श्रावस्ती: सीएम डैशबोर्ड की हुई समीक्षा: 85 में 70 योजनाओं को ‘ए’ ग्रेड, लंबित परियोजनाएं जल्द पूरी करने के निर्देश

रिपोर्ट – सूर्य प्रकाश शुक्ला
श्रावस्ती: जिले में विकास कार्यों की प्रगति को लेकर जिलाधिकारी की अध्यक्षता में सीएम डैशबोर्ड समीक्षा बैठक सम्पन्न हुई। कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित इस बैठक में विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने भाग लिया। बैठक का उद्देश्य विकास एवं राजस्व से जुड़े कार्यों की प्रगति का आकलन करना तथा खराब रैंकिंग वाले विभागों को आवश्यक दिशा-निर्देश देना रहा।

कलेक्ट्रेट सभागार में हुई व्यापक समीक्षा
बैठक में मार्च 2026 की संयुक्त रैंकिंग पर विस्तार से चर्चा की गई। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, विकास व राजस्व कार्यों में जनपद की संयुक्त रैंक 26 रही। हालांकि कई कार्यक्रमों में बेहतर प्रदर्शन दर्ज किया गया, वहीं कुछ योजनाओं में अपेक्षित प्रगति न होने पर चिंता भी व्यक्त की गई।

जिलाधिकारी ने स्पष्ट कहा कि सभी विभाग लक्ष्य आधारित कार्यप्रणाली अपनाएं और शत-प्रतिशत डाटा फीडिंग सुनिश्चित करें, ताकि योजनाओं की वास्तविक स्थिति सीएम डैशबोर्ड पर परिलक्षित हो सके।
85 में से 70 कार्यक्रमों में मिला ‘ए’ ग्रेड
समीक्षा के दौरान बताया गया कि कुल 85 कार्यक्रमों में से 70 में जनपद को ‘ए’ ग्रेड प्राप्त हुआ है। यह उपलब्धि कई विभागों के समन्वित प्रयासों का परिणाम है। इसके अतिरिक्त, 02 कार्यक्रमों में ‘बी’, 06 में ‘सी’, 03 में ‘डी’ और 04 में ‘NA’ ग्रेड प्राप्त हुआ।

जिलाधिकारी ने ‘ए’ ग्रेड प्राप्त करने वाले विभागों की सराहना की, वहीं ‘सी’ और ‘डी’ ग्रेड वाले विभागों को कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि रैंकिंग केवल आंकड़ों का खेल नहीं, बल्कि जनहित से जुड़ी योजनाओं की वास्तविक प्रगति का संकेतक है।
कमजोर रैंकिंग वाले विभागों को दी गई चेतावनी
बैठक में यह भी सामने आया कि मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना और वृद्धावस्था पेंशन योजना में जनपद प्रदेश के अंतिम पांच जिलों में शामिल है। इस स्थिति पर जिलाधिकारी ने नाराजगी जताते हुए संबंधित अधिकारियों को तत्काल सुधारात्मक कदम उठाने के निर्देश दिए।

उन्होंने कहा कि लाभार्थियों को समय पर योजना का लाभ मिलना चाहिए। यदि पात्र व्यक्तियों तक योजनाएं नहीं पहुंच रहीं, तो इसकी जिम्मेदारी संबंधित विभागों की होगी।
ग्राम्य विकास, स्वास्थ्य व पंचायती राज पर विशेष फोकस
ग्राम्य विकास, स्वास्थ्य और पंचायती राज विभागों की रैंकिंग में सुधार के लिए विशेष रणनीति बनाने पर जोर दिया गया। जिलाधिकारी ने कहा कि इन विभागों की योजनाएं सीधे ग्रामीण जनता से जुड़ी हैं, इसलिए इनके क्रियान्वयन में किसी प्रकार की ढिलाई स्वीकार नहीं की जाएगी।

इसके साथ ही, अधिकारियों को नियमित मॉनिटरिंग और फील्ड विजिट करने के निर्देश दिए गए, ताकि जमीनी स्तर पर योजनाओं की वास्तविक स्थिति का आकलन किया जा सके।
नई सड़कों और छात्रवृत्ति योजना में बेहतर प्रदर्शन
सकारात्मक पक्ष की बात करें तो नई सड़कों के निर्माण और जनजाति छात्रवृत्ति योजना में जनपद प्रदेश के टॉप-5 में शामिल रहा। यह उपलब्धि जिले के लिए गौरव का विषय मानी जा रही है।

जिलाधिकारी ने संबंधित विभागों की सराहना करते हुए कहा कि अन्य विभाग भी इसी तरह की कार्यशैली अपनाएं, ताकि समग्र विकास सुनिश्चित किया जा सके।
एक करोड़ से अधिक लागत वाली परियोजनाओं की भू हुई समीक्षा
बैठक में एक करोड़ रुपये से अधिक लागत वाली निर्माण परियोजनाओं की भी विस्तार से समीक्षा की गई। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि जो परियोजनाएं पूर्ण हो चुकी हैं, उन्हें शीघ्र संबंधित विभाग को हैंडओवर किया जाए।

इसके अलावा, एक वर्ष से अधिक समय से लंबित परियोजनाओं को प्राथमिकता के आधार पर पूरा करने के आदेश दिए गए। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि अनावश्यक देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
डाटा फीडिंग और पारदर्शिता पर दिया गया जोर
सीएम डैशबोर्ड पर सही रैंकिंग प्राप्त करने के लिए शत-प्रतिशत डाटा फीडिंग अनिवार्य बताई गई। जिलाधिकारी ने कहा कि कई बार कार्य होने के बावजूद डाटा अपलोड न होने से रैंकिंग प्रभावित होती है। इसलिए सभी विभाग समयबद्ध तरीके से पोर्टल पर जानकारी अपडेट करें।

श्रावस्ती सीएम डैशबोर्ड समीक्षा बैठक ने यह स्पष्ट कर दिया कि प्रशासन विकास कार्यों को लेकर गंभीर है। जहां एक ओर अधिकांश योजनाओं में ‘ए’ ग्रेड प्राप्त कर जिला बेहतर स्थिति में है, वहीं कुछ योजनाओं में सुधार की आवश्यकता भी रेखांकित हुई है।

जिलाधिकारी ने सभी विभागों को समन्वय के साथ कार्य करने, लंबित परियोजनाओं को समय पर पूरा करने और लाभार्थियों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने के निर्देश दिए। यदि निर्देशों का प्रभावी अनुपालन होता है, तो आने वाले महीनों में जिले की रैंकिंग में और सुधार की संभावना है।



