कानपुर: जनगणना-2027 का पहला चरण शुरू, मंदिरों से मोहल्लों तक भवनों की हो रही गिनती

रिपोर्ट – ब्रजेश शर्मा
कानपुर: जनगणना-2027 के प्रथम चरण की प्रक्रिया शुक्रवार से औपचारिक रूप से शुरू हो गई है। इस चरण में घर-घर जाकर भवनों की सूचीकरण और गणना का कार्य किया जा रहा है। सुबह से ही जनगणना प्रगणक और सुपरवाइजर अपने निर्धारित क्षेत्रों में सक्रिय हो गए, जिससे पूरे जनपद में सर्वे कार्य तेज गति से आगे बढ़ता दिखाई दिया।

इस अभियान के तहत गांवों, मोहल्लों, बाजारों और शहरी क्षेत्रों में मकानों की गिनती की जा रही है। साथ ही, भवनों पर नंबरिंग, उपयोग संबंधी विवरण और बुनियादी सुविधाओं की जानकारी भी एकत्र की जा रही है। जनगणना का यह चरण 20 जून तक चलेगा, जिसमें जिले के प्रत्येक वार्ड और गांव को कवर किया जाएगा।
धार्मिक स्थलों का भी हुआ सूचीकरण
इस अभियान के दौरान केवल आवासीय भवन ही नहीं, बल्कि धार्मिक और सार्वजनिक स्थलों का भी सूचीकरण किया जा रहा है। प्रगणकों ने इस्कॉन टेम्पल, कुष्मांडा मंदिर घाटमपुर और बाणेश्वर महादेव मंदिर सहित कई प्रमुख धार्मिक स्थलों का विवरण दर्ज किया।

इसके अलावा, नगर पालिका परिषद घाटमपुर के गांधी नगर वार्ड स्थित प्राचीन बाणेश्वर महादेव मंदिर का भी निर्धारित प्रारूप के अनुसार सूचीकरण किया गया। इस प्रक्रिया में मंदिरों, धर्मशालाओं, होटलों, दुकानों और अन्य संस्थानों को भी शामिल किया गया है, ताकि पूरे क्षेत्र का व्यापक डेटा तैयार किया जा सके।
10621 कर्मियों की टीम कर रही है कार्य
जनगणना कार्य को सुचारू रूप से संचालित करने के लिए जिले में कुल 10621 प्रगणक और सुपरवाइजर तैनात किए गए हैं। ये सभी अपने-अपने क्षेत्रों में जाकर निर्धारित प्रारूप के अनुसार सूचनाएं संकलित कर रहे हैं।

प्रशासन का कहना है कि यह टीम घर-घर जाकर भवनों की स्थिति, उपयोग, पेयजल, शौचालय, बिजली, रसोई ईंधन और अन्य सुविधाओं से जुड़ी लगभग 33 प्रकार की जानकारी एकत्र कर रही है। यह डेटा भविष्य की विकास योजनाओं के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
जिलाधिकारी ने की जन सहयोग की अपील
जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि स्वगणना का चरण पहले ही पूरा हो चुका है और अब फील्ड स्तर पर प्रगणक कार्य कर रहे हैं। उन्होंने जनपदवासियों से अपील की कि वे जनगणना टीम का सहयोग करें और सही जानकारी उपलब्ध कराएं।

इसके साथ ही उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि सभी प्रगणक और सुपरवाइजर पहचान पत्र के साथ कार्य कर रहे हैं, जिससे प्रक्रिया में पारदर्शिता बनी रहे।
जनगणना को बताया विकास योजनाओं की आधारशिला
अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व डॉ. विवेक चतुर्वेदी ने कहा कि जनगणना देश की विकास योजनाओं की नींव होती है। उन्होंने बताया कि एकत्र की जा रही जानकारी पूरी तरह गोपनीय रखी जाती है और इसका उपयोग केवल सरकारी योजनाओं के लिए किया जाता है।

उन्होंने नागरिकों से अपील की कि वे प्रगणकों को सही जानकारी दें और किसी भी प्रकार की गलतफहमी से बचें। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि इस प्रक्रिया के दौरान किसी से बैंक खाता, ओटीपी या वित्तीय जानकारी नहीं ली जा रही है।
दूसरे चरण में होगी व्यक्तियों की गणना
प्रशासन के अनुसार, जनगणना का पहला चरण भवनों और संरचनाओं की गणना पर केंद्रित है। इसके बाद फरवरी 2027 में दूसरा चरण शुरू होगा, जिसमें व्यक्तियों की गणना की जाएगी। यह पूरी प्रक्रिया देश की सामाजिक और आर्थिक योजनाओं के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जाती है।

कानपुर में शुरू हुआ जनगणना-2027 का यह पहला चरण व्यापक स्तर पर डेटा संग्रह की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। मंदिरों से लेकर मोहल्लों तक चल रहे इस अभियान से शहर की संरचना और सुविधाओं का विस्तृत रिकॉर्ड तैयार किया जा रहा है, जो आने वाले समय में विकास योजनाओं को दिशा देगा।



