसिद्ध है, बल्कि यहाँ के आकर्षक वास्तुकला और देवी-देवताओं की प्रतिमाओं के कारण भी हर साल लाखों भक्त यहाँ आते हैं।

मंदिर का ऐतिहासिक महत्व

महालक्ष्मी मंदिर का इतिहास बहुत ही रोचक और अद्भुत है। कहा जाता है कि जब अंग्रेजों ने महालक्ष्मी क्षेत्र को वर्ली से जोड़ने के लिए ब्रीच कैंडी मार्ग बनाने की योजना बनाई थी, तो निर्माण कार्य में बार-बार समस्याएँ आ रही थीं। कई प्रयासों के बावजूद दीवारें बार-बार गिर जाती थीं। एक दिन, प्रोजेक्ट के चीफ इंजीनियर को एक स्वप्न में महालक्ष्मी माता के दर्शन हुए, जिन्होंने उन्हें समुद्र में एक मूर्ति का संकेत दिया और बताया कि जब वह मूर्ति निकालकर इस स्थान पर स्थापित करेंगे, तभी यह कार्य सफल होगा।

सपने में बताई गई जगह पर खोज करने पर, वहाँ सचमुच एक मूर्ति मिली, और इसके बाद मंदिर का निर्माण बड़े धूमधाम से शुरू हुआ। महालक्ष्मी की मूर्ति स्वयम्भू है, यानी स्वयं प्रकट हुई थी। मंदिर में देवी महालक्ष्मी, महाकाली, और महासरस्वती की प्रतिमाएँ स्थापित हैं, और यही मूर्तियां मंदिर की प्रमुख पूजा का केंद्र हैं। इस मंदिर के बनने के बाद से यह स्थल लाखों भक्तों का आस्था केंद्र बन गया है।

मंदिर का वास्तुकला और सौंदर्य

महालक्ष्मी मंदिर की सुंदरता और आकर्षण में समुद्र का दृश्य भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। मंदिर के मुख्य द्वार पर सुंदर नक्काशी और विभिन्न देवी-देवताओं की प्रतिमाएँ हैं। गर्भगृह में महालक्ष्मी, महाकाली और महासरस्वती की मूर्तियां स्थित हैं, जिन्हें सोने और मोतियों के आभूषणों से सजाया गया है। महालक्ष्मी की मूर्ति में देवी को शेर पर सवार होकर महिषासुर का वध करते हुए दर्शाया गया है। यह मूर्ति न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक है, बल्कि मंदिर की वास्तुकला में भी एक अद्भुत सौंदर्य प्रस्तुत करती है।

जानें दर्शन का विशेष तरीका

महालक्ष्मी मंदिर में दर्शन के लिए लोगों को खास समय पर आना होता है। नवरात्रि के दौरान, मंदिर में माता के दर्शन के लिए भक्तों को लंबा इंतजार करना पड़ता है। वास्तव में, जो लोग महालक्ष्मी देवी के दर्शन करते हैं, वह वास्तविक प्रतिमा के दर्शन नहीं होते। असली मूर्तियां सोने के मुखौटों से ढकी रहती हैं, और इनका दर्शन रात के समय विशेष रूप से होता है।

रात के 9:30 बजे, मंदिर के पट खोले जाते हैं और मूर्तियों से आवरण हटा दिया जाता है। यह समय लगभग 10 से 15 मिनट के लिए होता है, और इस समय में भक्तों को असली मूर्तियों के दर्शन का अवसर मिलता है। इसके बाद मंदिर के पट फिर से बंद कर दिए जाते हैं। सुबह 6 बजे मंदिर खुलता है, और तब देवी का अभिषेक किया जाता है। उसके बाद मूर्तियों पर पुनः आवरण चढ़ा दिया जाता है।

विशेष है मान्यता और परंपरा रस्में

महालक्ष्मी मंदिर के आसपास कुछ खास मान्यताएं भी प्रचलित हैं। मंदिर के पीछे की दीवार पर लोग अपनी मनोकामनाओं को पूरा करने के लिए सिक्के चिपकाते हैं। यह दीवार सिक्कों से ढकी रहती है, और इन सिक्कों को देखकर यह प्रतीत होता है कि यहाँ आने वाले भक्तों की आस्था और श्रद्धा की कोई सीमा नहीं है।

इसके अलावा, मंदिर के पीछे की तरफ सीढ़ियां उतरने पर समुद्र का दृश्य बहुत ही सुंदर दिखाई देता है। यह दृश्य और मंदिर का वातावरण भक्तों को शांति और मानसिक सुकून प्रदान करता है।

नवरात्रि में होता है विशेष आयोजन

नवरात्रि के दौरान मंदिर में विशेष आयोजन होते हैं, और इन दिनों में मंदिर को सजाया जाता है। नवरात्रि के समय भक्तों की भीड़ सबसे ज्यादा होती है, और कई लोग इन 9 दिनों में माता के दर्शन करने के लिए मंदिर आते हैं। इस समय मंदिर का माहौल बहुत ही भव्य और उल्लासपूर्ण होता है।

पढ़िए क्यों करें महालक्ष्मी मंदिर के दर्शन?

मुंबई में आने वाले हर व्यक्ति को महालक्ष्मी मंदिर के दर्शन अवश्य करने चाहिए। यह मंदिर न केवल धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि यह शहर के सांस्कृतिक और ऐतिहासिक धरोहर का भी एक हिस्सा है। यहां आने से न केवल आस्था की शक्ति मिलती है, बल्कि यहां का माहौल और समुद्र का दृश्य भी दिल को शांति प्रदान करता है।

महालक्ष्मी मंदिर की यात्रा के दौरान, आप मुंबई के अन्य प्रमुख स्थलों का भी भ्रमण कर सकते हैं, जैसे कि गेटवे ऑफ इंडिया, जुहू बीच, और मरीन ड्राइव।

ऐतिहासिक है मंदिर की पहचान – जानिए 

महालक्ष्मी मंदिर मुंबई के सबसे प्रमुख और प्राचीन मंदिरों में से एक है। यह मंदिर न केवल धार्मिक आस्था का केंद्र है, बल्कि यह एक ऐतिहासिक स्थल भी है, जिसे देखने के लिए हजारों लोग यहां आते हैं। यदि आप मुंबई में हैं, तो इस मंदिर का दौरा जरूर करें और देवी महालक्ष्मी के दर्शन करें, ताकि आपकी जीवन में सुख और समृद्धि आए।

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