कानपुर: 25-25 हजार के इनामी दंपति को किया गया गिरफ्तार, निवेश के नाम पर करते थे लाखों की ठगी

रिपोर्ट – शुभम शर्मा
कानपुर: कमिश्नरेट पुलिस को एक महत्वपूर्ण सफलता हाथ लगी है। रेल बाजार थाना क्षेत्र में दर्ज धोखाधड़ी के मामले में लंबे समय से फरार चल रहे 25-25 हजार रुपये के इनामी दंपति को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। यह कार्रवाई सुनियोजित अभियान के तहत की गई, जिसमें कई वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में टीम ने मुजफ्फरनगर जनपद से दोनों को हिरासत में लिया।

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, आरोपित दंपति पर निवेश और व्यापार के नाम पर लोगों से धन उगाही करने का आरोप है। शुरुआती जांच में सामने आया है कि इनके खिलाफ उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों के साथ-साथ अन्य राज्यों में भी मामले दर्ज हैं।
वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश में चला अभियान
जानकारी के मुताबिक, पुलिस आयुक्त कानपुर नगर के पर्यवेक्षण में संयुक्त पुलिस आयुक्त (अपराध), पुलिस उपायुक्त (अपराध), पुलिस उपायुक्त पूर्वी, अपर पुलिस उपायुक्त (अपराध/पूर्वी) और सहायक पुलिस आयुक्त के निर्देशन में अपराधियों के खिलाफ विशेष अभियान चलाया जा रहा था।

इसी क्रम में रेल बाजार थाने में दर्ज मुकदमे में वांछित अभियुक्त संजय तिवारी उर्फ त्रिपाठी उर्फ पंडित और उसकी पत्नी शिवांगी तिवारी उर्फ संगीता की तलाश की जा रही थी। दोनों पर 25-25 हजार रुपये का इनाम घोषित था। लगातार निगरानी और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पुलिस टीम ने मुजफ्फरनगर से दोनों को गिरफ्तार करने में सफलता प्राप्त की।
निवेश और व्यापार के नाम पर ठगी का आरोप
पुलिस के अनुसार, आरोपी दंपति लोगों को निवेश और व्यापार के आकर्षक प्रस्ताव देकर झांसे में लेते थे। वे दुकान खुलवाने, माल की आपूर्ति और बिक्री पर कमीशन दिलाने का भरोसा दिलाते थे।

शुरुआत में विश्वास जीतने के लिए कुछ औपचारिकताएं पूरी की जाती थीं, जिससे पीड़ितों को भरोसा हो जाता था। इसके बाद बड़ी रकम ली जाती और फिर तय शर्तों के अनुसार माल की आपूर्ति बंद कर दी जाती थी। अंततः संपर्क तोड़कर आरोपी फरार हो जाते थे।

रेलाबाजार थाने में दर्ज मामले में आरोप है कि दंपति ने एक वादी से करीब 2.50 लाख रुपये की ठगी की थी।
कई जिलों और राज्यों में दर्ज हैं मुकदमे
पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, संजय तिवारी के खिलाफ कानपुर नगर, कुशीनगर, गोंडा और उत्तराखंड के ऊधमसिंह नगर समेत कई स्थानों पर धोखाधड़ी और अन्य गंभीर धाराओं में मुकदमे दर्ज हैं।

इसी प्रकार शिवांगी तिवारी के खिलाफ भी विभिन्न जिलों में आपराधिक मामले दर्ज पाए गए हैं। इससे स्पष्ट होता है कि यह गिरोह लंबे समय से सक्रिय था और कई लोगों को आर्थिक नुकसान पहुंचा चुका है।
हालांकि पुलिस अब इन मामलों की विस्तृत जांच कर रही है ताकि पीड़ितों की संख्या और संभावित नेटवर्क का पता लगाया जा सके।
पुलिस टीम की रही अहम भूमिका
इस गिरफ्तारी में रेल बाजार थाना प्रभारी अमान सिंह के नेतृत्व में गठित विशेष टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही। टीम में उपनिरीक्षक संदीप शर्मा, कांस्टेबल रविंद्र कुमार और महिला कांस्टेबल पूजा रानी शामिल थे।

पुलिस अधिकारियों ने टीम के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि लगातार प्रयास और तकनीकी निगरानी के कारण यह सफलता संभव हो सकी।
विधिक कार्रवाई पूरी कर भेजा न्यायालय
गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ विधिक प्रक्रिया पूरी की। इसके पश्चात उन्हें न्यायालय में पेश किया गया, जहां से आगे की कार्रवाई की जा रही है।

पुलिस का कहना है कि पूछताछ के दौरान अन्य संभावित मामलों और सहयोगियों के बारे में भी जानकारी जुटाई जा रही है। यदि किसी अन्य व्यक्ति की संलिप्तता सामने आती है तो उसके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।
नागरिकों को सतर्क रहने की सलाह
पुलिस अधिकारियों ने आम नागरिकों से अपील की है कि निवेश या व्यापार से जुड़े किसी भी प्रस्ताव को स्वीकार करने से पहले पूरी जांच-पड़ताल अवश्य करें। आकर्षक लाभ और त्वरित मुनाफे के वादों से सतर्क रहना आवश्यक है।

कानून विशेषज्ञों का मानना है कि डिजिटल युग में धोखाधड़ी के तरीके बदलते जा रहे हैं, इसलिए जागरूकता ही सबसे बड़ा बचाव है।
अपराध के खिलाफ अभियान जारी
पुलिस आयुक्तालय की ओर से स्पष्ट किया गया है कि अपराध और अपराधियों के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा। इनामी और वांछित अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए विशेष टीमें गठित की गई हैं।

इसके साथ ही पुलिस का उद्देश्य यह भी है कि आर्थिक अपराधों पर सख्ती से अंकुश लगाया जाए, ताकि आम नागरिकों का विश्वास बना रहे।

कानपुर रेल बाजार इनामी दंपति गिरफ्तारी मामले में पुलिस की यह कार्रवाई अपराध के खिलाफ सख्त संदेश देती है। निवेश और व्यापार के नाम पर ठगी जैसे मामलों में सतर्कता और त्वरित कार्रवाई आवश्यक है।



