
“न्यूज़ डेस्क”
उत्तर भारत में मौसम ने गुरुवार, 19 मार्च 2026, को एक बार फिर तेवर दिखाए। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने दिल्ली-NCR, उत्तर प्रदेश, पंजाब और हरियाणा में येलो अलर्ट जारी किया है। यह चेतावनी पश्चिमी विक्षोभ के कारण आई है, जिससे मौसम में बड़ा बदलाव देखा जा रहा है।
मौसम विभाग ने कहा कि अगले 24 घंटे के दौरान इन राज्यों में गरज-चमक के साथ बूंदाबांदी और तेज हवाओं की संभावना है। इसके साथ ही, पहाड़ों पर बर्फबारी जारी रहेगी, जिससे जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के उच्च क्षेत्रों में ट्रैफिक और दैनिक जीवन प्रभावित हो सकता है।

जम्मू-कश्मीर और अरुणाचल प्रदेश में हल्की बारिश और बर्फबारी
पिछले 24 घंटे के दौरान जम्मू-कश्मीर और अरुणाचल प्रदेश के कुछ क्षेत्रों में हल्की से मध्यम बारिश और बर्फबारी दर्ज की गई। मौसम विभाग के अनुसार, इन क्षेत्रों में पहाड़ी मार्गों पर सफर करने वाले लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
विशेषज्ञों का कहना है कि पश्चिमी विक्षोभ के कारण बारिश और बर्फबारी की गतिविधि और तेज हो सकती है। इसके चलते ट्रैक पर यातायात धीमा हो सकता है और सड़क मार्गों पर फिसलन का खतरा बढ़ सकता है।

दिल्ली-NCR और उत्तर प्रदेश में येलो अलर्ट जारी
भारतीय मौसम विभाग ने दिल्ली-NCR, उत्तर प्रदेश, पंजाब और हरियाणा के लिए येलो अलर्ट जारी किया है। यह चेतावनी उन क्षेत्रों में तेज हवाओं, आंधी और हल्की से मध्यम बारिश के लिए दी गई है।
मौसम विशेषज्ञों ने कहा कि गुरुवार और शुक्रवार को अचानक तेज बारिश या बूंदाबांदी के साथ हवाओं की गति बढ़ सकती है। इसके चलते आम जनता को सड़क पर वाहन चलाते समय सावधानी बरतने और खुले स्थानों पर ज्यादा समय न बिताने की सलाह दी गई है।

दक्षिण भारत में रहेंगी बारिश की गतिविधियां
उत्तर भारत के अलावा, दक्षिण तमिलनाडु में हल्की से मध्यम बारिश हुई है। कुछ स्थानों पर भारी बारिश भी दर्ज की गई। मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि दक्षिणी राज्यों में अगले कुछ घंटों में बारिश की तीव्रता और बढ़ सकती है।
मौसम विज्ञानी यह भी बता रहे हैं कि समुद्री क्षेत्रों में बनने वाले सिस्टम और पश्चिमी विक्षोभ के संयोजन से बारिश का यह दौर जारी रह सकता है। किसानों और ग्रामीण क्षेत्रों में फसलों और दैनिक जीवन पर इसका असर पड़ सकता है।

यह हैं सुरक्षा और तैयारी के उपाय
मौसम विभाग ने कहा है कि सभी राज्य प्रशासन, आपदा प्रबंधन विभाग और लोक प्रशासन को सतर्क रहने की आवश्यकता है।
1. सड़क यातायात: पहाड़ी और नदी पार करने वाले मार्गों पर फिसलन और भूस्खलन का खतरा है।
2. खेती और फसल: हल्की से मध्यम बारिश के बावजूद तेज हवाओं से फसल प्रभावित हो सकती है।
3. जनसुरक्षा: नागरिकों को सलाह दी गई है कि वे खुले क्षेत्रों में न रहें और बिजली गिरने की स्थिति में सुरक्षित स्थान पर जाएँ।

जानिए क्या है मौसम विज्ञान विभाग की भविष्यवाणी?
IMD ने चेतावनी दी है कि अगले 48 घंटे में उत्तर भारत के अधिकांश हिस्सों में मौसम का यह अनिश्चित दौर जारी रहेगा। पहाड़ी क्षेत्रों में बर्फबारी और मैदानी क्षेत्रों में बारिश की संभावना बनी रहेगी।
विशेषज्ञों के अनुसार, पश्चिमी विक्षोभ एक सामान्य मौसमी प्रक्रिया है, लेकिन यह कभी-कभी अप्रत्याशित तूफान और भारी बारिश का कारण बन सकता है। इसलिए जन सुरक्षा और प्रशासनिक तैयारी अत्यंत आवश्यक है।

प्रशासन ने बढ़ा दी हैं तैयारियां
उत्तर भारत में तूफान और बारिश की चेतावनी ने लोगों को सतर्क कर दिया है। दिल्ली-NCR, उत्तर प्रदेश, पंजाब, हरियाणा और पहाड़ी क्षेत्रों में मौसम विभाग की एडवाइजरी का पालन करना बेहद जरूरी है। साथ ही, दक्षिण भारत में भी बारिश और कुछ स्थानों पर तेज बारिश के चलते लोग सतर्क रहें। प्रशासन ने सड़क, स्कूल और अन्य सार्वजनिक स्थानों पर तैयारी बढ़ा दी है।



