यूपीराजनीति

योगी सरकार की अभ्युदय योजना से यूपी की इन बेटियों ने हासिल की सफलता, समाज के लिए बनी प्रेरणा

“न्यूज़ डेस्क”

लखनऊ: उत्तर प्रदेश की बेटियां अब केवल सपने देखने तक सीमित नहीं हैं, बल्कि उन्हें साकार भी कर रही हैं। मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना ने प्रदेश की युवाओं, विशेषकर बेटियों के लिए ऐसे ‘पंख’ लगाए हैं, जिनकी मदद से वे देश की सबसे कठिन मानी जाने वाली सिविल सेवा परीक्षा में सफलता हासिल कर रही हैं।

संघ लोकसेवा आयोग की सिविल सेवा परीक्षा 2025 में इस योजना का लाभ लेकर यूपी की तीन बेटियों ने उल्लेखनीय सफलता हासिल की है। इस उपलब्धि से यह स्पष्ट हो गया है कि योगी सरकार की शिक्षा केंद्रित योजनाएं न केवल प्रभावी हैं, बल्कि इनके माध्यम से समाज में सकारात्मक बदलाव भी आ रहा है।

महंगे कोचिंग संस्थानों के बिना भी बड़ी सफलता

मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना, जो 2021 में शुरू हुई थी, ने अब तक एक लाख से अधिक अभ्यर्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी का मजबूत मंच प्रदान किया है। खास बात यह है कि बेटियां इस योजना के जरिए महंगे कोचिंग संस्थानों का सहारा लिए बिना भी बड़ी सफलता हासिल कर रही हैं। यह साबित करता है कि सही मार्गदर्शन और संसाधनों की उपलब्धता किसी भी विद्यार्थी के लिए सफलता के दरवाजे खोल सकती है।

यूपी की बेटियां इस योजना के माध्यम से ‘नारी तू नारायणी’ की भावना को साकार कर रही हैं। उनकी मेहनत और लगन समाज के लिए प्रेरणा का स्रोत बन रही है।

मानसी: सेल्फ स्टडी से 444वीं रैंक तक का सफर

गाजियाबाद के प्रताप विहार की रहने वाली मानसी ने सिविल सेवा परीक्षा 2025 में 444वीं रैंक हासिल की। सीमित संसाधनों वाले परिवार में जन्मी मानसी ने घर पर ही तैयारी की और मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना के मार्गदर्शन से सफलता पाई। उनके पिता प्राइवेट जॉब करते हैं और परिवार में कुल पांच सदस्य हैं।

अदिति सिंह: पढ़ाई के साथ दूसरों का मार्गदर्शन भी किया

झांसी की अदिति सिंह ने 859वीं रैंक प्राप्त की। उनके पिता इंजीनियर और मां शिक्षिका हैं। अदिति ने सेल्फ स्टडी और ऑनलाइन माध्यम से तैयारी की। खास बात यह रही कि अदिति ने स्वयं भी अभ्युदय योजना के तहत अन्य छात्रों को पढ़ाया और उन्हें मार्गदर्शन दिया।

तनीषा सिंह: घर से तैयारी, बड़ा मुकाम हासिल किया

आगरा की तनीषा सिंह ने सिविल सेवा परीक्षा में 930वीं रैंक हासिल की। उनके पिता रेवेन्यू इंस्पेक्टर और मां गृहिणी हैं। तनीषा ने घर पर रहकर ऑनलाइन पढ़ाई की और अभ्युदय योजना की सहायता से सफलता प्राप्त की।

कीर्तिका सिंह: डिप्टी एसपी बन मिसाल बनीं

लखनऊ की रहने वाली कीर्तिका सिंह ने 2022 में उत्तर प्रदेश लोकसेवा आयोग की परीक्षा में 58वीं रैंक हासिल कर डिप्टी एसपी बनीं। एटा जिले के किसान परिवार से ताल्लुक रखने वाली कीर्तिका ने ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यमों से तैयारी की। उनकी सफलता यह दिखाती है कि सही मार्गदर्शन और संसाधन मिलने पर यूपी की बेटियां किसी भी क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर सकती हैं।

गांव और शहर में बदलती तस्वीर

मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना ने शिक्षा को सुलभ बनाने के साथ-साथ बेटियों में आत्मविश्वास भी जगाया है। अब वे बड़े सपने देखने और उन्हें पूरा करने का साहस जुटा रही हैं। यह पहल साबित करती है कि अगर सही मार्गदर्शन और अवसर मिले, तो यूपी की बेटियां किसी भी क्षेत्र में पीछे नहीं हैं।

सीएम का संदेश: अवसर मिले तो बेटियां उड़ान भरेंगी

इन सफलताओं से यह स्पष्ट हो गया है कि यदि सही दिशा और संसाधन उपलब्ध हों, तो प्रदेश की बेटियां देश की प्रशासनिक व्यवस्था में नेतृत्व की भूमिका निभाने के लिए पूरी तरह सक्षम हैं। मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना उन लाखों सपनों को आकार दे रही है, जो कभी संसाधनों की कमी के कारण अधूरे रह जाते थे।

सफलता का है मंच 

मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना न केवल युवाओं के लिए तैयारी का मंच है, बल्कि समाज में शिक्षा, समानता और महिलाओं के सशक्तिकरण की दिशा में भी महत्वपूर्ण योगदान दे रही है। यूपी की बेटियों की यह सफलता सरकार की योजनाओं की प्रभावशीलता और समाज में सकारात्मक बदलाव की दिशा में कदम बढ़ाने का प्रमाण है।

UP Now

Upnownews.com एक स्वतंत्र न्यूज़ चैनल है, जो आपको सबसे तेज और सटीक खबरें प्रदान करता है। हमारा लक्ष्य है कि हम दुनिया भर की महत्वपूर्ण और प्रासंगिक खबरें आप तक पहुँचाएँ। राजनीति, मनोरंजन, खेल, बिज़नेस, टेक्नोलॉजी, और अन्य विषयों पर हमारी निष्पक्ष और प्रमाणिक रिपोर्टिंग हमें सबसे अलग बनाती है।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button