कानपुर: हूटर बजाती स्कॉर्पियो पर पुलिस ने की कार्रवाई, महिला दरोगा से अभद्रता के आरोप में दो बहनें हिरासत में

रिपोर्ट – शुभम शर्मा
कानपुर: कल्याणपुर थाना क्षेत्र में पुलिस चेकिंग के दौरान एक हूटर बजाती स्कॉर्पियो को रोकने पर विवाद की स्थिति उत्पन्न हो गई। मामला इतना बढ़ा कि दो सगी बहनों को हिरासत में लेना पड़ा और वाहन को सीज कर दिया गया। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, घटना के दौरान सरकारी कार्य में बाधा और महिला पुलिसकर्मी से अभद्रता के आरोप भी सामने आए हैं। फिलहाल प्रकरण में विधिक कार्रवाई की जा रही है।

चेकिंग के दौरान रोकी गई हूटर लगी गाड़ी
प्राप्त जानकारी के अनुसार, कल्याणपुर थाना क्षेत्र में नियमित वाहन चेकिंग अभियान चलाया जा रहा था। इसी दौरान पुलिस टीम ने तेज आवाज में हूटर बजाती एक स्कॉर्पियो को रोका। नियमों के तहत निजी वाहनों पर हूटर का उपयोग प्रतिबंधित है, इसलिए पुलिस ने वाहन चालक से दस्तावेज प्रस्तुत करने को कहा।

हालांकि, पुलिस का कहना है कि दस्तावेज मांगने पर वाहन में सवार दो महिलाओं ने आपत्ति जताई और मौके पर तीखी बहस शुरू हो गई। स्थिति को देखते हुए पुलिस वाहन को थाने ले आई और नियमानुसार स्कॉर्पियो को सीज कर दिया गया।
थाने में भी जारी रहा विवाद
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, वाहन सीज होने के बाद दोनों महिलाएं थाने पहुंचीं, जहां विवाद ने नया मोड़ ले लिया। आरोप है कि इस दौरान दोनों ने हंगामा किया और ड्यूटी पर मौजूद महिला दरोगा के साथ धक्का-मुक्की की।

पुलिस का यह भी दावा है कि झड़प के दौरान एक महिला ने महिला दरोगा के हाथ में दांत से काट लिया। करीब आधे घंटे तक थाने परिसर में अफरा-तफरी का माहौल रहा। हालांकि, बाद में अन्य पुलिसकर्मियों ने स्थिति को नियंत्रित किया और दोनों महिलाओं को हिरासत में ले लिया गया।
शांतिभंग और सरकारी कार्य में बाधा की कार्रवाई
पश्चिमी जोन के डीसीपी कासिम आबदी ने बताया कि तेज आवाज में हूटर बजाना मोटर वाहन अधिनियम का उल्लंघन है। इसके अतिरिक्त, सरकारी कार्य में बाधा उत्पन्न करने और थाने में अनुशासनहीन व्यवहार के चलते आवश्यक कानूनी धाराओं में कार्रवाई की गई है।

उन्होंने स्पष्ट किया कि कानून सभी के लिए समान है और नियमों के उल्लंघन पर उचित कार्रवाई की जाएगी। साथ ही, मामले की जांच जारी है और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की प्रक्रिया अपनाई जाएगी।
निजी वाहनों पर हूटर लगाना है प्रतिबंधित
दरअसल, सुप्रीम कोर्ट और केंद्र सरकार के दिशा-निर्देशों के अनुसार, केवल अधिकृत आपातकालीन और विशिष्ट श्रेणी के वाहनों को ही हूटर और विशेष सायरन का उपयोग करने की अनुमति है। आम नागरिकों द्वारा हूटर का प्रयोग नियमों के विपरीत है और इस पर दंडात्मक कार्रवाई का प्रावधान है।

कानून विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की कार्रवाई से सड़क सुरक्षा और कानून व्यवस्था मजबूत होती है। यदि नियमों का समान रूप से पालन कराया जाए, तो यातायात अनुशासन में सुधार संभव है।
सोशल मीडिया पर चर्चा, प्रशासन की सतर्कता
घटना के बाद यह मामला सोशल मीडिया पर भी चर्चा का विषय बना। हालांकि, पुलिस प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि किसी भी घटना से संबंधित अपुष्ट जानकारी साझा करने से बचें और आधिकारिक बयान पर ही भरोसा करें।

इसके साथ ही, पुलिस ने कहा है कि महिला सुरक्षा और पुलिस कर्मियों की गरिमा से समझौता नहीं किया जाएगा। यदि किसी अधिकारी के साथ दुर्व्यवहार होता है, तो उसके विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

कानपुर कल्याणपुर हूटर स्कॉर्पियो मामला एक बार फिर यह दर्शाता है कि यातायात नियमों और कानून व्यवस्था का पालन सभी के लिए अनिवार्य है। जहां एक ओर पुलिस ने नियमों के उल्लंघन पर कार्रवाई की, वहीं दूसरी ओर सरकारी कार्य में बाधा और अभद्रता के आरोपों ने मामले को गंभीर बना दिया।

अब आगे की जांच रिपोर्ट और कानूनी प्रक्रिया के आधार पर स्थिति स्पष्ट होगी। फिलहाल प्रशासन ने स्पष्ट संकेत दिया है कि कानून से ऊपर कोई नहीं है और नियमों का उल्लंघन करने पर कार्रवाई तय है।



