लखीमपुर: कचहरी में दिनदहाड़े चली गोलियां – अधिवक्ता हुआ घायल, सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल

रिपोर्ट – धीरज तिवारी
लखीमपुर खीरी: जिले से एक चिंताजनक खबर सामने आई है। सदर कोतवाली क्षेत्र स्थित कचहरी परिसर में दिनदहाड़े हुई फायरिंग की घटना ने पूरे इलाके में हड़कंप मचा दिया। बताया जा रहा है कि जमीनी विवाद के चलते एक अधिवक्ता ने दूसरे अधिवक्ता पर गोली चला दी, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गए। इस घटना के बाद न केवल कचहरी परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया, बल्कि सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी कई सवाल खड़े हो गए हैं।

जानिए क्या है पूरा मामला?
प्राप्त जानकारी के अनुसार, कचहरी परिसर में अधिवक्ता विराट राज ने अधिवक्ता जितेंद्र राज पर गोली चला दी। दोनों अधिवक्ता एक ही परिवार से संबंधित बताए जा रहे हैं। प्रारंभिक जानकारी में यह बात सामने आई है कि दोनों के बीच जमीनी विवाद को लेकर काफी समय से मतभेद चल रहे थे। हालांकि, घटना के वास्तविक कारणों की पुष्टि पुलिस जांच के बाद ही हो सकेगी।

गोली जितेंद्र राज के पेट में लगी, जिसके बाद वह गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना के तुरंत बाद उन्हें जिला अस्पताल ले जाया गया। चिकित्सकों ने प्राथमिक उपचार के बाद उनकी हालत को नाजुक बताते हुए लखनऊ रेफर कर दिया। फिलहाल उनका इलाज उच्च चिकित्सा केंद्र में जारी है।
वारदात के बाद परिसर में मचा हड़कंप
दिनदहाड़े कचहरी परिसर में गोली चलने की खबर फैलते ही अफरा-तफरी का माहौल बन गया। वकील, वादकारी और अन्य लोग सुरक्षित स्थान की ओर भागते नजर आए। कुछ समय के लिए न्यायिक कार्य भी प्रभावित हुआ।

हालांकि, पुलिस को जैसे ही सूचना मिली, तत्काल भारी पुलिस बल मौके पर पहुंच गया। जिला मजिस्ट्रेट (डीएम) और पुलिस अधीक्षक (एसपी) ने भी घटनास्थल का निरीक्षण किया और संबंधित अधिकारियों से पूरे मामले की जानकारी ली।
आरोपी फरार, पुलिस जांच में जुटी
घटना के बाद आरोपी अधिवक्ता विराट राज मौके से फरार हो गया। पुलिस ने उसकी तलाश में कई टीमें गठित की हैं। आसपास के क्षेत्रों में दबिश दी जा रही है और संभावित ठिकानों पर छापेमारी की जा रही है।

इस संबंध में सहायक पुलिस अधीक्षक विवेक तिवारी ने मीडिया से बातचीत में कहा कि आरोपी की पहचान स्पष्ट है और उसे जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा। उन्होंने आश्वासन दिया कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की जाएगी और कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई होगी।
सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
कचहरी जैसे संवेदनशील और भीड़भाड़ वाले स्थान पर दिनदहाड़े गोली चलने की घटना ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। आमतौर पर न्यायालय परिसर में सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम होने चाहिए।

हालांकि, इस घटना ने यह संकेत दिया है कि सुरक्षा में कहीं न कहीं चूक हुई है। अब यह जांच का विषय है कि आरोपी हथियार लेकर परिसर में कैसे पहुंचा और सुरक्षा जांच के दौरान उसे रोका क्यों नहीं गया।
जमीनी विवाद बना विवाद का कारण?
प्रारंभिक जानकारी में यह बात सामने आई है कि दोनों अधिवक्ताओं के बीच जमीनी विवाद चल रहा था। हालांकि, पुलिस ने अभी तक इस पहलू की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।

फिलहाल, पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि विवाद की पृष्ठभूमि क्या थी और क्या पहले भी किसी प्रकार की शिकायत या विवाद की सूचना प्रशासन को दी गई थी। जांच के बाद ही स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो सकेगी।
कानून व्यवस्था को लेकर प्रशासन हुआ सतर्क
घटना के बाद प्रशासन ने कचहरी परिसर में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया है। इसके अलावा, सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा भी की जा रही है।

प्रशासन का कहना है कि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए ठोस कदम उठाए जाएंगे। वहीं, वकील समुदाय ने भी इस घटना की निंदा करते हुए दोषी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
निष्पक्ष जांच की रखी गई मांग
कचहरी परिसर में हुई इस फायरिंग की घटना ने आम लोगों में चिंता पैदा कर दी है। लोग यह जानना चाहते हैं कि आखिर ऐसी घटना न्यायिक परिसर में कैसे हो सकती है। इसी बीच, प्रशासन ने भरोसा दिलाया है कि पूरे मामले की पारदर्शी और निष्पक्ष जांच की जाएगी। आरोपी की गिरफ्तारी के बाद ही आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू होगी।

लखीमपुर खीरी कचहरी परिसर में हुई यह घटना न केवल एक आपराधिक मामला है, बल्कि यह सुरक्षा व्यवस्था और प्रशासनिक सतर्कता की भी परीक्षा है। ऐसे संवेदनशील स्थानों पर सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जानी चाहिए। फिलहाल, घायल अधिवक्ता का इलाज जारी है और पुलिस आरोपी की तलाश में जुटी है। आने वाले दिनों में जांच के निष्कर्ष से पूरे मामले की सच्चाई सामने आ सकेगी।



