जानिए कब होगा मुख्यमंत्री सामूहिक का आयोजन – गरीब बेटियों की शादी का खर्च उठाएगी सरकार, पढ़िए कितने विवाह का है लक्ष्य

रिपोर्ट – ब्रजेश शर्मा
उत्तर प्रदेश सरकार आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की बेटियों के विवाह को लेकर बड़ी पहल कर रही है। उत्तर प्रदेश सरकार की मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत जरूरतमंद परिवारों को आर्थिक सहायता के साथ विवाह आयोजन की सुविधा भी दी जा रही है।

इसी क्रम में कानपुर नगर में बड़े स्तर पर सामूहिक विवाह समारोह की तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। प्रशासन का लक्ष्य है कि अधिक से अधिक पात्र परिवारों को योजना का लाभ समय पर मिल सके।

शुक्रवार को कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित समीक्षा बैठक में योजना की प्रगति, आवेदन प्रक्रिया, सत्यापन और आयोजन संबंधी व्यवस्थाओं की विस्तार से समीक्षा की गई। बैठक की अध्यक्षता जितेंद्र प्रताप सिंह ने की।
कानपुर में 1534 विवाहों का लक्ष्य तय
प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए कानपुर नगर को कुल 1534 विवाहों का लक्ष्य मिला है। अब तक योजना के तहत 542 आवेदन प्राप्त हो चुके हैं।

इनमें—
* 509 आवेदन ग्रामीण क्षेत्रों से
* 33 आवेदन शहरी क्षेत्रों से
प्राप्त हुए हैं।
जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी आवेदनों का सत्यापन समयबद्ध तरीके से पूरा किया जाए, ताकि पात्र परिवारों को किसी प्रकार की परेशानी न हो।

एक लाख रुपये प्रति जोड़ा होगा खर्च
मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत प्रति जोड़ा कुल एक लाख रुपये खर्च निर्धारित किया गया है।
योजना के तहत आर्थिक सहायता को तीन हिस्सों में विभाजित किया गया है—
1. सीधे खाते में आर्थिक सहायता के रूप में 60 हजार रुपये कन्या के बैंक खाते में डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के माध्यम से भेजे जाएंगे।
2. गृहस्थी का सामान में 25 हजार रुपये मूल्य की वैवाहिक उपहार सामग्री उपलब्ध कराई जाएगी।
3. विवाह आयोजन की व्यवस्था के तहत 15 हजार रुपये प्रति जोड़ा विवाह समारोह की व्यवस्थाओं पर खर्च किए जाएंगे, जिसमें—
* भोजन
* पंडाल
* फर्नीचर
* पेयजल
* बिजली और प्रकाश व्यवस्था
जैसी सुविधाएं शामिल रहेंगी।

नवविवाहित जोड़ों को मिलेगा घरेलू उपयोग का सामान योजना के तहत नवविवाहित जोड़ों को गृहस्थी शुरू करने के लिए जरूरी सामग्री भी दी जाएगी।
उपहार सामग्री में शामिल होंगे—
* साड़ी और कपड़े
* चांदी की पायल और बिछिया
* डिनर सेट
* प्रेशर कुकर
* कढ़ाही
* ट्रॉली बैग
* वैनिटी किट
* सीलिंग फैन
* आयरन प्रेस
* कूल केज
* कंबल
* गद्दा
* तकिया और बेडशीट
सरकार का उद्देश्य केवल विवाह संपन्न कराना ही नहीं, बल्कि जरूरतमंद परिवारों को नई गृहस्थी शुरू करने में भी सहयोग देना है।

कौन उठा सकता है योजना का लाभ?
योजना का लाभ उन्हीं परिवारों को मिलेगा जिनकी वार्षिक आय तीन लाख रुपये से कम है।
इसके अलावा कुछ अन्य शर्तें भी निर्धारित की गई हैं—
* कन्या के अभिभावक उत्तर प्रदेश के मूल निवासी हों
* वर भारत का नागरिक हो
* विवाह के समय कन्या की आयु कम से कम 18 वर्ष हो
* वर की आयु कम से कम 21 वर्ष हो
इसके साथ ही योजना में निर्धन, निराश्रित और जरूरतमंद परिवारों को प्राथमिकता दी जा रही है।

विधवा और तलाकशुदा महिलाओं को भी मिलेगा लाभ – मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना में केवल पहली शादी ही नहीं, बल्कि पुनर्विवाह को भी शामिल किया गया है।
योजना के अंतर्गत—
* विधवा महिलाओं
* परित्यक्ता महिलाओं
* कानूनी रूप से तलाकशुदा महिलाओं
के पुनर्विवाह को भी सहायता प्रदान की जाएगी। इसके अलावा अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अन्य पिछड़ा वर्ग के आवेदकों को जाति प्रमाण पत्र प्रस्तुत करना अनिवार्य होगा।
इन परिवारों को दी जाएगी प्राथमिकता – योजना के तहत कुछ विशेष श्रेणियों को प्राथमिकता देने का प्रावधान भी किया गया है।
इनमें शामिल हैं—
* निराश्रित कन्याएं
* विधवा महिला की पुत्री
* दिव्यांग अभिभावकों की पुत्रियां
* स्वयं दिव्यांग कन्याएं
प्रशासन का कहना है कि योजना का उद्देश्य समाज के कमजोर वर्गों को अधिक से अधिक सहायता प्रदान करना है।

आवेदन प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन
मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के लिए आवेदन ऑनलाइन माध्यम से किए जा सकते हैं।
आवेदन निर्धारित विवाह तिथि से एक सप्ताह पहले तक किया जा सकता है। इसके लिए जन सुविधा केंद्र, लोकवाणी केंद्र, इंटरनेट कैफे या अन्य ऑनलाइन माध्यमों का उपयोग किया जा सकता है।
आवेदन के बाद संबंधित दस्तावेजों की जांच और भौतिक सत्यापन की प्रक्रिया पूरी की जाती है।

आवेदन के लिए जरूरी दस्तावेज
योजना में आवेदन करने के लिए निम्न दस्तावेज जरूरी होंगे—
* आधार कार्ड
* आय प्रमाण पत्र
* जाति प्रमाण पत्र
* मूल निवास प्रमाण पत्र
* आयु प्रमाण पत्र
* बैंक पासबुक
* पासपोर्ट साइज फोटो
* आधार से लिंक मोबाइल नंबर
आयु प्रमाण के लिए स्कूल रिकॉर्ड, जन्म प्रमाण पत्र, मतदाता पहचान पत्र, मनरेगा जॉब कार्ड और आधार कार्ड को मान्य माना जाएगा।

डीएम ने दिए जरूरी निर्देश
समीक्षा बैठक के दौरान जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना गरीब और जरूरतमंद परिवारों के लिए बड़ी सहायता साबित हो रही है।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि पात्र परिवारों को योजना का लाभ दिलाने में किसी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए और सभी प्रक्रियाएं पारदर्शिता के साथ पूरी की जाएं।

बैठक में कई अधिकारी रहे मौजूद
बैठक में अभिनव जैन, अनुभव सिंह सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे। इसके अलावा नगर निकायों के अधिकारी और खंड विकास अधिकारी वर्चुअल माध्यम से बैठक में शामिल हुए।

सामाजिक दृष्टि से महत्वपूर्ण योजना
विशेषज्ञों का मानना है कि मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए राहत का माध्यम बन रही है।
कई परिवार आर्थिक तंगी के कारण बेटियों के विवाह को लेकर चिंता में रहते हैं। ऐसे में सरकार की यह पहल सामाजिक सुरक्षा और आर्थिक सहयोग दोनों प्रदान करती है। इसके अलावा सामूहिक विवाह समारोह सामाजिक समरसता और सादगीपूर्ण विवाह को भी बढ़ावा देते हैं।

मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना जरूरतमंद परिवारों के लिए एक महत्वपूर्ण सामाजिक और आर्थिक सहायता योजना बनकर सामने आई है। कानपुर में बड़े स्तर पर होने जा रहे सामूहिक विवाह आयोजन से सैकड़ों परिवारों को लाभ मिलने की उम्मीद है।

सरकार की इस पहल का उद्देश्य केवल आर्थिक सहायता देना नहीं, बल्कि सम्मान पूर्वक और व्यवस्थित तरीके से विवाह संपन्न कराना भी है। ऐसे में पात्र परिवारों के लिए यह योजना एक बड़ी राहत साबित हो सकती है।



