
रिपोर्ट – ब्रजेश शर्मा
भारत में पेट्रोल की कीमतें आम जनता की जेब और देश की अर्थव्यवस्था—दोनों पर सीधा प्रभाव डालती हैं। इसलिए हर दिन लाखों लोग अपने राज्य में पेट्रोल की ताजा दर जानना चाहते हैं। अलग-अलग राज्यों में टैक्स संरचना, वैट (VAT) और परिवहन लागत के कारण पेट्रोल के दाम अलग-अलग होते हैं। यही वजह है कि एक ही देश में पेट्रोल की कीमतों में कई रुपये तक का अंतर देखने को मिलता है।

आज के ताजा आंकड़ों के अनुसार, देश के विभिन्न राज्यों में पेट्रोल की कीमतों में उल्लेखनीय अंतर दर्ज किया गया है। जहां कुछ राज्यों में पेट्रोल 113 रुपये प्रति लीटर से अधिक बिक रहा है, वहीं कुछ राज्यों में यह 94 रुपये प्रति लीटर से भी कम है। आइए विस्तार से समझते हैं कि किस राज्य में क्या दर है और इसके पीछे क्या कारण हो सकते हैं।

सबसे महंगे पेट्रोल वाले राज्य
ताजा सूची के अनुसार, आंध्र प्रदेश में पेट्रोल की कीमत 113.03 प्रति लीटर है, जो देश में सबसे अधिक है। इसके बाद तेलंगाना (110.89) और केरल (110.58) का स्थान आता है। मध्य प्रदेश (109.71), पश्चिम बंगाल (108.70) और बिहार (108.55) में भी पेट्रोल 108 रुपये से ऊपर बिक रहा है।

इन राज्यों में पेट्रोल की ऊंची कीमतों का प्रमुख कारण राज्य सरकार द्वारा लगाया जाने वाला वैट और अन्य स्थानीय कर हैं। इसके अतिरिक्त, कुछ राज्यों में परिवहन लागत और डीलर कमीशन भी कीमतों को प्रभावित करते हैं। परिणामस्वरूप, आम उपभोक्ता को अधिक राशि चुकानी पड़ती है।
100 से 107 रुपये के बीच पेट्रोल
राजस्थान (107.97), महाराष्ट्र (106.68), सिक्किम (106.50) और कर्नाटक (106.21) जैसे राज्यों में पेट्रोल 106–107 रुपये के आसपास बिक रहा है। वहीं ओडिशा (104.19), तमिलनाडु (103.67) और छत्तीसगढ़ (103.56) में कीमतें 103–104 रुपये के दायरे में हैं।

पूर्वोत्तर राज्यों में भी कुछ स्थानों पर पेट्रोल 100 रुपये से अधिक है। उदाहरण के लिए मणिपुर (102.28), मिजोरम (102.11) और असम (101.21) में दरें 101–102 रुपये के बीच दर्ज की गई हैं। पंजाब (101.19), झारखंड (100.84) और त्रिपुरा (100.61) में भी कीमतें 100 रुपये से ऊपर हैं।
हालांकि इन राज्यों में दरें शीर्ष राज्यों की तुलना में थोड़ी कम हैं, फिर भी 100 रुपये से अधिक का स्तर उपभोक्ताओं के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है।

100 रुपये से कम वाले राज्य
अब यदि उन राज्यों की बात करें जहां पेट्रोल 100 रुपये से कम में उपलब्ध है, तो नागालैंड (99.97), जम्मू और कश्मीर (99.83), गोवा (99.76) और हरियाणा (₹98.95) प्रमुख हैं। मेघालय (98.86) और हिमाचल प्रदेश (98.31) भी इसी श्रेणी में आते हैं।

गुजरात में पेट्रोल 97.95 प्रति लीटर है, जबकि दिल्ली में यह 97.77 प्रति लीटर दर्ज किया गया है। उत्तर प्रदेश (97.55) और उत्तराखंड (96.23) में दरें इससे भी थोड़ी कम हैं। सबसे कम कीमत अरुणाचल प्रदेश में 93.88 प्रति लीटर दर्ज की गई है, जो वर्तमान सूची में सबसे सस्ती दर है।
यह अंतर दर्शाता है कि कर नीति और राज्य सरकारों की राजस्व रणनीति पेट्रोल की अंतिम कीमत को किस प्रकार प्रभावित करती है।
पेट्रोल की कीमतों में अंतर के कारण
भारत में पेट्रोल की कीमतें कई कारकों पर निर्भर करती हैं। सबसे पहले, कच्चे तेल की अंतरराष्ट्रीय कीमतें महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। इसके अलावा, केंद्र सरकार द्वारा लगाया जाने वाला उत्पाद शुल्क (Excise Duty) और राज्य सरकारों का वैट सीधे तौर पर अंतिम खुदरा मूल्य को प्रभावित करता है।

इसके साथ ही, परिवहन लागत, डीलर कमीशन और स्थानीय अधिभार भी कीमतों में अंतर पैदा करते हैं। उदाहरण के लिए, दूरदराज या पहाड़ी क्षेत्रों में परिवहन लागत अधिक होने के कारण दरें अपेक्षाकृत ज्यादा हो सकती हैं। वहीं कुछ राज्य उपभोक्ताओं को राहत देने के लिए वैट में कटौती भी करते हैं।
आम जनता पर पड़ा प्रभाव
पेट्रोल की कीमतों में बदलाव का असर केवल वाहन चालकों तक सीमित नहीं रहता। दरअसल, परिवहन लागत बढ़ने से वस्तुओं और सेवाओं की कीमतों पर भी प्रभाव पड़ता है। फलस्वरूप महंगाई दर में वृद्धि हो सकती है। इसलिए राज्यवार पेट्रोल कीमतें आर्थिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण मानी जाती हैं।

हालांकि कुछ राज्यों में कीमतें अपेक्षाकृत कम हैं, फिर भी 95 से 110 रुपये के बीच का दायरा आम उपभोक्ताओं के लिए चुनौतीपूर्ण माना जाता है। ऐसे में सरकारों से करों में संतुलन बनाने और उपभोक्ताओं को राहत देने की अपेक्षा की जाती है।

कुल मिलाकर, भारत में राज्यवार पेट्रोल कीमतें कर ढांचे और स्थानीय नीतियों के आधार पर भिन्न-भिन्न हैं। जहां आंध्र प्रदेश और तेलंगाना जैसे राज्यों में पेट्रोल 110 रुपये से ऊपर है, वहीं अरुणाचल प्रदेश, उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश जैसे राज्यों में अपेक्षाकृत कम दरें दर्ज की गई हैं।

इस प्रकार, यदि आप यात्रा की योजना बना रहे हैं या अपने राज्य की आर्थिक स्थिति को समझना चाहते हैं, तो राज्यवार पेट्रोल कीमतों पर नजर रखना उपयोगी हो सकता है। आने वाले समय में अंतरराष्ट्रीय बाजार और कर नीतियों के अनुसार इन दरों में बदलाव संभव है। इसलिए नियमित रूप से अपडेट रहना आवश्यक है।



