कानपुर: KDA ने अवैध निर्माण/प्लाटिंग पर की बड़ी कार्रवाई, आगे पढ़िए जनता से की गई सबसे अहम अपील

रिपोर्ट – ब्रजेश शर्मा
कानपुर: कानपुर विकास प्राधिकरण (KDA) ने शहर में अवैध निर्माण और अनधिकृत प्लाटिंग के खिलाफ विशेष अभियान चलाया। अभियान के तहत जोन-1बीमें लगभग 12 बीघा में ध्वस्तीकरण और लगभग 20 बीघा में नोटिस की कार्रवाई की गई।
उपाध्यक्ष मदन सिंह गब्र्याल और सचिव अभय कुमार पाण्डेय के निर्देशन में यह कार्रवाई विशेष कार्याधिकारी/उपजिलाधिकारी डा. रवि प्रताप सिंह के नेतृत्व में संपन्न की गई। इस अभियान का उद्देश्य अवैध निर्माण को रोकना और आम जनता को सुरक्षित और कानूनी तरीके से भूमि खरीदने के लिए जागरूक करना है।

जानिए ध्वस्तीकरण की कार्रवाई का विवरण
अधिकारियों ने बताया कि विभिन्न स्थानों पर बिना प्राधिकरण से मंजूरी लिए या तलपट मानचित्र स्वीकृत कराए बिना प्लाटिंग और निर्माण कार्य किया जा रहा था। प्रमुख मामलों में शामिल हैं:
1. छेदी लाल और अन्य, ग्राम कटरी ख्यौरा – लगभग 5 बीघा में अवैध प्लाटिंग के खिलाफ ध्वस्तीकरण।
2. लाल यादव और अन्य, ग्राम कटरी ख्यौरा – लगभग 5 बीघा में अवैध प्लाटिंग के खिलाफ ध्वस्तीकरण।
3. नन्द और अन्य, ग्राम कटरी ख्यौरा – लगभग 2 बीघा में अवैध प्लाटिंग के खिलाफ कार्रवाई।
4. अज्ञात निर्माणकर्ता, न्यू कानपुर परियोजना सिहंपुर – लगभग 150 वर्ग मीटर अवैध निर्माण को ध्वस्त किया गया।
इस प्रकार तीन अलग-अलग साइटों पर इंट्रीगेट, रोड, नाला, बाउंड्री वॉल, बिजली के खंभे, पिलर और अधूरे/निर्माणाधीन भवन को 02 जेसीबी के माध्यम से ध्वस्त किया गया।
ध्वस्तीकरण कार्यवाही के दौरान अवर अभियंता श्री हिमांशु बर्नवाल, सुपरवाइजर राम औतार, मनोज कुमार, राज कुमार, श्री लाल सिंह** और क्षेत्रीय थाना-बिठूर का पर्याप्त पुलिस बल उपस्थित रहा।

जानिए भविष्य में कार्रवाई के लिए चेतावनी
डा. रवि प्रताप सिंह ने बताया कि अभी भी दो अवैध प्लाटिंग साइट चिन्हित की गई हैं, जिन पर उचित प्रतिउत्तर न मिलने पर नियमानुसार सीलिंग/ध्वस्तीकरण किया जाएगा।
1. दिलीप कटियार, महेश कटियार और अन्य, ग्राम लुधौरी – लगभग 15 बीघा में प्लाटिंग कार्य।
2. जैन प्लाटिंग, ग्राम लुधौरी के पीछे – लगभग 5 बीघा में विकास कार्य।
उन्होंने चेतावनी दी कि बिना अनुमति के प्लाटिंग करके भोले-भाले लोगों को धोखा देना **कानूनन दंडनीय** है।

अवैध प्लाटिंग के दुष्प्रभाव
विशेष कार्याधिकारी ने समझाया कि अवैध कालोनियों में **सड़क, नाली, बिजली, पानी और सीवर जैसी मूलभूत सुविधाएं** या तो अनुपलब्ध होती हैं या मानकों के अनुसार नहीं होती हैं। इसके अलावा:
* जल भराव की समस्या बढ़ती है।
* ट्रैफिक व्यवस्था प्रभावित होती है।
* पर्यावरण को नुकसान होता है।
* सरकारी जमीन पर अतिक्रमण बढ़ता है।
* भविष्य में कानूनी विवाद उत्पन्न होते हैं।
अक्सर लोग अपनी जीवन भर की कमाई से प्लाट खरीद लेते हैं, लेकिन बाद में पता चलता है कि वह जमीन अवैध है, जिससे उन्हें भारी नुकसान उठाना पड़ता है।

पढ़ें आम जनता से KDA की अपील -डा. रवि प्रताप सिंह
* केवल केडीए से स्वीकृत कालोनियो में प्लाट खरीदें।
* नक्शा और ले-आउट की जांच अवश्य करें।
* प्लाट खरीदने से पहले केडीए से पूरी जानकार* ले लें।
इसके साथ ही उन्होंने यह भी बताया कि इस प्रकार की निरोधात्मक कार्रवाई भविष्य में सतत अभियान के रूप में जारी रहेगी।

अवैध निर्माण पर महत्वपूर्ण है कदम
कानपुर विकास प्राधिकरण की यह कार्रवाई शहर में कानूनन मानकों के अनुसार निर्माण और प्लाटिंग सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इससे न केवल अवैध अतिक्रमण रोका जाएगा, बल्कि आम जनता को सुरक्षित और कानूनी प्लाट खरीदने का अवसर मिलेगा।



