बहराइच: अंबेडकर जयंती की अनुमति न मिलने पर आजाद समाज पार्टी ने किया प्रदर्शन, सौंपा ज्ञापन

रिपोर्ट – महेश मिश्रा
बहराइच: आगामी अंबेडकर जयंती समारोह को लेकर प्रशासन से अनुमति न मिलने के मुद्दे पर आजाद समाज पार्टी के कार्यकर्ताओं ने विरोध दर्ज कराया। पार्टी पदाधिकारियों और समर्थकों ने भीमराव अंबेडकर पार्क में एकत्र होकर अपनी मांगों को प्रशासन तक पहुंचाया। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन किया और जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर जल्द अनुमति देने की अपील की।

अनुमति न मिलने से कार्यकर्ताओं में असंतोष
जानकारी के अनुसार, आजाद समाज पार्टी के जिला अध्यक्ष सोहेल अख्तर के नेतृत्व में बड़ी संख्या में कार्यकर्ता एकत्र हुए। उनका कहना है कि जिले की विभिन्न तहसीलों से पार्टी पदाधिकारियों को जयंती समारोह आयोजित करने की अनुमति नहीं दी जा रही है। इसी को लेकर संगठन के भीतर असंतोष बढ़ता जा रहा है।

जिला अध्यक्ष सोहेल अख्तर ने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर भारतीय संविधान के शिल्पकार हैं और देश के करोड़ों लोगों के लिए प्रेरणा स्रोत हैं। ऐसे में उनकी जयंती मनाने के कार्यक्रम को अनुमति न देना उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि पार्टी संविधान के दायरे में रहकर कार्यक्रम आयोजित करना चाहती है और प्रशासन से सहयोग की अपेक्षा रखती है।
शांतिपूर्ण किया प्रदर्शन और फिर सौंपा ज्ञापन
विरोध के दौरान कार्यकर्ताओं ने किसी भी प्रकार की अव्यवस्था नहीं होने दी। सबसे पहले वे भीमराव अंबेडकर पार्क में एकत्र हुए, जहां से उन्होंने प्रशासन के प्रति अपनी मांगें रखीं। इसके बाद प्रतिनिधिमंडल ने जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा।

ज्ञापन में मांग की गई है कि अंबेडकर जयंती समारोह के आयोजन की अनुमति शीघ्र प्रदान की जाए, ताकि कार्यक्रम विधिवत और शांतिपूर्वक संपन्न हो सके। साथ ही यह भी उल्लेख किया गया कि पार्टी प्रशासन के दिशा-निर्देशों का पालन करने को तैयार है।
कार्यकर्ताओं ने दी आंदोलन की चेतावनी
हालांकि प्रदर्शन शांतिपूर्ण रहा, लेकिन पार्टी नेतृत्व ने चेतावनी भी दी है। सोहेल अख्तर ने कहा कि यदि समय रहते अनुमति प्रदान नहीं की गई तो संगठन बड़े स्तर पर आंदोलन और धरना-प्रदर्शन करने को बाध्य होगा। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि पार्टी लोकतांत्रिक और संवैधानिक तरीके से अपनी आवाज उठाएगी।

इसके अतिरिक्त उन्होंने कहा कि अंबेडकर जयंती जैसे सामाजिक और ऐतिहासिक महत्व के कार्यक्रमों को लेकर अनावश्यक बाधाएं नहीं आनी चाहिए। उनका कहना था कि इससे समाज में भ्रम की स्थिति पैदा होती है।
नहीं आया आधिकारिक बयान
वर्तमान में प्रशासन की ओर से इस मामले में आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। हालांकि सूत्रों के अनुसार, अनुमति से जुड़े मामलों में सुरक्षा और कानून-व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए निर्णय लिया जाता है। प्रशासनिक प्रक्रिया के तहत आवेदन की समीक्षा की जाती है और उसके बाद अनुमति दी जाती है।

इसी क्रम में यह उम्मीद की जा रही है कि प्रशासन सभी पक्षों को ध्यान में रखते हुए संतुलित निर्णय लेगा। वहीं स्थानीय नागरिक भी चाहते हैं कि किसी भी प्रकार का तनाव उत्पन्न न हो और कार्यक्रम शांतिपूर्वक संपन्न हों।
जानिए सामाजिक और राजनीतिक महत्व
अंबेडकर जयंती हर वर्ष बड़े पैमाने पर मनाई जाती है। यह दिन सामाजिक न्याय, समानता और संविधान के मूल्यों को याद करने का अवसर माना जाता है। ऐसे में इस आयोजन को लेकर उत्पन्न विवाद राजनीतिक और सामाजिक दृष्टि से महत्वपूर्ण हो जाता है।

जानकारों का मानना है कि प्रशासन और आयोजकों के बीच संवाद से समाधान निकल सकता है। यदि समय पर समन्वय स्थापित किया जाए, तो विवाद की स्थिति टाली जा सकती है।
शुरू हुई चर्चा
फिलहाल बहराइच में अंबेडकर जयंती की अनुमति को लेकर विवाद चर्चा का विषय बना हुआ है। आजाद समाज पार्टी ने अपनी मांग प्रशासन के समक्ष रख दी है और आगे की कार्रवाई प्रशासनिक निर्णय पर निर्भर करेगी। अब सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि प्रशासन कब और क्या निर्णय लेता है।



