
रिपोर्ट – ब्रजेश शर्मा
कानपुर नगर/लखनऊ: उत्तर प्रदेश के सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (एमएसएमई) मंत्री भूपेंद्र चौधरी ने शुक्रवार को उद्योग एवं उद्यम प्रोत्साहन निदेशालय, कानपुर में विभागीय अधिकारियों के साथ एक विस्तृत समीक्षा बैठक की। इस बैठक में प्रदेश में चल रही विभिन्न रोजगारपरक और उद्यम प्रोत्साहन योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई। साथ ही, योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन और अधिकतम लाभार्थियों तक पहुंच सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया गया।

बैठक के प्रारंभ में आयुक्त एवं निदेशक उद्योग के. विजयेंद्र पांडियन ने मंत्री भूपेंद्र चौधरी का स्वागत किया। इसके बाद उन्होंने विभागीय संरचना, योजनाओं की वर्तमान स्थिति और प्रगति से संबंधित विस्तृत प्रस्तुति दी। इस दौरान कई महत्वपूर्ण योजनाओं की समीक्षा की गई और उनके क्रियान्वयन से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर चर्चा हुई।

रोजगारपरक योजनाओं की विस्तृत समीक्षा
समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान, मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना, ओडीओपी मार्जिन मनी योजना, प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम, विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना, ओडीओपी प्रशिक्षण एवं टूलकिट योजना सहित कई प्रमुख योजनाओं की समीक्षा की गई। इसके अलावा फ्लैटेड फैक्ट्री कॉम्प्लेक्स, कॉमन फैसिलिटी सेंटर, ओडीओपी सामान्य सुविधा केंद्र और प्लेज योजना की प्रगति पर भी विस्तार से चर्चा हुई।

इसके साथ ही अधिकारियों ने योजनाओं के क्रियान्वयन में आ रही चुनौतियों और उनके समाधान पर भी विचार प्रस्तुत किए। बैठक में यह भी सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया कि योजनाओं का लाभ ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में समान रूप से पहुंचे।

अंतिम व्यक्ति तक लाभ पहुंचाने पर जोर
मंत्री भूपेंद्र चौधरी ने स्पष्ट कहा कि एमएसएमई क्षेत्र प्रदेश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ है और इस क्षेत्र को मजबूत बनाना सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि सभी योजनाओं का उद्देश्य अंतिम व्यक्ति तक लाभ पहुंचाना होना चाहिए, ताकि छोटे उद्यमियों और युवाओं को अधिक से अधिक अवसर मिल सकें।

उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि योजनाओं का व्यापक स्तर पर प्रचार-प्रसार किया जाए, ताकि अधिक से अधिक लोग इनका लाभ उठा सकें। इसके अलावा, उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में विशेष जागरूकता अभियान चलाकर युवाओं को स्वरोजगार के लिए प्रेरित किया जाए।

रोजगार सृजन और युवा अवसरों पर फोकस
मंत्री ने बैठक में यह भी कहा कि प्रदेश में रोजगार सृजन को गति देना समय की आवश्यकता है। उन्होंने निर्देश दिए कि युवाओं के लिए नए अवसर विकसित किए जाएं और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में ठोस कदम उठाए जाएं।

इसके साथ ही उन्होंने लघु उद्योगों को बढ़ावा देने पर जोर देते हुए कहा कि इससे स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। उन्होंने कहा कि एमएसएमई योजनाएं केवल आर्थिक सहायता का माध्यम नहीं हैं, बल्कि यह युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने का एक मजबूत आधार हैं।

बैंकिंग समस्याओं के समाधान के निर्देश
बैठक के दौरान मंत्री ने रोजगारपरक योजनाओं में बैंकिंग स्तर पर आने वाली समस्याओं पर भी चिंता व्यक्त की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि बैंकिंग से जुड़ी बाधाओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित किया जाए, ताकि लाभार्थियों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।

इसके अलावा, उन्होंने सभी योजनाओं में निर्धारित लक्ष्यों को शत-प्रतिशत प्राप्त करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि योजनाओं की सफलता तभी मानी जाएगी जब उनका वास्तविक लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे।

औद्योगिक योजनाओं और नई पहल पर चर्चा
बैठक में उत्तर प्रदेश एमएसएमई प्रोत्साहन नीति-2022 की उपलब्धियों और वित्तीय वर्ष 2026-27 के लक्ष्यों पर भी विस्तार से चर्चा की गई। इसके साथ ही प्रस्तावित “सरदार वल्लभभाई पटेल औद्योगिक एवं एम्प्लॉयमेंट जोन” और “एक जनपद एक व्यंजन” योजना की प्रगति की भी समीक्षा की गई।

अधिकारियों ने बताया कि इन योजनाओं से प्रदेश में औद्योगिक विकास और स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। मंत्री ने इन पहलों को तेजी से आगे बढ़ाने के निर्देश दिए।

बैठक का समापन
बैठक का समापन आयुक्त एवं निदेशक उद्योग के धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ। इस अवसर पर सदस्य विधान परिषद संतोष सिंह भी उपस्थित रहे। अंत में मंत्री भूपेंद्र चौधरी ने कहा कि सरकार का लक्ष्य प्रदेश में रोजगार सृजन को मजबूत करना और हर युवा तक विकास के अवसर पहुंचाना है।



